उत्तराखण्ड में 22–23 अप्रैल 2026 को आयोजित मिशन कर्मयोगी/मिशन योगी कार्यशाला राज्य के प्रशासनिक एवं शैक्षिक तंत्र में क्षमता विकास (Capacity Building) की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई। राज्य कर प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, देहरादून में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने Capacity Building Plan (CBP) एवं Annual Capacity Building Plan (ACBP) 2026-27 प्रस्तुत किए।
सरकारी दिशा-निर्देश और कार्यशाला का उद्देश्य
उत्तराखण्ड शासन के कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-04 द्वारा जारी आदेश (संख्या: 387416/2025-07(07)/2022, दिनांक 15 अप्रैल 2026) के अनुसार, राज्य के सभी विभागों में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत कर्मचारियों की क्षमता को सुदृढ़ करने और iGOT प्लेटफॉर्म पर उनकी ऑनबोर्डिंग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस पहल का उद्देश्य था—
- विभागीय स्तर पर Capacity Building Plan तैयार करना
- CBC (Capacity Building Commission), भारत सरकार द्वारा विकसित IT Tool का उपयोग सीखना
- विभागों की संरचना, पदों, दायित्वों एवं आवश्यक दक्षताओं का विश्लेषण करना
- प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना
कार्यशाला में सभी विभागों से अपेक्षा की गई थी कि वे अपने-अपने पदों का विवरण, कार्य आवंटन, वेतनमान, योजनाओं, कार्यक्रमों और आवश्यक विशेषज्ञताओं के साथ सहभागी बनें।
शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग की प्रभावी प्रस्तुति
इस कार्यशाला में शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग, उत्तराखण्ड ने विशेष रूप से अपने CBP एवं ACBP 2026-27 का विस्तृत और प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। प्रस्तुति में निम्न बिंदुओं को प्रमुखता दी गई:
- शिक्षकों की डिजिटल दक्षता (ICT Integration) का विस्तार
- AI एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा
- ई-कंटेंट निर्माण और DIKSHA जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग
- निरंतर व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development - CPD)
- विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण उपकरणों का समावेशन
प्रस्तुति में यह भी स्पष्ट किया गया कि आगामी वर्षों में शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, तकनीक-संचालित और परिणाम-केंद्रित बनाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।
उच्चस्तरीय प्रस्तुति और सहभागिता
कार्यशाला में अपर सचिव एवं स्टेट नोडल अधिकारी, मिशन कर्मयोगी नवनीत पाण्डे के समक्ष विभागों ने अपनी योजनाएँ प्रस्तुत कीं। शिक्षा विभाग की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली। इस दौरान कार्यशाला मे संदर्भदाता के रूप मे ATI से नायक , बिकास और गौरव पाण्डेय के समूह ने सभी विभागों का मार्गदर्शन किया ।
इस अवसर पर— शिक्षा विभाग से उपनिदेशक पंकज शर्मा संकाय सदस्य रमेश बडोनी अंशुमन विनोद पयाल की सक्रिय सहभागिता रही, जिन्होंने प्रस्तुति को प्रभावी बनाने और विभागीय दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कार्यशाला में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत योजनाओं से यह स्पष्ट हुआ कि उत्तराखण्ड सरकार मिशन कर्मयोगी के माध्यम से प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह पहल न केवल सरकारी कर्मचारियों की क्षमता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में बेहतर सेवा वितरण और परिणाम सुनिश्चित करेगी।
मिशन योगी कार्यशाला में प्रस्तुत CBP एवं ACBP 2026-27 राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाले दस्तावेज़ के रूप में उभरकर सामने आए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत रणनीति यह दर्शाती है कि उत्तराखण्ड शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तकनीक, नवाचार और सतत प्रशिक्षण को प्राथमिकता दे रहा है।
शिक्षा विभाग ACBP 2026-27
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