दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर | 24 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा विद्यालय स्तर पर सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से 24 से 27 अक्टूबर 2026 तक चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर में किया जा रहा है। कार्यशाला का मुख्य विषय "सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा" है, जिसके अंतर्गत शिक्षकों को सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों, व्यवहारिक सावधानियों एवं विद्यालय आधारित जागरूकता गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
कार्यशाला का संचालन राज्य समन्वयक विनय थपलियाल के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसके सफल आयोजन एवं प्रशिक्षण गतिविधियों में एससीईआरटी उत्तराखंड के प्रवक्ता अखिलेश डोभाल एवं प्रवक्ता संजय भट्ट का विशेष योगदान है।
इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों से डायट प्रवक्ता एवं शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। इन्हें मास्टर ट्रेनर्स के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि वे अपने-अपने जनपदों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित और जागरूक कर सकें।
राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने बताया कि कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से संबंधित दस महत्वपूर्ण मॉड्यूल पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें सड़क सुरक्षा का महत्व, यातायात संकेतक, सुरक्षित यातायात के दिशानिर्देश, सड़क के प्रकार एवं रोड मार्किंग, वाहन चालकों के लिए सावधानियाँ, सड़क दुर्घटनाओं के कारण एवं बचाव, नागरिक कर्तव्य, मोटर वाहन अधिनियम 1988 एवं संशोधन 2019, वाहन पंजीकरण तथा ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त सड़क सुरक्षा शपथ, विद्यालय स्तरीय कार्ययोजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन, सड़क सुरक्षा कॉर्नर की स्थापना, मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) तथा आवश्यक संदर्भ सामग्री पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह चर्चा, व्यवहारिक उदाहरण एवं वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के माध्यम से प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जा रहा है।
कार्यशाला के अंतर्गत आरटीओ ऊधमसिंह नगर अरविंद पांडेय द्वारा सड़क सुरक्षा एवं मोटर वाहन अधिनियम पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने यातायात नियमों, अधिनियम में हुए संशोधनों, वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस तथा नियमों के उल्लंघन पर चालान संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग न करना, तेज गति, गलत दिशा में वाहन चलाना तथा यातायात नियमों की अनदेखी जैसी छोटी-छोटी लापरवाहियाँ गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।
कार्यशाला के प्रथम दिन शाम को परिवहन विभाग के विशेष सहयोग से दिनेशपुर के प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली आयोजित की गई।
इस दौरान प्रशिक्षु मास्टर ट्रेनर्स ने "रोको और टोको" अभियान के माध्यम से बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग तथा गलत दिशा में वाहन चलाने वाले लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया।
प्रतिभागियों ने आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। इस पहल का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई के बजाय जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करना रहा।
राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल यातायात नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यालयों में सड़क सुरक्षा को एक सतत शैक्षिक एवं सामाजिक अभियान के रूप में विकसित करना है।
प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अपने जनपदों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ-साथ विद्यालयों में सड़क सुरक्षा कॉर्नर स्थापित करने, जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करने तथा विद्यालय स्तरीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन, परिवार और समाज की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। विशेष रूप से विद्यालयी स्तर पर बच्चों में सुरक्षित यातायात की आदतें विकसित करना भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो सकता है।
उत्तराखंड में आयोजित यह राज्य स्तरीय कार्यशाला शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से सड़क सुरक्षा के संदेश को विद्यालयों, परिवारों और समुदायों तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
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