Monday, October 26, 2026

सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा: उत्तराखंड में चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स कार्यशाला -2026

 

दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर | 24 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा विद्यालय स्तर पर सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से 24 से 27 अक्टूबर 2026 तक चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर में किया जा रहा है। कार्यशाला का मुख्य विषय "सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा" है, जिसके अंतर्गत शिक्षकों को सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों, व्यवहारिक सावधानियों एवं विद्यालय आधारित जागरूकता गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

कार्यशाला का संचालन राज्य समन्वयक विनय थपलियाल के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसके सफल आयोजन एवं प्रशिक्षण गतिविधियों में एससीईआरटी उत्तराखंड के प्रवक्ता अखिलेश डोभाल एवं प्रवक्ता संजय भट्ट का विशेष योगदान है।

इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों से डायट प्रवक्ता एवं शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। इन्हें मास्टर ट्रेनर्स के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि वे अपने-अपने जनपदों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित और जागरूक कर सकें।

राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने बताया कि कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से संबंधित दस महत्वपूर्ण मॉड्यूल पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें सड़क सुरक्षा का महत्व, यातायात संकेतक, सुरक्षित यातायात के दिशानिर्देश, सड़क के प्रकार एवं रोड मार्किंग, वाहन चालकों के लिए सावधानियाँ, सड़क दुर्घटनाओं के कारण एवं बचाव, नागरिक कर्तव्य, मोटर वाहन अधिनियम 1988 एवं संशोधन 2019, वाहन पंजीकरण तथा ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त सड़क सुरक्षा शपथ, विद्यालय स्तरीय कार्ययोजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन, सड़क सुरक्षा कॉर्नर की स्थापना, मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) तथा आवश्यक संदर्भ सामग्री पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह चर्चा, व्यवहारिक उदाहरण एवं वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के माध्यम से प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जा रहा है।

कार्यशाला के अंतर्गत आरटीओ ऊधमसिंह नगर अरविंद पांडेय द्वारा सड़क सुरक्षा एवं मोटर वाहन अधिनियम पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने यातायात नियमों, अधिनियम में हुए संशोधनों, वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस तथा नियमों के उल्लंघन पर चालान संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग न करना, तेज गति, गलत दिशा में वाहन चलाना तथा यातायात नियमों की अनदेखी जैसी छोटी-छोटी लापरवाहियाँ गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।


कार्यशाला के प्रथम दिन शाम को परिवहन विभाग के विशेष सहयोग से दिनेशपुर के प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली आयोजित की गई।

इस दौरान प्रशिक्षु मास्टर ट्रेनर्स ने "रोको और टोको" अभियान के माध्यम से बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग तथा गलत दिशा में वाहन चलाने वाले लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया।

प्रतिभागियों ने आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। इस पहल का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई के बजाय जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करना रहा।

राज्य समन्वयक विनय थपलियाल ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल यातायात नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यालयों में सड़क सुरक्षा को एक सतत शैक्षिक एवं सामाजिक अभियान के रूप में विकसित करना है।

प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अपने जनपदों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ-साथ विद्यालयों में सड़क सुरक्षा कॉर्नर स्थापित करने, जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करने तथा विद्यालय स्तरीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन, परिवार और समाज की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। विशेष रूप से विद्यालयी स्तर पर बच्चों में सुरक्षित यातायात की आदतें विकसित करना भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो सकता है।

उत्तराखंड में आयोजित यह राज्य स्तरीय कार्यशाला शिक्षक प्रशिक्षण के माध्यम से सड़क सुरक्षा के संदेश को विद्यालयों, परिवारों और समुदायों तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।

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Saturday, October 24, 2026

कौशलम् कार्यक्रम: 21वीं सदी के कौशलों से सशक्त होगी उत्तराखण्ड की युवा पीढ़ी

 

गढ़वाल मंडल के कक्षा 12 के मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण देहरादून में सफलतापूर्वक सम्पन्न

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड के महत्वाकांक्षी कौशलम् कार्यक्रम के अंतर्गत गढ़वाल मंडल के कक्षा 12 हेतु मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण 22 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हुआ। यह प्रशिक्षण केवल पाठ्यवस्तु सौंपने तक सीमित नहीं था। इसका लक्ष्य विद्यार्थियों में उद्यमशील मानसिकता (Entrepreneurial Mindset), 21वीं सदी के कौशल, नवाचार, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना था।

शिक्षा का उद्देश्य: जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयारी

समापन सत्र में उपनिदेशक  विनोद सिंह मटूडा ने कहा कि आज शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन या परीक्षा में सफलता नहीं है। विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने 21वीं सदी की बदलती आवश्यकताओं के संदर्भ में इन कौशलों के विकास पर बल दिया:

  • आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking)
  • रचनात्मकता (Creativity)
  • सहयोग (Collaboration)
  • संप्रेषण (Communication)
  • नेतृत्व क्षमता
  • समस्या समाधान

उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के अनुभवों को जनपद स्तर पर शिक्षकों तक, और शिक्षकों के माध्यम से प्रत्येक कक्षा व विद्यार्थी तक पहुँचाएँ।


कौशलम्: केवल पाठ्यक्रम नहीं, सोचने और सीखने का नया तरीका

शुभारंभ सत्र में कार्यक्रम समन्वयक सुनील दत्त भट्ट, प्रवक्ता, SCERT उत्तराखण्ड ने कौशलम् की पृष्ठभूमि, आवश्यकता, उद्देश्य और संचालन प्रक्रिया पर विस्तृत सत्र लिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं है। लक्ष्य है ऐसा दृष्टिकोण विकसित करना, जिससे विद्यार्थी:

  • अवसरों की पहचान कर सकें
  • समस्याओं के समाधान खोज सकें
  • स्वतंत्र निर्णय ले सकें
  • अपने विचारों को व्यवहार में बदल सकें

प्रभावी फैसिलिटेशन पर विशेष सत्र

समापन दिवस पर  भट्ट ने प्रभावी फैसिलिटेशन (Effective Facilitation) पर सत्र लिया। इसमें सकारात्मक वातावरण निर्माण, सक्रिय सहभागिता, अनुभवात्मक गतिविधियों का संचालन, सार्थक प्रश्न पूछने की कला, चिंतन एवं प्रतिबिंबन (Reflection) और रचनात्मक फीडबैक पर चर्चा हुई।

एक प्रभावी मास्टर ट्रेनर केवल विषयवस्तु का प्रस्तुतकर्ता नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का सुगमकर्ता, प्रेरक और परिवर्तन का वाहक होता है। — सुनील दत्त भट्ट

रुचि आधारित और अनुभवात्मक अधिगम

तीन दिनों में कक्षा 12 की विषयवस्तु, रुचि आधारित अधिगम और विद्यार्थियों की अभिरुचियों के अनुरूप गतिविधियों के संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया।

मुख्य संदर्भदाताओं ने समूह कार्य, संवाद, प्रस्तुतियों और अनुभवात्मक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया:

  • गोपाल सिंह घुघत्याल
  •  सुशील गैरोला
  •  दिनेश सिंह, उद्यम लर्निंग फाउंडेशन
  •  अरविंद बिष्ट, उद्यम लर्निंग फाउंडेशन

संदर्भदाताओं ने व्यावहारिक प्रदर्शन से दिखाया कि विद्यार्थियों को उनकी रुचियों, क्षमताओं और आकांक्षाओं से जोड़कर कैसे सक्रिय सहभागी बनाया जाए। संदेश स्पष्ट था: शिक्षक केवल विषयवस्तु पूरी न करें, बल्कि विद्यार्थियों को सोचने, प्रश्न करने, निर्णय लेने और अनुभव से सीखने के अवसर दें।

स्वैच्छिक सहभागिता: प्रशिक्षण की सबसे बड़ी उपलब्धि

इस प्रशिक्षण की सबसे उत्साहजनक बात यह रही कि मास्टर ट्रेनर्स ने स्वेच्छा और रुचि के साथ (Participation by Choice) भाग लिया। समूह गतिविधियों में उनकी सक्रियता और नए विचारों को अपनाने की तत्परता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

समापन पर सभी मास्टर ट्रेनर्स ने दो संकल्प लिए:

  1. अपने जनपदों में DIETs के माध्यम से होने वाले शिक्षक प्रशिक्षणों को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना।
  2. कौशलम् की मूल अवधारणा और गतिविधियों को विद्यालयों की कक्षाओं तक पहुँचाना, ताकि विद्यार्थियों को इसका वास्तविक लाभ मिले।

प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता तभी होगी, जब इसके अनुभव शिक्षकों के व्यवहार में और उनके माध्यम से विद्यार्थियों की सोच व कार्यशैली में दिखाई देंगे।

हैकथॉन: नवाचार और समस्या समाधान की संस्कृति

अंतिम सत्र में SCERT के आईटी विभाग से  रमेश बडोनी ने आगामी हैकथॉन (Hackathon) की जानकारी दी। उन्होंने हैकथॉन की अवधारणा, उद्देश्य और नवाचार में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स से आह्वान किया कि वे:

  • अधिक से अधिक विद्यार्थियों को हैकथॉन से जोड़ें
  • स्वयं भी नए विचारों के साथ पंजीकरण करें
  • विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें

बडोनी के अनुसार ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मक चिंतन, टीमवर्क, तकनीकी समझ और वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने की क्षमता विकसित करते हैं।

प्रशिक्षण से कक्षा-कक्ष तक

विविध गतिविधियों, अनुभवात्मक अभ्यासों और समूह प्रस्तुतियों के साथ यह प्रशिक्षण अपने उद्देश्यों के अनुरूप सम्पन्न हुआ। इसने मास्टर ट्रेनर्स की विषयगत समझ और फैसिलिटेशन क्षमता को सुदृढ़ किया, और उनकी भूमिका व उत्तरदायित्व भी स्पष्ट किए।

कौशलम् के माध्यम से उत्तराखण्ड की विद्यालयी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, जीवनोपयोगी और कौशल आधारित बनाने का प्रयास जारी है।

विद्यार्थी केवल अवसरों की प्रतीक्षा करने वाले न बनें, बल्कि अपनी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और उद्यमशील सोच से नए अवसरों का सृजन करें।

#कौशलम् #SCERTUttarakhand #21stCenturySkills #EntrepreneurialMindset #Hackathon

Friday, October 23, 2026

MOOC 4.0 Workshop Concludes at SCERT Uttarakhand

 

From 21 to 23 October 2026, school teachers, DIET and SCERT faculty, university professors, and partners from industry and civil society worked together, both offline and online. Their aim was to build the next set of free online courses for teachers and students of Uttarakhand on the e-Srijan platform.

MOOC 4.0 builds on the success of the earlier AI-ICT MOOCs. Those courses won the SKOCH Award 2026 (Gold, Education) and were featured as a case study in a UNESCO IITE guide for educators.

Three days, three milestones

  1. Day 1 – Framework design. We oriented subject matter experts (SMEs) and reviewers, then designed the common MOOC 4.0 course framework: modules, learning outcomes, activities, assessments and certification.
  2. Day 2 – Course distribution and team building. Experts were matched to courses based on the areas they chose. Every course got its own team of SMEs and a reviewer.
  3. Day 3 – Curriculum and final draft. Each team shared and refined its curriculum. By the closing session, the final draft of every course was almost complete.

New partners join hands.

For the first time, organizations from industry and civil society are co-creating online courses with SCERT Uttarakhand for the state's teachers and students.

  • Kotak Education Foundation, represented by Deepak Pathak (Sr. Manager)
  • Shine Avi Publication / Myra Care Foundation, represented by Anita Sharma (Director)
  • Honda Motorcycle and Scooter India, represented by Dhruv Goswami (External Affairs Manager)

Their field experience in teacher development, inclusive education, and road safety will help keep the courses practical and close to real classrooms.

Eight courses, eight teams

MOOC 4.0 has eight courses. Each has a team of six or seven experts, and every expert works on a course they chose.

Forty-experts and the course coordinator took part in the workshop, offline at SCERT Uttarakhand and online.

Name

Designation

Institution

R P Badoni

Course Coordinator, IT Faculty

SCERT Uttarakhand

Aasheesh Raturi

Assistant Professor

Dolphin PG Institute of Biomedical and Natural Sciences, Dehradun

Ajay Pal Singh Negi

Assistant Teacher

GMPS Lalotna, Jaunpur, Tehri

Dr Ajay Semalty

Associate Professor

HNB Garhwal University, Srinagar Garhwal

Alpa Nigam

Head Teacher

Primary School Tilauli, Sardar Nagar, Gorakhpur

Anita Sharma

Director

Myra Care Foundation / Shine Avi Publication

Anju Dahiya

Lecturer, Chemistry

GGSSS Bhatgaon

Ankit Joshi

Assistant Teacher (LT)

GIC Nai

Anni Kumar

HoD Computer Science

Bal Vikas Bharati Public School

Ashutosh Pratap Singh

Headmaster In-charge

GPS Sinlekh

Atul Bamrara

Assistant Teacher

GPS Chaunrkhal, Pabau

Bergin G

PGT Physics

GBHSS Sayalgudi

Bhaskar Joshi

Headteacher

GPS Mateela, Dhura, Tarikhet, Almora

Bhupal Singh Negi

Lecturer

GIET, U S Nagar

Dr Chandni Agarwal

Head, Computer Science

Maharaja Agrasen Model School

Daulat Singh Gusain

Lecturer

GIC Sauli

Deepak Pathak

Sr. Manager

Kotak Education Foundation

Dhruv Goswami

External Affairs Manager

Honda Motorcycle and Scooter India

Ishteyaaq Ahmad

Asst. Professor

University of Petroleum and Energy Studies, Dehradun

Jagdamba Prasad Dobhal

Assistant Teacher, Mathematics

GIC Uppu, Tehri Garhwal

Prof. Kiran Lata Dangwal

Professor

University of Lucknow

Kshama Rakesh Kaushik

Chief Functionary and Secretary

Rajasthan Mahila Kalyan Mandal

Manish Bhatt

IT Consultant

Proponent Technologies Pvt. Ltd.

Manodhar Kumar Nainwal

Headmaster

GPS Malaun

Manoj Kishore Bahuguna

Programme Coordinator (NEP)

SCERT Uttarakhand

Mohammad Imran Khan Mewati

National Awardee Teacher

Govt. Maharaj Acharya College, Jaipur

Naveen Gupta

Head, ICT Department

St. Mark's Sr Sec Public School, Meera Bagh

Neeta Mishra

TGT

Surendranath Centenary School, Ranchi

Pradeep Negi

Lecturer

GIC BHEL Ranipur, Haridwar

Prakash Chandra Upadhyay

Assistant Teacher (LT)

GHSS Khoonabora

Rakhi Pandey

Lecturer

DIET Dehradun

Dr Sadhana Dimri

Lecturer

SCERT Uttarakhand

Supriy Bahukhandi

Lecturer

GIC Pajitilani, Dehradun

Thuy Huong Vu

Teacher

Mahasarakham University, Thailand

Vineeta Garg

Supervisory Head

SRDAV Public School

Vinod K S Basera

Lecturer

DIET Pithoragarh

The teams will now finish their drafts, record video lessons, and build the course content. Reviewers will then check each course before it goes live on e-Srijan for teachers and students across Uttarakhand.