Thursday, February 05, 2026

SCERT उत्तराखंड सभागार में PPC 2026 का प्रसारण

 

NEP 2020 उन्मुखीकरण एवं प्रधानमंत्री–छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन

SCERT उत्तराखंड के सभागार में आज शैक्षिक वातावरण उस समय विशेष रूप से जीवंत हो उठा, जब परीक्षा पे चर्चा (PPC) 2026 का सजीव प्रसारण SCERT के संकाय सदस्यों एवं राज्य भर से आए शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के उद्देश्यों और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शैक्षिक दृष्टिकोण से सभी को जोड़ने के उद्देश्य से संपन्न हुआ।

इस अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से आए 200 से अधिक विद्यालय प्रधानाचार्यों ने NEP 2020 उन्मुखीकरण एवं समीक्षा बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों ने सभागार में PPC 2026 का सजीव प्रसारण देखा और उसमें प्रस्तुत विचारों पर गहन चिंतन किया।

PPC 2026: संवाद, आत्मविश्वास और परीक्षा सुधार

परीक्षा पे चर्चा 2026 में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत “अनुभव और संवाद” आधारित दृष्टिकोण को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस संवाद के माध्यम से छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को यह संदेश दिया गया कि परीक्षाओं को भय के रूप में नहीं, बल्कि सीखने, आत्ममूल्यांकन और आत्मविश्वास निर्माण के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य, समय प्रबंधन, जिज्ञासा, सकारात्मक सोच एवं समग्र विकास जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया, जो NEP 2020 के मूल स्तंभ हैं। इस सजीव प्रसारण ने विद्यालय नेतृत्व को इन विचारों को कक्षा शिक्षण, विद्यालयी वातावरण एवं छात्र मार्गदर्शन में लागू करने के लिए प्रेरित किया।

वरिष्ठ शैक्षिक नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर SCERT उत्तराखंड के अपर निदेशक पद्मेन्द्र सकलानी एवं सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। दोनों अधिकारियों ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए परीक्षा पे चर्चा 2026 की अवधारणा, उद्देश्य एवं निरंतरता पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि PPC केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किया गया एक राष्ट्रीय शैक्षिक अभियान है, जिसका उद्देश्य परीक्षा-केंद्रित तनाव को कम कर शिक्षा को अधिक मानवीय, आनंददायक और छात्र-केंद्रित बनाना है। उन्होंने प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे PPC 2026 की भावना को अपने विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करें।

NEP 2020 उन्मुखीकरण: विद्यालय नेतृत्व का सशक्तिकरण

बड़ी संख्या में प्रधानाचार्यों की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि विद्यालय नेतृत्व का क्षमता निर्माण NEP 2020 के सफल क्रियान्वयन के लिए अत्यंत आवश्यक है। बैठक में योग्यता-आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम, छात्र कल्याण एवं तनाव-मुक्त मूल्यांकन जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।

SCERT उत्तराखंड सभागार में PPC 2026 का प्रसारण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि शिक्षकों और शैक्षिक अधिकारियों के लिए सामूहिक सीख और आत्मचिंतन का मंच सिद्ध हुआ। इस कार्यक्रम ने यह संदेश सशक्त रूप से स्थापित किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि आत्मविश्वासी, संवेदनशील और जिज्ञासु नागरिकों का निर्माण है।

डायट को अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र बनाने की दिशा में दो दिवसीय कार्यशाला

 

दिनांक : 4-5 फरवरी 2026 स्थान : एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) को अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड एवं स्टरलाईट एडइंडिया फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ।

कार्यशाला का उद्देश्य

इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य डायट संस्थानों का संस्थागत सुदृढ़िकरण करना है ताकि उन्हें अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में स्थापित किया जा सके। प्रतिभागियों के लिए यह मंच विजनिंग, क्षमता संवर्द्धन और नवीनतम शैक्षिक मानकों को अपनाने का अवसर प्रदान कर रहा है।

उद्घाटन सत्र की प्रमुख बातें

  • पदमेन्द्र सकलानी (अपर निदेशक, एस.सी.ई.आर.टी.) ने प्रतिभागियों से अपेक्षा व्यक्त की कि कार्यशाला से डायट को उत्कृष्टता केन्द्र बनाने की ठोस रूपरेखा तैयार होगी।

  • सोनाक्षी अग्रवाल (निदेशक, स्टरलाईट एडइंडिया फाउण्डेशन) ने कहा कि इस साझेदारी से राज्य में बेहतर अकादमिक संस्कृति विकसित होगी, जिससे विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम में सुधार होगा।

  • एंटनी नेलिसेरी, डॉ. सुबीर शुक्ला एवं निरूपमा शर्मा ने स्पष्ट विजन निर्माण और नीतिगत इरादों को दैनिक अभ्यास में शामिल करने पर बल दिया।

  • डॉ. के.एन. बिजल्वाण (सहायक निदेशक) एवं डॉ. अजय कुमार चौरसिया (कार्यक्रम समन्वयक) ने कार्य संस्कृति को संस्थानों का अभिन्न अंग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रतिभागियों की उपस्थिति

इस अवसर पर पौड़ी डायट प्राचार्य स्वराज सिंह तोमर, रूड़की डायट प्राचार्य मेराज अहमद, परिषद से डॉ. राकेश चन्द्र गैरोला, डॉ. बी.पी. मैदोली, डॉ. रंजन भट्ट, शुभ्रा सिंहल, मनोज बहुगुणा, सुशील चन्द्र गैरोला, डॉ. मनोज शुक्ला, अखिलेश डोभाल, देवराज राणा, अरुण थपलियाल तथा डायट से डॉ. हेम जोशी, अरविन्द सिंह चौहान, रमेश बड़ोनी, डॉ. विमल थपलियाल, ललित तिवारी, टीना मोहन, प्रेरणा बहुगुणा उपस्थित रहे। स्टरलाईट एडइंडिया फाउण्डेशन से राज्य प्रमुख भारती गुप्ता एवंतनुज भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

यह कार्यशाला उत्तराखण्ड में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डायट संस्थानों को अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित करने की यह पहल न केवल शिक्षकों और संकाय सदस्यों की क्षमता को सुदृढ़ करेगी बल्कि विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को भी बेहतर बनाएगी।

Wednesday, February 04, 2026

मिशन कर्मयोगी पोर्टल हेतु क्षमता आवश्यकता विश्लेषण( CNA) पर राज्य स्तरीय बैठक आयोजित

 

उत्तराखंड राज्य में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं राज्य-स्तरीय Annual Capacity Building Plan (ACBP) के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत क्षमता आवश्यकता विश्लेषण (Capacity Need Analysis) विषय पर एक राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक बन्दना गर्ब्याल निदेशक अकादमिक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य के सभी जनपदों से शिक्षा विभाग के अधिकारी सम्मिलित हुए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपदों में कार्यरत अधिकारियों एवं विद्यालयों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं की पहचान करना था, ताकि मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर पूरे राज्य का एक समेकित एवं व्यावहारिक ACBP तैयार कर अपलोड किया जा सके तथा भविष्य की प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास गतिविधियों की स्पष्ट रूपरेखा बनाई जा सके।

इस क्रम में बैठक के दौरान पाँच प्रमुख फील्ड्स पर आधारित ट्रेनिंग नीड असेसमेंट के लिए एक गूगल फॉर्म साझा किया गया। सभी जनपदों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने जनपदों के विद्यालयों एवं शिक्षा अधिकारियों से प्रशिक्षण आवश्यकताओं का संकलन कर निर्धारित समयावधि में उपलब्ध कराएँ, जिससे डेटा-आधारित और आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण योजनाएँ विकसित की जा सकें।

बैठक का सफल मॉडरेशन उपनिदेशक  पंकज शर्मा द्वारा किया गया। वहीं बैठक का संचालन  पंकज शर्मा एवं तकनीकी तौर पर रमेश बडोनी, प्रवक्ता, एस.सी.ई.आर.टी. के संयुक्त प्रयास से किया गया।

 मिशन कर्मयोगी के योजना विकास एवं परामर्श के उद्देश्य से इस बैठक में माध्यमिक शिक्षा से सलहाकार   मदन मोहन जोशी, उप निदेशक शैलेन्द्र सिंह, प्रोफेशनल विनय ध्यानी,  जसवंत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञगण भी उपस्थित रहे। सभी ने मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत क्षमता निर्माण को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर अपने विचार साझा किए।

यह बैठक राज्य में क्षमता निर्माण को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी, जिससे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत शिक्षा विभाग के 89 अधिकारियों एवं कार्मिकों की दक्षता में गुणात्मक वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।

परीक्षा का तनाव नहीं, आत्मविश्वास का उत्सव! परीक्षा पे चर्चा 2026

परीक्षा पे चर्चा 2026
परीक्षा उत्सव को जीवन उत्सव बनाएं!

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से सीधे संवाद का सुनहरा अवसर —
जहाँ छात्र, शिक्षक और अभिभावक पाएँगे
✔️ परीक्षा का तनाव दूर करने के टिप्स
✔️ प्रेरणा, मार्गदर्शन और आत्मबल
✔️ सीखने को उत्सव बनाने की प्रेरणा

🗓️ दिनांक: 06 फरवरी 2026
समय: प्रातः 10 बजे
लाइव प्रसारण | देशव्यापी सहभागिता

आइए, बनें भारत के सबसे बड़े लर्निंग फेस्टिवल का हिस्सा!

अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें: InnovateIndia.MyGov.in
या QR कोड स्कैन करें 

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Tuesday, February 03, 2026

“रतब्याणी : भोर का समय” का तृतीय अंक लॉन्च

डिजिटल नवाचार, शैक्षिक चिंतन और वैश्विक पाठकों तक पहुँच

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) उत्तराखंड के आईटी विभाग द्वारा प्रकाशित ई-मैगज़ीन रतब्याणी : भोर का समय” का तृतीय अंक (Volume–3) औपचारिक रूप से लॉन्च कर दिया गया है। इस द्विवार्षिक (Bi-Annual) ई-मैगज़ीन का विमोचन निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखंड – बंदना गर्ब्याल द्वारा किया गया।

रतब्याणी : भोर का समय” केवल एक ई-मैगज़ीन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विद्यालयी शिक्षा में हो रहे नवाचारों, डिजिटल पहलों, शोध, अनुभवों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों का एक सशक्त मंच बनकर उभरी है। इसका तृतीय अंक इस बात का प्रमाण है कि राज्य की शैक्षिक व्यवस्था तकनीक-समर्थित, नवाचार-केंद्रित और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप निरंतर आगे बढ़ रही है –

रतब्याणी “भोर का समय” Vol 3: में शिक्षा के विविध और समसामयिक आयामों को समाहित किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं—

  • ICT एवं AI आधारित समावेशी शिक्षा पहलें
  • MOOC 2.0 के अंतर्गत 47,000+ शिक्षकों की भागीदारी और उपलब्धियाँ
  • Innovate Uttarakhand Hackathon 2.0 और छात्रों-शिक्षकों के नवाचारी समाधान
  • Mission Karmayogi एवं Capacity Building Units (CBU)
  • DIKSHA पोर्टल हेतु ई-कंटेंट निर्माण पर शोध लेख
  • विद्यालयी नवाचार, श्रेष्ठ शैक्षिक अभ्यास, शोध आलेख, साहित्यिक रचनाएँ एवं अनुभव आधारित लेख

डॉ के एन बीजलवाण सहायक निदेशक ने समीक्षक के रूप मे कहा कि यह अंक रतब्याणी “भोर का समय” Vol 3 -शैक्षिक शोध, नीति, व्यवहार और तकनीक के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण करता है, जिससे शिक्षक, विद्यार्थी, शैक्षिक प्रशासक और शोधार्थी सभी लाभान्वित होते हैं

डिजिटल, ओपन और वैश्विक पहुँच

रतब्याणी : भोर का समय” को डिजिटल OER (Open Educational Resource) के रूप में प्रकाशित किया गया है, जिससे यह दुनिया भर के पाठकों के लिए सुलभ है। यह ई-मैगज़ीन Live View और Flip Book दोनों स्वरूपों में उपलब्ध है, जिससे पाठकों को एक इंटरैक्टिव और आधुनिक पठन अनुभव प्राप्त होता है।

ई-मैगज़ीन को Innovate Uttarakhand Portal पर देखा जा सकता है:
 https://innovateuttarakhand.com/magazine/

निदेशक गर्ब्याल  द्वारा अपने संदेश में SCERT उत्तराखंड के आईटी विभाग, संपादकीय टीम और शिक्षकों के सतत प्रयासों की सराहना की गई है। यह ई-मैगज़ीन राज्य की डिजिटल शिक्षा यात्रा, नवाचार संस्कृति और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक संवाद को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का माध्यम बन रही है रतब्याणी “भोर का समय” Vol 3

अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी ने कहा कि द्विवार्षिक रूप से प्रकाशित “रतब्याणी : भोर का समय” का तृतीय अंक न केवल SCERT उत्तराखंड की उपलब्धियों का दस्तावेज़ है, बल्कि यह भविष्य की शिक्षा के लिए विचार, नवाचार और प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत भी है। यह ई-मैगज़ीन शिक्षक-समुदाय, विद्यार्थियों और शिक्षा-प्रेमियों के लिए संवाद और ज्ञान-विस्तार का एक विश्वसनीय डिजिटल मंच बन चुकी है।