उत्तराखंड में दक्षता-आधारित आकलन को लेकर बड़ी पहल
7 सितम्बर से कक्षा 2, 5 एवं 8 का प्रथम दक्षता-आधारित आकलन
देहरादून, 31 अगस्त 2026। विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों की वास्तविक अधिगम उपलब्धियों की पहचान तथा दक्षता-आधारित शिक्षण को विद्यालय स्तर तक प्रभावी बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। सचिव, विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखंड की अध्यक्षता में 31 अगस्त 2026 को प्रदेश के समस्त DIET प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आगामी 7 सितम्बर 2026 से कक्षा 2, 5 एवं 8 के प्रथम दक्षता-आधारित आकलन की तैयारी, प्रश्नपत्र निर्माण, वितरण, डेटा-संकलन, परिणाम विश्लेषण तथा उसके आधार पर उपचारात्मक शिक्षण की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
📘 रटने के बजाय दक्षता और अनुप्रयोग पर केंद्रित होगा आकलन
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रश्नपत्र केवल पाठ्यवस्तु की स्मृति जाँचने तक सीमित न रहें, बल्कि दक्षता-आधारित एवं अनुप्रयोग-आधारित हों और प्रचलित पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किए जाएँ।
📅 आकलन की प्रमुख समय-सारणी
प्रथम आकलन: 7 सितम्बर 2026
अगला आकलन: 28 सितम्बर 2026
प्रथम चरण: 15 अक्टूबर से 10 नवम्बर
द्वितीय चरण: 10 नवम्बर से 25 दिसम्बर
📝 DIET से विद्यालय तक प्रश्नपत्र वितरण की व्यवस्था
प्रश्नपत्रों की छपाई एवं फोटोकॉपी DIET, ब्लॉक कार्यालयों तथा उपलब्ध स्थानीय संसाधनों के माध्यम से कराई जाएगी। प्रत्येक जनपद को मुख्य शिक्षा अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर ब्लॉकवार छपाई, लागत, वितरण मार्ग और जिम्मेदारियाँ तय करनी होंगी।
विद्यालयों तक प्रश्नपत्र पहुँचाने में BRP/CRP एवं DIET कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दूरस्थ एवं मार्ग-अवरुद्ध क्षेत्रों के लिए WhatsApp अथवा अन्य लिखित माध्यमों से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
📊 केंद्रीकृत डेटा-संग्रह और दक्षता-वार विश्लेषण
सभी जनपदों के लिए एक समान केंद्रीकृत डेटा-संग्रह टेम्पलेट विकसित किया जाएगा। DIET द्वारा वर्तमान में उपयोग किए जा रहे Google Form, Jotform अथवा Excel Template की समीक्षा कर एक अंतिम समान प्रारूप सभी जनपदों को उपलब्ध कराया जाएगा।
7 सितम्बर के आकलन के परिणामों का संकलन एवं दक्षता-वार विश्लेषण 8 से 10 सितम्बर 2026 के मध्य पूरा किया जाएगा।
🌱 14 सितम्बर से उपचारात्मक शिक्षण
प्रत्येक जनपद को 11 सितम्बर 2026 तक DIET एवं जिला समन्वयक की संयुक्त अंतिम कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसके बाद 14 सितम्बर 2026 से उपचारात्मक शिक्षण प्रारंभ किया जाएगा।
जिन जनपदों या ब्लॉकों में सुधार 10 प्रतिशत से कम रहेगा, वहाँ विशेष फोकस एवं संशोधित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उपचारात्मक शिक्षण के दौरान नियमित पाठ्यक्रम प्रभावित न हो, इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा।
🔍 मध्यावधि समीक्षा और फील्ड मॉनिटरिंग
मध्यावधि समीक्षा में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उपचारात्मक शिक्षण वास्तव में प्रारंभ हुआ है, शिक्षक निर्धारित अभ्यास योजना का पालन कर रहे हैं तथा एकल-शिक्षक विद्यालयों को आवश्यक सहयोग मिल रहा है।
कमजोर दक्षताओं वाले विद्यार्थियों की सहायता के लिए BRP/CRP, DIET Faculty तथा उपलब्ध NGO सहयोगियों को भी जोड़ा जा सकेगा।
सितम्बर 2026 में DIET एवं SCERT स्तर की प्रशिक्षण गतिविधियों को स्थगित अथवा पुनर्निर्धारित करते हुए संबंधित कार्मिकों को विद्यालय भ्रमण, फील्ड मॉनिटरिंग एवं उपचारात्मक शिक्षण सहयोग में लगाने के निर्देश दिए गए।
📢 आकलन को बनाया जाएगा जन-अभियान
दक्षता-आधारित आकलन को केवल विभागीय गतिविधि न रखते हुए जन-अभियान के रूप में संचालित करने पर जोर दिया गया। विद्यालयों की प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को आकलन की जानकारी देने, SMC सदस्यों को सूचित करने और आकलन दिवस पर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्यालय प्रार्थना सभा • SMC सहभागिता • डिजिटल पैम्फलेट • स्थानीय प्रचार सामग्री • विद्यालय स्तर पर सूचना प्रसार
🌧️ मौसम एवं आपदा प्रबंधन के लिए वैकल्पिक योजना
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 7 सितम्बर 2026 के मौसम पूर्वानुमान के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। वर्षा, भूस्खलन अथवा मार्ग बाधित होने की स्थिति में प्रश्नपत्र वितरण एवं आकलन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी।
🗓️ 2 सितम्बर को अगली समीक्षा बैठक
पूरे अभियान की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए 2 सितम्बर 2026 की सायंकाल DIET प्राचार्यों एवं मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में ब्लॉकवार छात्र संख्या, प्रश्नपत्र मुद्रण योजना, डेटा टेम्पलेट, BRP/CRP मैपिंग तथा 7 सितम्बर के आकलन की अधिकारी-स्तरीय तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में सचिव, विद्यालयी शिक्षा; राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखंड; निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण; अपर निदेशक SCERT; सहायक निदेशक SCERT तथा SCERT के कार्यक्रम एवं अनुसंधान, एनईपी, आईटी आदि विभागों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
यह पहल आकलन को केवल अंक प्रदान करने की प्रक्रिया के बजाय साक्ष्य-आधारित शैक्षिक सुधार प्रक्रिया के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालय, शिक्षक, DIET, BRP/CRP एवं जिला अधिकारियों के समन्वित प्रयास से प्राप्त डेटा का उपयोग विद्यार्थियों की वास्तविक अधिगम आवश्यकताओं की पहचान, लक्षित उपचारात्मक शिक्षण तथा सतत सुधार के लिए किया जाएगा।
