Tuesday, September 01, 2026

उत्तराखंड में दक्षता-आधारित आकलन को लेकर बड़ी पहल

SCERT UTTARAKHAND | SCHOOL EDUCATION

उत्तराखंड में दक्षता-आधारित आकलन को लेकर बड़ी पहल

7 सितम्बर से कक्षा 2, 5 एवं 8 का प्रथम दक्षता-आधारित आकलन

देहरादून, 31 अगस्त 2026। विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों की वास्तविक अधिगम उपलब्धियों की पहचान तथा दक्षता-आधारित शिक्षण को विद्यालय स्तर तक प्रभावी बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। सचिव, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखंड की अध्यक्षता में 31 अगस्त 2026 को प्रदेश के समस्त DIET प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आगामी 7 सितम्बर 2026 से कक्षा 2, 5 एवं 8 के प्रथम दक्षता-आधारित आकलन की तैयारी, प्रश्नपत्र निर्माण, वितरण, डेटा-संकलन, परिणाम विश्लेषण तथा उसके आधार पर उपचारात्मक शिक्षण की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

🎯 प्रमुख उद्देश्य
आकलन को केवल परीक्षा तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों की वास्तविक दक्षताओं की पहचान करना, कमजोर क्षेत्रों पर उपचारात्मक शिक्षण देना और अगले आकलन में सुधार को मापना।

📘 रटने के बजाय दक्षता और अनुप्रयोग पर केंद्रित होगा आकलन

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रश्नपत्र केवल पाठ्यवस्तु की स्मृति जाँचने तक सीमित न रहें, बल्कि दक्षता-आधारित एवं अनुप्रयोग-आधारित हों और प्रचलित पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किए जाएँ।

कक्षा 2
10 प्रश्न
अधिकतम 1 पृष्ठ
कक्षा 5
15 प्रश्न
अधिकतम 3 पृष्ठ
कक्षा 8
20 प्रश्न
अधिकतम 4 पृष्ठ

📅 आकलन की प्रमुख समय-सारणी

प्रथम आकलन: 7 सितम्बर 2026

अगला आकलन: 28 सितम्बर 2026

प्रथम चरण: 15 अक्टूबर से 10 नवम्बर

द्वितीय चरण: 10 नवम्बर से 25 दिसम्बर

📝 DIET से विद्यालय तक प्रश्नपत्र वितरण की व्यवस्था

प्रश्नपत्रों की छपाई एवं फोटोकॉपी DIET, ब्लॉक कार्यालयों तथा उपलब्ध स्थानीय संसाधनों के माध्यम से कराई जाएगी। प्रत्येक जनपद को मुख्य शिक्षा अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर ब्लॉकवार छपाई, लागत, वितरण मार्ग और जिम्मेदारियाँ तय करनी होंगी।

विद्यालयों तक प्रश्नपत्र पहुँचाने में BRP/CRP एवं DIET कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दूरस्थ एवं मार्ग-अवरुद्ध क्षेत्रों के लिए WhatsApp अथवा अन्य लिखित माध्यमों से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

📊 केंद्रीकृत डेटा-संग्रह और दक्षता-वार विश्लेषण

सभी जनपदों के लिए एक समान केंद्रीकृत डेटा-संग्रह टेम्पलेट विकसित किया जाएगा। DIET द्वारा वर्तमान में उपयोग किए जा रहे Google Form, Jotform अथवा Excel Template की समीक्षा कर एक अंतिम समान प्रारूप सभी जनपदों को उपलब्ध कराया जाएगा।

महत्वपूर्ण समयसीमा:
7 सितम्बर के आकलन के परिणामों का संकलन एवं दक्षता-वार विश्लेषण 8 से 10 सितम्बर 2026 के मध्य पूरा किया जाएगा।

🌱 14 सितम्बर से उपचारात्मक शिक्षण

प्रत्येक जनपद को 11 सितम्बर 2026 तक DIET एवं जिला समन्वयक की संयुक्त अंतिम कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसके बाद 14 सितम्बर 2026 से उपचारात्मक शिक्षण प्रारंभ किया जाएगा।

TARGET FOR IMPROVEMENT
न्यूनतम 10% सुधार
दो आकलनों के मध्य विद्यार्थी उपलब्धि में

जिन जनपदों या ब्लॉकों में सुधार 10 प्रतिशत से कम रहेगा, वहाँ विशेष फोकस एवं संशोधित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उपचारात्मक शिक्षण के दौरान नियमित पाठ्यक्रम प्रभावित न हो, इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा।

🔍 मध्यावधि समीक्षा और फील्ड मॉनिटरिंग

मध्यावधि समीक्षा में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपचारात्मक शिक्षण वास्तव में प्रारंभ हुआ है, शिक्षक निर्धारित अभ्यास योजना का पालन कर रहे हैं तथा एकल-शिक्षक विद्यालयों को आवश्यक सहयोग मिल रहा है।

कमजोर दक्षताओं वाले विद्यार्थियों की सहायता के लिए BRP/CRP, DIET Faculty तथा उपलब्ध NGO सहयोगियों को भी जोड़ा जा सकेगा।

सितम्बर 2026 में DIET एवं SCERT स्तर की प्रशिक्षण गतिविधियों को स्थगित अथवा पुनर्निर्धारित करते हुए संबंधित कार्मिकों को विद्यालय भ्रमण, फील्ड मॉनिटरिंग एवं उपचारात्मक शिक्षण सहयोग में लगाने के निर्देश दिए गए।

📢 आकलन को बनाया जाएगा जन-अभियान

दक्षता-आधारित आकलन को केवल विभागीय गतिविधि न रखते हुए जन-अभियान के रूप में संचालित करने पर जोर दिया गया। विद्यालयों की प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को आकलन की जानकारी देने, SMC सदस्यों को सूचित करने और आकलन दिवस पर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जन-जागरूकता के माध्यम
विद्यालय प्रार्थना सभा • SMC सहभागिता • डिजिटल पैम्फलेट • स्थानीय प्रचार सामग्री • विद्यालय स्तर पर सूचना प्रसार

🌧️ मौसम एवं आपदा प्रबंधन के लिए वैकल्पिक योजना

उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 7 सितम्बर 2026 के मौसम पूर्वानुमान के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। वर्षा, भूस्खलन अथवा मार्ग बाधित होने की स्थिति में प्रश्नपत्र वितरण एवं आकलन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी।

🗓️ 2 सितम्बर को अगली समीक्षा बैठक

पूरे अभियान की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए 2 सितम्बर 2026 की सायंकाल DIET प्राचार्यों एवं मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में ब्लॉकवार छात्र संख्या, प्रश्नपत्र मुद्रण योजना, डेटा टेम्पलेट, BRP/CRP मैपिंग तथा 7 सितम्बर के आकलन की अधिकारी-स्तरीय तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

👥 बैठक में प्रमुख सहभागिता

बैठक में सचिव, विद्यालयी शिक्षा; राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखंड; निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण; अपर निदेशक SCERT; सहायक निदेशक SCERT तथा SCERT के कार्यक्रम एवं अनुसंधान, एनईपी, आईटी आदि विभागों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।

आकलन से सुधार तक की सतत प्रक्रिया
Assessment Competency Analysis Remedial Teaching Re-Assessment Improvement

यह पहल आकलन को केवल अंक प्रदान करने की प्रक्रिया के बजाय साक्ष्य-आधारित शैक्षिक सुधार प्रक्रिया के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालय, शिक्षक, DIET, BRP/CRP एवं जिला अधिकारियों के समन्वित प्रयास से प्राप्त डेटा का उपयोग विद्यार्थियों की वास्तविक अधिगम आवश्यकताओं की पहचान, लक्षित उपचारात्मक शिक्षण तथा सतत सुधार के लिए किया जाएगा।

“हर बच्चे की दक्षता की पहचान — हर बच्चे के सीखने में सुधार”

SKOCH Award 2026 में SCERT उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि: ई-सृजन ICT Massive Open Online Course को मिला Semi-Finalist – SKOCH Order of Merit Certificate

देहरादून, 01 सितम्बर 2026। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखंड के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। SKOCH Award 2026 के अंतर्गत SCERT उत्तराखंड की शिक्षक प्रशिक्षण संबंधी अभिनव पहल “Revolutionising Teacher Training at Scale – Success Story of ICT Massive Open Online Course via e-Srijan” ने सेमीफाइनल चरण के लिए क्वालिफाई करते हुए प्रतिष्ठित “SEMI-FINALIST – SKOCH ORDER OF MERIT” Certificate प्राप्त किया। प्रमाणपत्र में SCERT उत्तराखंड, Government of Uttarakhand की इस पहल को बड़े पैमाने पर शिक्षक प्रशिक्षण में ICT एवं ऑनलाइन माध्यम के प्रभावी प्रयोग की सफलता के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।


01 सितम्बर 2026 को आयोजित SKOCH Order of Merit Investiture Ceremony में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखंड बंदना गर्ब्याल ने प्रदेश एवं SCERT उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए यह प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र ग्रहण किया। इस अवसर पर आर. पी. बडोनी, IT Faculty, SCERT Uttarakhand तथा विनय उनियाल, IT Technical Team भी उपस्थित रहे और इस उपलब्धि के साक्षी बने।

ई-सृजन के माध्यम से बड़े स्तर पर शिक्षक प्रशिक्षण को मिली राष्ट्रीय पहचान

SCERT उत्तराखंड द्वारा ई-सृजन (e-Srijan) के माध्यम से विगत वर्षों में प्रदेश के शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर ऑनलाइन व्यावसायिक विकास एवं तकनीकी क्षमता संवर्धन कार्यक्रम संचालित किए गए हैं। ICT आधारित प्रशिक्षण से प्रारंभ हुई इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए Artificial Intelligence (AI)-Enabled Teaching-Learning, डिजिटल टूल्स तथा स्कूल प्रशासन में तकनीक के प्रभावी उपयोग जैसे क्षेत्रों को भी शिक्षक प्रशिक्षण से जोड़ा गया है।


इस पहल की विशेषता यह रही कि डिजिटल माध्यम से राज्य के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों को एक साझा ऑनलाइन प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया गया। MOOCs के माध्यम से शिक्षक अपनी सुविधा के अनुसार सीखने, डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने और नई तकनीकों को अपनी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में समाहित करने की दिशा में आगे बढ़े हैं।

SKOCH मंच पर उत्तराखंड की पहल की प्रस्तुति

Order of Merit Investiture के दौरान चयनित परियोजनाओं को अपनी उपलब्धियों और प्रभाव को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया। निदेशक अकादमिक  बंदना गर्ब्याल ने ज्यूरी के समक्ष SCERT उत्तराखंड की ई-सृजन आधारित ICT Massive Open Online Course पहल की यात्रा, इसकी व्यापक पहुँच तथा शिक्षक क्षमता संवर्धन में इसके योगदान को प्रस्तुत किया।

उन्होंने SCERT उत्तराखंड की परियोजना को SKOCH Award 2026 के Semi-Finalist चरण तक पहुँचने और Order of Merit Certificate प्राप्त होने पर SKOCH Group एवं ज्यूरी के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चयनित अन्य संस्थानों एवं उनकी अभिनव परियोजनाओं को भी बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

प्रतियोगिता में 180 से अधिक परियोजनाओं/प्रतिभागियों की भागीदारी के बीच चयन प्रक्रिया से आगे बढ़कर इस स्तर तक पहुँचना SCERT उत्तराखंड की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल की प्रभावशीलता एवं व्यापकता को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करता है।

यह सम्मान केवल एक ऑनलाइन कोर्स या तकनीकी प्लेटफॉर्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि SCERT उत्तराखंड द्वारा शिक्षक व्यावसायिक विकास को डिजिटल, सुलभ, व्यापक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की निरंतर यात्रा की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। इसके पीछे निदेशालय एवं SCERT के अधिकारियों, IT एवं तकनीकी टीम, कार्यक्रम समन्वयकों, विषय विशेषज्ञों, कंटेंट डेवलपर्स तथा प्रदेशभर के सहभागी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 

SKOCH Order of Merit Certificate SCERT उत्तराखंड को भविष्य में ICT, Artificial Intelligence और उभरती डिजिटल तकनीकों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

SCERT उत्तराखंड परिवार की ओर से निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण  बंदना गर्ब्याल, ई-सृजन एवं MOOCs से जुड़ी पूरी अकादमिक एवं तकनीकी टीम तथा प्रदेश के सभी सहभागी शिक्षकों को इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। 

Certificate Citation

SEMI-FINALIST – SKOCH ORDER OF MERIT
Project: “Revolutionising Teacher Training at Scale – Success Story of ICT Massive Open Online Course via e-Srijan”
Institution: State Council of Education Research and Training, Government of Uttarakhand
Achievement: Qualified the Semi-Finals of SKOCH Award 2026

Saturday, August 29, 2026

PARAKH 2026 : उत्तराखंड में कॉम्पिटेंसी आधारित मूल्यांकन की दिशा में राज्यस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक

 

SCERT उत्तराखंड- NEP 2020- PARAKH

देहरादून | SCERT उत्तराखंड

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं PARAKH (Performance Assessment, Review and Analysis of Knowledge for Holistic Development) के उद्देश्यों के अनुरूप उत्तराखंड में कॉम्पिटेंसी आधारित मूल्यांकन व्यवस्था को प्रभावी बनाने हेतु आज राज्यस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन SCERT उत्तराखंड के प्रोग्राम मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ के समन्वय में हुआ, जिसमें राज्य के सभी जनपदों के DIET प्राचार्य, PARAKH हेतु नियुक्त जनपदीय समन्वयक, SCERT के विषय विशेषज्ञ एवं जिला समन्वयक फैकल्टी ने सहभागिता की।

बैठक का संचालन निदेशक अकादमिक बन्दना गर्ब्याल के मार्गदर्शन तथा अपर निदेशक पद्मेन्द्र सकलानी के समन्वय में किया गया। यह बैठक राज्य में PARAKH के जनपदवार परिणामों के विश्लेषण तथा आगामी कॉम्पिटेंसी आधारित परीक्षाओं की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।

बैठक का प्रमुख फोकस PARAKH 2026 के परिणामों के आधार पर उन दक्षताओं की पहचान करना था, जिनमें विद्यार्थियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम रहा है। इस संदर्भ में निर्णय लिया गया कि राज्यभर में ग्रेड-वार कॉम्पिटेंसी बेस्ड प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे तथा प्रत्येक जनपद अपनी स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप मूल्यांकन एवं सुधारात्मक कार्ययोजना विकसित करेगा।

सचिव के निर्देशों का अनुपालन

बैठक में सचिव महोदय के निर्देशों के अनुपालन में सभी DIET प्राचार्यों, BRP, CRP, BEO, CEO तथा शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे विद्यालय स्तर पर निर्धारित अधिगम परिणामों (Learning Outcomes) को मापने के लिए PARAKH दस्तावेजों एवं NCF–NEP 2020 आधारित दक्षताओं को आधार बनाते हुए सतत मूल्यांकन सुनिश्चित करें।

यह भी स्पष्ट किया गया कि मूल्यांकन का उद्देश्य केवल परीक्षा लेना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की वास्तविक दक्षता को पहचानकर उसके लिए सुधारात्मक शिक्षण (Remedial Learning) की योजना तैयार करना है।

सितंबर से होगा जनपदवार कॉम्पिटेंसी असेसमेंट

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सितंबर माह में सभी जनपद उन विषयों एवं दक्षताओं पर विशेष कॉम्पिटेंसी असेसमेंट टेस्ट आयोजित करेंगे, जहाँ प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम रहा है। इसके आधार पर प्रत्येक जनपद एक Future Ready Action Plan तैयार करेगा, जिससे विद्यार्थियों में भाषा, गणित, विज्ञान एवं अन्य विषयों की निर्धारित दक्षताओं को सुनिश्चित किया जा सके।

निदेशक अकादमिक ने सभी DIET प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे समयबद्ध रूप से:

  • कॉम्पिटेंसी आधारित प्रश्नपत्र तैयार करें।

  • मूल्यांकन प्रक्रिया की स्पष्ट कार्ययोजना विकसित करें।

  • जनपदवार एक्शन प्लान तैयार कर SCERT को प्रेषित करें।

  • विद्यालय स्तर पर मूल्यांकन एवं रिपोर्टिंग की समान प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

अपर निदेशक पद्मेन्द्र सकलानी ने जनपदवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक DIET द्वारा विकसित कॉम्पिटेंसी आधारित प्रश्न बैंक एवं प्रश्नपत्र SCERT को उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि राज्य स्तर पर एक साझा गुणवत्ता-मानक प्रश्न बैंक विकसित किया जा सके और सभी जनपदों में समान गुणवत्ता के कॉम्पिटेंसी आधारित मूल्यांकन लागू किए जा सकें।

बैठक में डॉ. के. एन बीजल्वान  तथा प्रोग्राम मॉनिटरिंग SCERT के डॉ अजय चौरसिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी जनपदों के समन्वयकों ने अपने-अपने जिलों की तैयारी, प्रश्न बैंक निर्माण एवं आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी साझा की।

बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों एवं DIETs से अजय कुमार, गणेश जुयाल, दीपा जलाल, बिपिन भट्ट, विनोद सिंह, राजेश जोशी, स्वराज तोमर, आलोक मिश्रा, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, मनोज शुक्ला, सुमेर सिंह, डॉ. वीर सिंह, डॉ. अनिल मिश्रा, सी. पी. रतूड़ी, पुष्पा असवाल, दीपक प्रताप सिंह, डॉ. कमल घटोरी, मेराज अहमद, पारुल शर्मा, कृष्णा ऐरी, हेम जोशी, हिमानी थापा, गंगा, जी. पी. सिल्सवाल, संजीव जोशी एवं रमेश बडोनी सहित विभिन्न DIET प्राचार्यों, SCERT फैकल्टी, जनपदीय समन्वयकों एवं अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।