Thursday, April 16, 2026

13वीं राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का शुभारंभ

स्थान: डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज, मांडुवाला

तिथि: 16 अप्रैल 2026, देहरादून

13वीं राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का शुभारंभ 16 अप्रैल 2026 को देहरादून स्थित डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज, मांडुवाला में हुआ। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन द्वारा बंदना गर्ब्याल, विनोद कुमार ढोंडियाल और अरविंद गुप्ता ने किया। मुख्य अतिथि प्रो. दुर्गेश पंत थे, जबकि डॉ. के.एन. बिजल्वाण, डॉ. अवनीश उनियाल और डॉ. मनोज कुमार शुक्ला भी उपस्थित रहे।

इंस्पायर अवार्ड – मानक कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना है। विद्यार्थी अपने मौलिक विचार ऑनलाइन प्रस्तुत करते हैं जिनका मूल्यांकन राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान (NIF) द्वारा किया जाता है। चयनित विद्यार्थियों को ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

मुख्य अतिथि प्रो. दुर्गेश पंत ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढोंडियाल ने प्रदेशभर से आए 129 बाल वैज्ञानिकों का स्वागत किया और डॉल्फिन इंस्टीट्यूट का आभार व्यक्त किया।

एडिशनल डायरेक्टर के.एस. रावत ने विज्ञान, अंधविश्वास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. ज्ञानेंद्र अवस्थी ने संस्थान के शैक्षिक प्रयासों को रेखांकित करते हुए “लर्न टू अर्न” को संस्थान का मूल मंत्र बताया। बंदना गर्ब्याल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड के 13 जनपदों से चयनित 129 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रस्तुत मॉडलों का मूल्यांकन NIF से आए वैज्ञानिकों डॉ. दीप्ति जगूड़ी, डॉ. पारस, डॉ. संध्या, डॉ. राकेश जुगरान, सुनील जोशी और सुनील अग्रवाल ने किया। प्रतियोगिता में प्रस्तुत प्रमुख मॉडलों में स्मार्ट फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम, एंटी-ड्रोन रडार सिस्टम, इंप्योरिटी डिटेक्शन कप, ड्रग डिटेक्ट नेल पॉलिश, कन्वर्टिबल फैन, थ्री-लेयर डोरमैट, रूट प्लकर और एलिवेटर शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में जिलाध्यक्ष सुभाष झलडियाल, डी.एस. रौतेला, सुधीर भारती, शैलेश कुमार श्रीवास्तव, दिनेश चंद्र नौटियाल, रिचा जुयाल, संजय मौर्य, सरदार दलजीत सिंह, सुरेंद्र कुमार सहगल, आशीष डबराल, दिगंबर सिंह नेगी, पवन शर्मा, वीरेंद्र रावत, नरेश कोटनाला, राजीव अग्रवाल, स्मिता सेमवाल, स्वाति गुसाईं, सारिका सिरोही, रमन कुमार, कविता रावत, विजय द्विवेदी और राकेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।

Wednesday, April 15, 2026

एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखंड की छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया हुई ऑनलाइन: एक डिजिटल पहल



दिनांक: 15 अप्रैल 2026

शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एस.सी.ई.आर.टी.), उत्तराखंड ने छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया है। इस नई पहल का शुभारंभ आज माननीय शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा किया गया।

डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ

इस अवसर पर माननीय मंत्री जी ने कहा कि यह छात्रवृत्ति पोर्टल राज्य के लाखों विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा। इसके माध्यम से:

  • आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी
  • छात्र, अभिभावक और शिक्षक एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे
  • विद्यालय से लेकर राज्य स्तर तक मॉनिटरिंग और समीक्षा आसान होगी

👉 पोर्टल लिंक: scholarshipscert.uk.gov.in

छात्रों के लिए एकीकृत सुविधा

अब छात्रों को अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। इस पोर्टल के माध्यम से वे आसानी से निम्न जानकारी प्राप्त कर सकेंगे:

  • आवेदन की स्थिति
  • परीक्षा केंद्र
  • परीक्षा तिथियाँ
  • अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएँ

यह कदम न केवल समय की बचत करेगा बल्कि पूरी प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगा।

प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाएँ

एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखंड के छात्रवृत्ति प्रकोष्ठ द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है, जिनमें प्रमुख हैं:

कक्षा 6 एवं 9 के लिए:

  • मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति परीक्षा

कक्षा 8 के लिए:

  • राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMSS)
  • डॉ. शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति योजना (SNSS)
  • श्रीदेव सुमन छात्रवृत्ति योजना (SSSS)

इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

आई.टी.डी.ए. उत्तराखंड के सहयोग से विकसित यह पोर्टल राज्य में शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगी, बल्कि छात्रों के लिए अवसरों को भी अधिक सुलभ बनाएगी।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • बंदना गर्ब्याल (निदेशक)
  • पदमेन्द्र सकलानी (अपर निदेशक)
  • डॉ. कृष्णानन्द विजल्वाण
  • डॉ. हरीश बड़ोनी
  • राकेश सिंह रावत
  • डॉ. अनुज्ञा पैन्यूली
  • आशीष कुकरेती

एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखंड का यह ऑनलाइन छात्रवृत्ति पोर्टल शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल समावेशन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। यह न केवल छात्रों को सशक्त बनाएगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाएगा।

आज वर्चुअल लैब के माध्यम से एससीईआरटी उत्तराखंड छात्रवृत्ति पोर्टल का ओरियंटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के समस्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों तथा इंटर कॉलेजों के संस्थाध्यक्षों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों की भी सक्रिय सहभागिता रही। ओरियंटेशन के दौरान पोर्टल के विभिन्न फीचर्स, आवेदन प्रक्रिया, सत्यापन प्रणाली तथा परीक्षा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।अब समय है कि सभी शिक्षक, अभिभावक और अधिकारी मिलकर सुनिश्चित करें कि अधिक से अधिक छात्र इस सुविधा का लाभ उठाएं और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर एक कदम आगे बढ़ाएं। 

उत्तराखण्ड में मोबाइल उपयोग दिशानिर्देशों पर वर्चुअल ओरिएंटेशन कार्यक्रम

 

देहरादून, 15 अप्रैल 2026 – राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT), उत्तराखण्ड ने आज मोबाइल फोन के जिम्मेदार उपयोग संबंधी दिशानिर्देशों के प्रसार हेतु एक वर्चुअल अभिमुखीकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, देहरादून स्थित वर्चुअल लैब के माध्यम से राज्यभर के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों एवं विद्यालय प्रमुखों की सहभागिता के साथ संपन्न हुआ।

यह पहल माननीय शिक्षा मंत्री, निदेशक बन्दना गर्ब्याल एवं अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी के निर्देशन में, SCERT और स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इसका उद्देश्य शैक्षिक परिवेश में संतुलित एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना है।

  • संदर्भदाता प्रिया गुसाईं ने मोबाइल फोन को केवल भटकाव का साधन मानने के बजाय, उचित उपयोग के साथ इसे सीखने का प्रभावी उपकरण बताया।

  • प्रमुख दिशानिर्देशों में शामिल थे:

    • स्क्रीन समय सीमित करना

    • सोने से पहले मोबाइल उपयोग से बचना

    • निगरानी में उद्देश्यपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना

    • डिजिटल वेलनेस की आदतों को अपनाना

  • अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका पर विशेष बल दिया गया कि वे स्वयं जिम्मेदार व्यवहार का उदाहरण प्रस्तुत करें और बच्चों के लिए संतुलित डिजिटल दिनचर्या सुनिश्चित करें।

साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान

सहायक निदेशक के. एन. बिजल्वान ने साइबर सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ऑनलाइन बुलिंग, गोपनीयता जोखिम और अनुपयुक्त सामग्री के संपर्क जैसी चुनौतियों पर चर्चा की। शिक्षकों को तकनीक का सार्थक उपयोग करते हुए शिक्षण प्रक्रिया में समाहित करने और ऑनलाइन व ऑफलाइन शिक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर SCERT ने स्पष्ट किया कि उद्देश्य मोबाइल उपयोग को समाप्त करना नहीं, बल्कि इसे एक रचनात्मक और विकासोन्मुख साधन में परिवर्तित करना है। यह अभिमुखीकरण कार्यक्रम उत्तराखण्ड में जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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Sunday, April 12, 2026

उत्तराखंड में फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी 2026- सर्वेक्षण संपन्न

प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता के आकलन हेतु व्यापक सर्वेक्षण

उत्तराखंड राज्य में प्राथमिक शिक्षा के फाउंडेशनल स्टेज की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से “फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी 2026” के अंतर्गत 272 विद्यालयों में एक व्यापक सर्वेक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अध्ययन एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा संचालित “परख” (PARAKH) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया।

इस सर्वेक्षण में कक्षा 3 उत्तीर्ण लगभग 2705 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें विभिन्न प्रकार के विद्यालयों—राजकीय, निजी, केंद्रीय विद्यालय तथा मदरसा श्रेणी—के विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया, ताकि शिक्षा की वास्तविक स्थिति का समग्र और संतुलित आकलन किया जा सके।

अध्ययन का उद्देश्य

इस अध्ययन का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) का परीक्षण करना था। इसके अंतर्गत बच्चों की पढ़ने, लिखने, समझने और गणना करने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया।

विशेषज्ञों की राय

  • बंदना गर्ब्याल, निदेशक (अकादमिक, शोध एवं प्रशिक्षण), ने कहा कि यह सर्वेक्षण राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षण पद्धति में सुधार, शिक्षकों के प्रशिक्षण और शैक्षिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग हेतु रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी।

  • पदमेंद्र सकलानी, अपर निदेशक, SCERT, ने इस अध्ययन को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य में इस प्रकार के सर्वेक्षण शिक्षा के स्तर को संतुलित और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

Tuesday, April 07, 2026

प्रवेश उत्सव 2026-27: उत्तराखंड के विद्यालयों में नई शुरुआत का उत्सव

 तारीख: 7 अप्रैल 2026 स्थान: उत्तराखंड के सभी जनपद मुख्यालयों के विद्यालय

उत्तराखंड में 7 अप्रैल 2026 का दिन विद्यालयी शिक्षा के लिए एक विशेष उत्सव का प्रतीक बन गया, जब पूरे राज्य में “प्रवेश उत्सव” बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा की नई दुनिया में स्वागत का एक प्रेरणादायक अभियान था।

प्रवेश उत्सव का उद्देश्य

इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य था:

  • नए छात्र-छात्राओं का गर्मजोशी से स्वागत करना
  • उन्हें विद्यालयी वातावरण से परिचित कराना
  • अभिभावकों को सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति विश्वास और आकर्षण बढ़ाना

पूर्व शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने भी इस उत्सव मे अपनी उपस्थिति से सभी मे जोश भरने का काम किया । 

पूरे राज्य में एक साथ आयोजन

राज्य के सभी जनपद मुख्यालयों, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों और उनके अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में इस उत्सव का आयोजन किया गया।
इसमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:

  • निदेशक अकादमिक, बन्दना गर्ब्याल 
  • निदेशक माध्यमिक शिक्षा, डॉ  मुकुल सती 
  • निदेशक प्राथमिक शिक्षा, कंचन देवराड़ी 
  • अन्य मुख्य अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी , प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण

अधिकारियों ने अलग-अलग समूहों में विद्यालयों का भ्रमण कर नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत किया और उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित किया।

विद्यार्थियों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

कार्यक्रम के दौरान बच्चों और अभिभावकों को राज्य के विद्यालयों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं से अवगत कराया गया, जैसे:

  • 🖥️ आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लासेस
  • 📚 राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) से प्रशिक्षित शिक्षक
  • 🎮 हैकथॉन और नवाचार आधारित गतिविधियाँ
  • 🌐 ऑनलाइन कोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म
  • 📺 PM eVIDYA चैनल्स
  • 📲 दीक्षा (DIKSHA) प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-लर्निंग
  • 🎓 छात्रवृत्ति योजनाएँ और अन्य सरकारी सुविधाएँ

इन सभी पहलों का उद्देश्य कक्षा-कक्ष शिक्षण को अधिक रोचक, इंटरैक्टिव और प्रभावी बनाना है।

निदेशक अकादमिक बन्दना गर्ब्याल  एवं एस सी ई आर टी के से अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी एवं संकाय समूह ने इस अवसर पर सभी अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से अपील की कि वे:

  • नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीयता से स्वागत करें
  • उन्हें विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करें
  • अभिभावकों के साथ संवाद कर विश्वास का वातावरण बनाएँ

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक

विद्यालयों के प्रांगण में:

  • रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • स्वागत समारोह
  • छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियाँ

इन सबने उत्सव को और भी जीवंत और यादगार बना दिया।

एक नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

“प्रवेश उत्सव 2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सकारात्मक पहल है जो:

  • बच्चों के मन में विद्यालय के प्रति अपनापन पैदा करती है
  • शिक्षा के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाती है
  • नई पीढ़ी को रचनात्मक और नवाचारी बनने के लिए प्रेरित करती है

उत्तराखंड का यह सामूहिक प्रयास यह दर्शाता है कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक अनुभव है—जो स्वागत, संवाद और प्रेरणा से शुरू होता है।