Saturday, February 07, 2026

मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशल क्षेम पर दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ- फरवरी 2026

 प्रिया  गुसाईं प्रवक्ता एस सी ई आर टी उत्तराखंड 

ओरोवैली आश्रम, रायवाला में हुआ महत्वपूर्ण आयोजन

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशल क्षेम विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ ओरोवैली आश्रम, रायवाला में गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अकादमिक निदेशक बन्दना गर्ब्याल, एनसीईआरटी के प्रो. विनोद शनवाल तथा स्वामी वहृमदेव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

मनोदर्पण कार्यक्रम : 

अपने संबोधन में मनोदर्पण कार्यक्रम प्रभारी प्रो. विनोद सनवाल ने बताया कि मनोदर्पण प्रकोष्ठ की स्थापना शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा की गई है। इसका प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य और कुशल क्षेम पर कार्य करना तथा समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 काल में मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता को गंभीरता से महसूस किया गया, जिसके परिणामस्वरूप मनोदर्पण कार्यक्रम का आरंभ टेली-हेल्पलाइन सुविधा के माध्यम से किया गया। इस सेवा के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को काउंसलिंग प्रदान की जाती है।
एनसीईआरटी द्वारा संचालित मनोदर्पण श्रृंखला के अंतर्गत “सहयोग” एवं “परिचर्चा” जैसे कार्यक्रम पीएम ई-विद्या चैनल पर प्रसारित किए जाते हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि मानसिक स्वास्थ्य स्तर की पहचान यदि बाल्यावस्था में ही हो जाए, तो समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सकता है।

कार्यक्रम में स्वामी वहृमदेव ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि मानव बुद्धि का निरंतर विकास हो रहा है। सकारात्मक सोच के माध्यम से हम प्रकृति के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अध्यात्म के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया जा सकता है और यह मूल्य विद्यार्थियों को भी सिखाए जाने चाहिए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव हो सके।

निदेशक बन्दना गर्ब्याल ने अपने संबोधन में कहा कि परिषद विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सतत रूप से कार्य कर रही है। इस विषय पर परिषद द्वारा एक प्रकाश पत्रिका का प्रकाशन भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का सीधा प्रभाव व्यक्ति की कार्यक्षमता पर पड़ता है। कार्यशाला में प्राप्त प्रशिक्षण को शिक्षक एवं प्रशासनिक स्तर के मेंटर विद्यालयों तक ले जाएंगे, जिससे छात्र-छात्राएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में मानसिक स्वास्थ्य और हैप्पीनेस पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में संचालित “आनन्दम कार्यक्रम” से भी विद्यार्थियों को सकारात्मक लाभ प्राप्त हो रहा है।

कार्यक्रम में अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक अजीत भंडारी, उप समग्र शिक्षा निदेशक अंजुम फातिमा सहित अनेक अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन भगवती प्रसाद मेंदोली द्वारा किया गया तथा एससीईआरटी उत्तराखंड की टीम ने आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।