देहरादून, 18 सितम्बर 2026। उत्तराखण्ड के युवाओं की कल्पनाशीलता, नवाचार और राज्य के भविष्य को लेकर उनकी सोच को शासन एवं नीति-निर्माण से जोड़ने की दिशा में ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम का राज्य स्तरीय समारोह मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित 140 छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया, उनके विचार सुने और उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम की आधिकारिक रूपरेखा के अनुसार यह राज्यव्यापी पहल “मेरे सपनों का उत्तराखण्ड : एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण” विषय पर केंद्रित रही।
इस अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों से अभूतपूर्व सहभागिता मिली। कुल 200k+ विद्यार्थियों ने उत्तराखण्ड के भविष्य को लेकर अपने निबंध, विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें से अंतिम चरण के लिए 140 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पर्यावरण, पलायन, रोजगार, सड़क एवं आधारभूत संरचना, तकनीक, सुशासन, स्वरोजगार, स्टार्टअप तथा गांवों में रोजगार सृजन जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि उत्तराखण्ड की युवा पीढ़ी अपने राज्य के भविष्य को लेकर सजग है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से प्राप्त उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को सरकारी योजनाओं तथा नीति-निर्धारण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विद्यालयी शिक्षा विभाग की पूरी टीम को भी अभियान और निबंध प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को AI, रोबोटिक्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी तथा आधुनिक मांग-आधारित कौशलों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, निरंतर मेहनत करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया तथा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का स्मरण करते हुए युवाओं को उत्तराखण्ड की बड़ी शक्ति बताया।
कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कदम बताया।
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के अलग-अलग उप-विषयों में उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया। इनमें शिक्षा एवं युवा अवसर में मयूह भंडारी और रवीना, पर्यावरण, वन एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता में शेरोन कपूर, स्वास्थ्य एवं जन सेवाएं में सतीश कुमार, पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एवं रोजगार में माही बलाई, सड़क, संपर्क एवं आधारभूत संरचना में श्रितिका रावत, प्रौद्योगिकी एवं सुशासन में प्रियांशु सजवाण, पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था में दृष्टि चौहान तथा महिला एवं बाल कल्याण में अनुष्का नेगी को सम्मान मिला।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अनेक व्यावहारिक सुझाव रखे। उत्तरकाशी के अनमोल परमार ने स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ग्राम स्तर तक पहुंचाने और विद्यालयों में करियर काउंसलिंग के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का सुझाव दिया। अन्य विद्यार्थियों ने वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों को संरक्षित करने के लिए ‘नॉलेज बैंक’, औषधीय वनस्पतियों के माध्यम से राज्य की वैश्विक पहचान तथा पर्यटन की अंतरराष्ट्रीय श्रेष्ठ प्रथाओं को उत्तराखण्ड की परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने जैसे विचार रखे।
शिक्षकों, चयनकर्ताओं, मूल्यांकनकर्ताओं और आयोजन से जुड़े कार्मिकों का भी सम्मान
कार्यक्रम का महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धि के पीछे कार्य करने वाले शिक्षकों, चयनकर्ताओं, मूल्यांकनकर्ताओं, जिला स्तरीय समन्वयकों और आयोजन से जुड़े कार्मिकों के योगदान को भी मान्यता दी गई। संलग्न आधिकारिक सूची में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से एस्कॉर्ट शिक्षकों, SCERT/DIET प्रतिनिधियों, शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना कार्यालय के कार्मिकों और तकनीकी सदस्यों को समारोह में प्रतिभाग हेतु सूचीबद्ध किया गया है।इस प्रकार यह समारोह केवल चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को प्रेरित और मार्गदर्शित करने वाली पूरी शैक्षिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के सामूहिक प्रयास को सामने लाने का अवसर भी बना।
सूची के अनुसार कार्यक्रम के लिए शासन एवं शिक्षा विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों को सूचीबद्ध किया गया था। इनमें आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण; धीराज गर्ब्याल, सचिव, पर्यटन/ग्राम्य विकास; डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव, लोक निर्माण/सूचना प्रौद्योगिकी; विनय शंकर पाण्डेय, सचिव, स्वास्थ्य; चन्द्रेश कुमार यादव, सचिव, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास; ज्योति यादव, सचिव, विद्यालयी शिक्षा; नमामि बंसल, अपर सचिव, विद्यालयी शिक्षा; आकांक्षा कोण्डे, महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा; वन्दना गर्ब्याल, निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण; विनोद प्रसाद सिमल्टी, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा; तथा कुंवर सिंह रावत, निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
आज के कार्यक्रम की प्रकाशित रिपोर्ट में भी सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार, ज्योति यादव, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव नमामि बंसल तथा महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोण्डे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज की गई है।
140 छात्र-छात्राओं की सूची
संलग्न आधिकारिक सूची में 140 चयनित विद्यार्थियों के नाम जनपदवार दिए गए हैं।
अल्मोड़ा: Shivansh Arya, Aman, Mayuh Bhandari, Sakshi Gururuani, Golu Tamta, Lakshit Kandpal, Manish Singh Rawat, Bharat Singh, Pihu Bora, Uma, Aman Kholiya और Neetu।
बागेश्वर: Priyanshi Khetwal, Nikita Gariya, Jaya Nagarkoti और Anushka Negi।
चमोली: Rakhi, Yamuna, Aryan Farswan, Sakshi, Riya और Anushka Bhandari।
चम्पावत: Mayank Singh Samant, Hema Bhatt, Golu Kumar और Mohit Verma।
देहरादून: Divija Rawat, Sharon Kapoor, Akshita Bhatt, Mahi Balai, Aditya, Kashish, Nitesh, Aaryendra Singh, Sonam, Vidya, Ishu Verma, Ilma Parveen, Dhaani Vashisht, Annu Sharma, Prachi Rana, Khushi Patel, Prachi, Chungila Bhutia, Shorya Aswal और Pushti Pathak।
हरिद्वार: Sakshi Kumari, Ritika, Kritika Saini, Priya, Gurdev Gurjar, Anuradha Bisht, Naina Dhiman, Lalit Panwar, Iltisha, Shagun Chauhan, Lovepreet Kaur, Bhavya Agarwal, Aatika Hussain, Mahi Thakur, Aayan, Nidhika Rawat, Ayush Tripathi, Prneet Khodnal, Sagul, Priyanshi, Aamna और Anshika Kumari।
नैनीताल: Upasana Bhatt, Vinamrata Joshi, Pankaj Palariya, Mayank Bangari, Deepak Joshi, Pratigya Dangwal, Naman Singh Martolia, Arun, Vaishnavi Mishra, Jayaditya Singh Rathore, Vivek Pandey और Simran।
पौड़ी गढ़वाल: Akansha, Anushka, Divya, Aditya Bhardwaj, Seetal, Sakshi Pokhriyal, Srishti Maindola, Yashika, Shritika Rawat, Sonakshi, Shreem Agarwal और Anushka Negi।
पिथौरागढ़: Bhawna, Manisha Joshi, Priyanka Bisht, Komal Bhatt, Muskan Devlal, Ojasvi, Aayush Prasad और Vishal Singh।
रुद्रप्रयाग: Prince Singh, Koyal, Raveena और Anamika।
टिहरी गढ़वाल: Tamanna, Himanshi Thakur, Akshita Kothari, Pratiksha Semwal, Kanika Semwal, Shashwat Bhatt, Sarika, Gunjan Mahar, Prithvi Singh Panwar, Anish Singh, Priyanshu Sajwan और Ayush Rawat।
ऊधम सिंह नगर: Pallavi Sarkar, Vishakha, Sanjana Goldar, Anushka Dangi, Harman Singh, Aditya Chauhan, Shagun Rani, Ojasvi Grover, Tanishi Arya, Aditya Sharma, Tanmay Gupta, Yamini Bhatt, Jyotsana Arya, Riya, Lokesh Mourya, Drishti Chauhan, Pratibha और Anushka।
उत्तरकाशी: Ruchi, Lakshmi, Satish Kumar, Kanchan, Ansh Chand Ramola और Anmol Parmar।
आधिकारिक सूची में सभी जनपदों से आए एस्कॉर्ट शिक्षकों का भी विवरण है। इनमें देहरादून से डॉ. ताजवर सिंह पंडियार एवं सुषमा देवी, चमोली से एकता नेगी एवं कुंवर सिंह रावत, टिहरी से डॉ. संध्या पंवार एवं आदित्य नारायण सिंह, चम्पावत से भुवन सिंह अधिकारी एवं रेखा टम्टा, पिथौरागढ़ से किरण बोरा एवं नरेश जोशी, बागेश्वर से बलवंत सिंह टाकुली एवं सुमन डिमरी, उत्तरकाशी से नितिन एवं संतोष पंवार, पौड़ी से पल्लवी शर्मा एवं गौरी कंडारी, हरिद्वार से पवन कुमार एवं जिनीका यादव, नैनीताल से के.के. फुलेरा एवं डॉ. बसंती रौतेला, ऊधम सिंह नगर से निर्मल कुमार नियोलिया एवं सुमनलता, अल्मोड़ा से प्रतिभा चौहान एवं अंकित मिश्रा तथा रुद्रप्रयाग से रमेश चन्द्र सेमवाल एवं ऐश्वर्या नवानी सूचीबद्ध हैं।
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ ने विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर नहीं दिया, बल्कि उन्हें राज्य के विकास पर सोचने, समाधान सुझाने और सीधे शासन के सामने अपनी बात रखने का मंच प्रदान किया। कार्यक्रम की मूल प्रक्रिया में विद्यार्थियों से अधिकतम 600 शब्दों में अपने सपनों के उत्तराखण्ड की परिकल्पना प्रस्तुत करने और बहु-स्तरीय मूल्यांकन के बाद चयनित विद्यार्थियों को 18 सितम्बर के राज्य स्तरीय आयोजन में आमंत्रित करने की व्यवस्था थी।
मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद, उत्कृष्ट विचारों का सम्मान, शिक्षकों एवं मूल्यांकन से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना तथा शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बधाई इस पहल को एक व्यापक शैक्षिक संवाद का स्वरूप देती है। प्रदेश के 2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह भी दिखाया कि उत्तराखण्ड की नई पीढ़ी शिक्षा के साथ-साथ अपने राज्य की सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियों पर भी विचार कर रही है।
स्रोत: संलग्न “Total List dated 18.09.2026 – मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन पुरस्कार वितरण समारोह”, कार्यक्रम की आधिकारिक वेबसाइट तथा 18 सितम्बर 2026 को प्रकाशित कार्यक्रम विवरण।
