Friday, October 23, 2026

MOOC 4.0 Workshop Concludes at SCERT Uttarakhand

 

From 21 to 23 October 2026, school teachers, DIET and SCERT faculty, university professors, and partners from industry and civil society worked together, both offline and online. Their aim was to build the next set of free online courses for teachers and students of Uttarakhand on the e-Srijan platform.

MOOC 4.0 builds on the success of the earlier AI-ICT MOOCs. Those courses won the SKOCH Award 2026 (Gold, Education) and were featured as a case study in a UNESCO IITE guide for educators.

Three days, three milestones

  1. Day 1 – Framework design. We oriented subject matter experts (SMEs) and reviewers, then designed the common MOOC 4.0 course framework: modules, learning outcomes, activities, assessments and certification.
  2. Day 2 – Course distribution and team building. Experts were matched to courses based on the areas they chose. Every course got its own team of SMEs and a reviewer.
  3. Day 3 – Curriculum and final draft. Each team shared and refined its curriculum. By the closing session, the final draft of every course was almost complete.

New partners join hands

For the first time, organizations from industry and civil society are co-creating online courses with SCERT Uttarakhand for the state's teachers and students.

  • Kotak Education Foundation, represented by Deepak Pathak (Sr. Manager)
  • Shine Avi Publication / Myra Care Foundation, represented by Anita Sharma (Director)
  • Honda Motorcycle and Scooter India, represented by Dhruv Goswami (External Affairs Manager)

Their field experience in teacher development, inclusive education, and road safety will help keep the courses practical and close to real classrooms.

Eight courses, eight teams

MOOC 4.0 has eight courses. Each has a team of six or seven experts, and every expert works on a course they chose.

Forty-experts and the course coordinator took part in the workshop, offline at SCERT Uttarakhand and online.

Name

Designation

Institution

R P Badoni

Course Coordinator, IT Faculty

SCERT Uttarakhand

Aasheesh Raturi

Assistant Professor

Dolphin PG Institute of Biomedical and Natural Sciences, Dehradun

Ajay Pal Singh Negi

Assistant Teacher

GMPS Lalotna, Jaunpur, Tehri

Dr Ajay Semalty

Associate Professor

HNB Garhwal University, Srinagar Garhwal

Alpa Nigam

Head Teacher

Primary School Tilauli, Sardar Nagar, Gorakhpur

Anita Sharma

Director

Myra Care Foundation / Shine Avi Publication

Anju Dahiya

Lecturer, Chemistry

GGSSS Bhatgaon

Ankit Joshi

Assistant Teacher (LT)

GIC Nai

Anni Kumar

HoD Computer Science

Bal Vikas Bharati Public School

Ashutosh Pratap Singh

Headmaster In-charge

GPS Sinlekh

Atul Bamrara

Assistant Teacher

GPS Chaunrkhal, Pabau

Bergin G

PGT Physics

GBHSS Sayalgudi

Bhaskar Joshi

Headteacher

GPS Mateela, Dhura, Tarikhet, Almora

Bhupal Singh Negi

Lecturer

GIET, U S Nagar

Dr Chandni Agarwal

Head, Computer Science

Maharaja Agrasen Model School

Daulat Singh Gusain

Lecturer

GIC Sauli

Deepak Pathak

Sr. Manager

Kotak Education Foundation

Dhruv Goswami

External Affairs Manager

Honda Motorcycle and Scooter India

Ishteyaaq Ahmad

Asst. Professor

University of Petroleum and Energy Studies, Dehradun

Jagdamba Prasad Dobhal

Assistant Teacher, Mathematics

GIC Uppu, Tehri Garhwal

Prof. Kiran Lata Dangwal

Professor

University of Lucknow

Kshama Rakesh Kaushik

Chief Functionary and Secretary

Rajasthan Mahila Kalyan Mandal

Manish Bhatt

IT Consultant

Proponent Technologies Pvt. Ltd.

Manodhar Kumar Nainwal

Headmaster

GPS Malaun

Manoj Kishore Bahuguna

Programme Coordinator (NEP)

SCERT Uttarakhand

Mohammad Imran Khan Mewati

National Awardee Teacher

Govt. Maharaj Acharya College, Jaipur

Naveen Gupta

Head, ICT Department

St. Mark's Sr Sec Public School, Meera Bagh

Neeta Mishra

TGT

Surendranath Centenary School, Ranchi

Pradeep Negi

Lecturer

GIC BHEL Ranipur, Haridwar

Prakash Chandra Upadhyay

Assistant Teacher (LT)

GHSS Khoonabora

Rakhi Pandey

Lecturer

DIET Dehradun

Dr Sadhana Dimri

Lecturer

SCERT Uttarakhand

Supriy Bahukhandi

Lecturer

GIC Pajitilani, Dehradun

Thuy Huong Vu

Teacher

Mahasarakham University, Thailand

Vineeta Garg

Supervisory Head

SRDAV Public School

Vinod K S Basera

Lecturer

DIET Pithoragarh

The teams will now finish their drafts, record video lessons, and build the course content. Reviewers will then check each course before it goes live on e-Srijan for teachers and students across Uttarakhand.

राष्ट्रीय सम्मान से वैश्विक पहचान तक: SCERT उत्तराखण्ड की AI एवं ICT आधारित शिक्षक प्रशिक्षण पहल की ऐतिहासिक सफलता

Press ReleaseSKOCH Gold Award 2026, AI for Education Awards में विश्व के शीर्ष छह में स्थान और हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध प्रस्तुति हेतु चयन—उत्तराखण्ड की डिजिटल शिक्षा यात्रा के तीन महत्वपूर्ण पड़ाव।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड ने शिक्षक क्षमता संवर्धन, डिजिटल शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नवाचारों के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। परिषद द्वारा संचालित “Building Future-Ready Teachers through AI and ICT Enabled MOOCs” पहल ने न केवल प्रदेश के हजारों शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय सम्मान और वैश्विक पहचान भी दिलाई है।

वर्ष 2026 इस पहल के लिए विशेष रूप से उपलब्धियों भरा रहा। एक ओर SCERT उत्तराखण्ड को प्रतिष्ठित SKOCH Gold Award 2026 प्राप्त हुआ, वहीं दूसरी ओर स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित AI for Education Awards 2026 में इस परियोजना को शिक्षक प्रशिक्षण श्रेणी में विश्व के शीर्ष छह फाइनलिस्ट में स्थान मिला। इसी क्रम में परिषद की शिक्षक प्रशिक्षण पहल पर आधारित शोधपत्र को हांगकांग स्थित The Education University of Hong Kong में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन LIET 2026 में प्रस्तुति के लिए स्वीकार किया गया है।

1. SKOCH Gold Award 2026: राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता का सम्मान

26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित 109वें SKOCH Summit में SCERT उत्तराखण्ड की परियोजना “Revolutionizing Teacher Training at Scale: The Success Story of ICT MOOCs via e-Srijan” को शिक्षा क्षेत्र में प्रतिष्ठित SKOCH Gold Award 2026 से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान राज्य में व्यापक स्तर पर संचालित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रभावशीलता, नवाचार, डिजिटल पहुँच और सफल क्रियान्वयन को रेखांकित करता है।

इस अवसर पर SCERT उत्तराखण्ड की निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, श्रीमती बंदना गर्ब्याल ने पुरस्कार प्राप्त किया। परिषद के आईटी विभाग से पाठ्यक्रम समन्वयक श्री रमेश प्रसाद बडोनी भी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर उपस्थित रहे।

यह उपलब्धि इस तथ्य को स्थापित करती है कि पर्वतीय और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य में भी डिजिटल तकनीक के माध्यम से व्यापक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संचालित किया जा सकता है।

2. AI for Education Awards 2026: विश्व के शीर्ष छह में उत्तराखण्ड

जुलाई 2026 में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में आयोजित AI for Good Global Summit के अंतर्गत AI for Education Awards 2026 में SCERT उत्तराखण्ड की परियोजना “Building Future-Ready Teachers through AI and ICT Enabled MOOCs” को Teacher Training Award श्रेणी में विश्व के शीर्ष छह फाइनलिस्ट में चुना गया।

इस वैश्विक प्रतियोगिता में 47 देशों से लगभग 38,000 परियोजनाओं की भागीदारी दर्ज की गई थी। ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखण्ड की शिक्षक प्रशिक्षण पहल को पहचान मिलना प्रदेश और देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

scertuk.blogspot.com

इस चयन ने उत्तराखण्ड के AI एवं ICT आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत किया। विशेष रूप से डिजिटल साक्षरता, AI के जिम्मेदार उपयोग, शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और तकनीक आधारित शिक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।

परियोजना के ग्लोबल फाइनलिस्ट के रूप में चयन से अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ अनुभव साझा करने, नवाचारों का आदान-प्रदान करने तथा AI आधारित शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य के सहयोग की संभावनाएँ भी विकसित हुई हैं।

3. हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन LIET 2026 में शोध प्रस्तुति हेतु चयन

राष्ट्रीय एवं वैश्विक उपलब्धियों की इस श्रृंखला में SCERT उत्तराखण्ड को एक और महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ है। परिषद की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल पर आधारित शोधपत्र:

“Teacher Readiness for AI and ICT Integration: Insights from a Short-Term Online Training Program”

को Learning Innovations and Emerging Technologies Conference 2026 (LIET 2026): PD4AI | AI4PD में प्रस्तुति हेतु स्वीकार किया गया है।

यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 27 से 29 नवंबर 2026 तक हांगकांग स्थित The Education University of Hong Kong में आयोजित होगा। इसका आयोजन विश्वविद्यालय, UNESCO मुख्यालय, UNESCO IITE, SEAMEO Secretariat तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

AI4PD – UNESCO IITE
+1

SCERT उत्तराखण्ड के आईटी विभाग के संकाय सदस्य एवं MOOCs परियोजना के समन्वयक रमेश प्रसाद बडोनी द्वारा प्रस्तुत शोध प्रस्ताव को सम्मेलन के लिए स्वीकार किया गया है। 

इस शोध का मुख्य उद्देश्य अल्पकालिक ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों की AI एवं ICT संबंधी तैयारी, डिजिटल दक्षताओं और कक्षा-कक्ष शिक्षण में तकनीक के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन प्रस्तुत करना है।

यह अवसर उत्तराखण्ड के शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और शिक्षक-शिक्षकों के सामने प्रस्तुत करने तथा भविष्य में अकादमिक सहयोग विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।

4. MOOCs 1.0 एवं 2.0: उपलब्धियों का आधार

इन तीनों उपलब्धियों के केंद्र में SCERT उत्तराखण्ड द्वारा विकसित और विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) के e-Srijan प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम हैं।

MOOC 1.0 – Fundamentals of ICT Tools के अंतर्गत प्रदेश के शिक्षकों को डिजिटल साक्षरता, ई-कंटेंट निर्माण, ICT उपकरणों और कक्षा-कक्ष शिक्षण में तकनीक के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में 54,000 के लगभग शिक्षकों ने पंजीकरण किया और नवीनतम प्रगति के अनुसार 49,000 से अधिक शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया।

इसके अगले चरण MOOC 2.0 – AI-Enabled Teaching-Learning and School Administration के माध्यम से शिक्षकों को AI आधारित पाठयोजना निर्माण, मूल्यांकन, डिजिटल उत्पादकता, शिक्षण सामग्री निर्माण, साइबर सुरक्षा और विद्यालय प्रशासन में तकनीक के उपयोग से परिचित कराया गया। इस चरण में 47,000 से अधिक शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया।

दोनों कार्यक्रमों ने प्रदेश में निरंतर व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development) के लिए एक व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण मॉडल स्थापित किया। विशेष रूप से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों तक ऑनलाइन प्रशिक्षण पहुँचाने में यह पहल महत्वपूर्ण रही।

5. सामूहिक नेतृत्व, समन्वय और तकनीकी सहयोग

इन उपलब्धियों के पीछे विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन, SCERT, DIETs, विद्या समीक्षा केंद्र तथा विषय विशेषज्ञों और तकनीकी टीम का सामूहिक योगदान रहा है।

परियोजना का संचालन SCERT उत्तराखण्ड की निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, श्रीमती बंदना गर्ब्याल के शैक्षिक नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। आईटी विभाग के श्री रमेश प्रसाद बडोनी ने पाठ्यक्रम की अवधारणा, शैक्षिक डिजाइन, AI एकीकरण, पाठ्यक्रम विकास, समन्वय और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों, विषय विशेषज्ञों, पाठ्यक्रम समीक्षकों, ई-कंटेंट निर्माताओं, तकनीकी सहयोगियों और विद्यालयी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता ने इस पहल को व्यापक सफलता प्रदान की।

विद्या समीक्षा केंद्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म, पंजीकरण व्यवस्था, प्रशिक्षण प्रगति की निगरानी तथा तकनीकी सहायता ने बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण संचालन को संभव बनाया।

6. उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा विभाग के लिए महत्व

ये तीनों उपलब्धियाँ केवल पुरस्कार या सम्मेलन में चयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश में शिक्षक शिक्षा के बदलते स्वरूप और भविष्य की दिशा को भी दर्शाती हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर SKOCH Gold Award ने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को पहचान दी। AI for Education Awards में ग्लोबल फाइनलिस्ट के रूप में चयन ने उत्तराखण्ड के मॉडल को विश्व स्तर पर स्थापित करने का अवसर दिया, जबकि हांगकांग सम्मेलन में शोध प्रस्तुति हेतु स्वीकृति ने इस पहल को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक विमर्श से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया।

इन उपलब्धियों से राज्य में भविष्य के MOOCs, AI आधारित शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल मूल्यांकन, समावेशी शिक्षा, ई-कंटेंट निर्माण और अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रेरणा मिलती है।

SCERT उत्तराखण्ड की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि स्पष्ट शैक्षिक दृष्टिकोण, तकनीक का सार्थक उपयोग, प्रभावी नेतृत्व और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से राज्य स्तर की पहल को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

SKOCH Gold Award 2026, AI for Education Awards 2026 में विश्व के शीर्ष छह में स्थान तथा LIET 2026 हांगकांग में शोध प्रस्तुति हेतु चयन—ये तीनों उपलब्धियाँ उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा विभाग की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं।

यह उपलब्धि प्रदेश के उन हजारों शिक्षकों, शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों और तकनीकी सहयोगियों को समर्पित है, जिन्होंने निरंतर सीखने और नवाचार की भावना के साथ इस पहल को सफल बनाया।

आने वाले समय में SCERT उत्तराखण्ड का लक्ष्य इन अनुभवों को आधार बनाकर अधिक समावेशी, तकनीक-सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करना है, ताकि उत्तराखण्ड के प्रत्येक शिक्षक को आधुनिक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाया जा सके।

संदर्भ एवं विस्तृत जानकारी

Wednesday, October 21, 2026

SCERT MOOCs टीम का सम्मान समारोह एवं व्यांस वैली डाक्यूमेंट्री -2026

SCERT उत्तराखंड · सम्मान समारोह एवं कार्यशाला

हिमालय से विश्व मंच तक: MOOCs टीम का सम्मान और MOOC 4.0 की नई शुरुआत

21 अक्टूबर 2026 SCERT उत्तराखंड सभागार 40 सदस्यीय टीम सम्मानित
स्कॉच गोल्ड अवार्डशिक्षा श्रेणी, 2026
ग्लोबल AI फॉर एजुकेशन अवार्डशिक्षक प्रशिक्षण श्रेणी, शीर्ष 6 वैश्विक फाइनलिस्ट
LIET 2026हांगकांग विश्वविद्यालय, प्रस्तुति हेतु चयनित

आज का दिन SCERT उत्तराखंड परिवार के लिए गर्व और उल्लास से भरा रहा। विद्यालयी शिक्षा के शिक्षकों को ICT और AI तकनीक से सशक्त बनाने वाले MOOC 1.0 और MOOC 2.0 को मिली वैश्विक उपलब्धियों AI FOR EDUCATION AWARD- AI4EDU -deeschool, UNESCO IITE Global case study और गत माह  रिसर्च पेपर ग्लोबल यूनेस्को अंतर्गत हॉँगकाँग यूनिवर्सिटी मे प्रस्तुति  और स्कॉच गोल्ड अवार्ड के उपलक्ष्य में, इन पाठ्यक्रमों को तैयार करने वाली संपूर्ण टीम के 40 सदस्यों को SCERT प्रांगण के सभागार में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम एंकर डॉ साधना डिमरी  द्वारा सफल संचालन किया गया और निदेशक और गेस्ट अधिकारियों  ने सभी सम्मानित सदस्यों को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

सम्मानित MOOCs टीम
सम्मानित MOOCs 1.0 और 2.0 टीम अपने प्रमाण पत्रों के साथ

गरिमामय उपस्थिति

आकांक्षा कोंडेमहानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा
बंदना गर्ब्यालनिदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण
पद्मेंद्र सकलानीअपर निदेशक, SCERT
विनोद सिमल्टीनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा
प्रदीप रावतपूर्व अपर निदेशक
मंच पर अतिथि
मंच पर उपस्थित अतिथि

दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से शुभारंभ

कार्यक्रम का उद्घाटन महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोंडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डिजिटल फॉर्मेट में डॉ. हरिकृष्ण डिमरी के स्वर में माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन मंत्र प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण से भर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण ने महानिदेशक महोदया का स्वागत किया और उन्हें प्रतीक चिह्न भेंट किया।

दीप प्रज्वलन
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

MOOCs की यात्रा: एक संक्षिप्त परिचय

निदेशक बंदना गर्ब्याल ने कार्यक्रम की रूपरेखा और MOOCs की यात्रा का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि किस प्रकार उत्तराखंड के इन ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों ने एक के बाद एक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बनाई।

Success story of e-Srijan

ग्लोबल AI फॉर एजुकेशन अवार्ड — शिक्षक प्रशिक्षण में AI और ICT के नवाचारी उपयोग के लिए वैश्विक स्तर पर स्थान।
स्कॉच गोल्ड अवार्ड — शिक्षा श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण सम्मान।
LIET 2026 — हाल ही में इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर सहभागिता और स्थान।

ब्यास वैली वृत्तचित्र का शुभारंभ

इसके पश्चात डायट पिथौरागढ़ द्वारा निर्मित ब्यास वैली पर आधारित वृत्तचित्र का शुभारंभ महानिदेशक महोदया द्वारा किया गया। डायट के प्राचार्य एवं प्रवक्ता राजेश पाठक ने इस वृत्तचित्र की निर्माण प्रक्रिया और उसकी विषय-वस्तु के बारे में जानकारी दी। शुभारंभ के दौरान वृत्तचित्र का टीज़र वीडियो प्रदर्शित किया गया, और कार्यक्रम के अंत में पूरा वृत्तचित्र सभी को दिखाया गया।

सभागार
सभागार में उपस्थित अधिकारी एवं शिक्षक

महानिदेशक महोदया का संबोधन

अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच महानिदेशक महोदया ने सभी सम्मानित SMEs, रिव्यूअर, कंटेंट राइटर और तकनीकी सहयोगियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस टीम ने MOOC 1.0 और MOOC 2.0 को वैश्विक स्तर तक पहुँचाया, शिक्षकों को ICT तकनीक के उपयोग के लिए प्रेरित किया और उनका प्रमाणीकरण करवाया। लगातार दो वर्षों में प्राप्त यह स्थान सराहनीय है।

शिक्षकों ने इन पाठ्यक्रमों से जो सीखा है, उसका क्रियान्वयन अब कक्षा-कक्ष में भी स्पष्ट दिखाई देना चाहिए।महानिदेशक महोदया के संबोधन का सार
संबोधन
मंच से संबोधन

MOOC 1 और 2: एक सफल कहानी

इसके बाद सभागार में "MOOC 1 और 2 – एक सफल कहानी" वृत्तचित्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें पाठ्यक्रमों की पूरी यात्रा को दर्शाया गया। कोर्स कोऑर्डिनेटर  रमेश बडोनी ने इस कहानी के सृजन और उसके विशेष संदर्भों पर सभी से बातचीत की।

सम्मान समारोह

इसके पश्चात उपस्थित सभी SMEs, रिव्यूअर, कंटेंट राइटर और विशेषज्ञों को निदेशक महोदय, अपर निदेशक महोदय और पूर्व अपर निदेशक द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में लगभग 39 शिक्षक-विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया।

कुछ सदस्य ऑनलाइन भी जुड़े। लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. किरण लता डंगवाल का सम्मान उनकी ओर से HNB गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रो. (डॉ.) अजय सिमल्टी ने ग्रहण किया।

MOOC 4.0 की यात्रा का शुभारंभ

भोजन अवकाश के बाद MOOC 4.0 के विकास के लिए कार्यशाला शुरू हुई। इसमें देश भर से MOOCs बनाने का अनुभव रखने वाले लगभग 18 शिक्षक-विशेषज्ञ कोर्स क्रिएटर शामिल हुए। कोटक एजुकेशन फाउंडेशन, हीरो होंडा ग्रुप, साइन AVI फाउंडेशन और कोग्रेड ग्रुप जैसी संस्थाओं को भी पाठ्यक्रम निर्माण में सहयोगी के रूप में जोड़ा गया है। कई विषय विशेषज्ञ, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और राष्ट्रीय ICT पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ऑनलाइन जुड़े।

8नए कोर्स
18विशेषज्ञ कोर्स क्रिएटर
2दिन और चलेगी कार्यशाला

Live Video link: 

कोर्स कोऑर्डिनेटर  रमेश बडोनी ने MOOC 4.0 के फ्रेमवर्क और इस बार बनाए जाने वाले 8 पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ऑनलाइन साझा की। यह कार्यशाला अगले दो दिन चलेगी, जिसमें संपूर्ण फ्रेमवर्क और करिकुलम डिज़ाइन तैयार किया जाएगा, ताकि MOOC 4.0 और MOOC 5.0 की यात्रा समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके।

साथ ही कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों ने, जो पाठ्यक्रम निर्माण में लगातार सहयोग कर रहे हैं, अपने सुझाव दिए।

फोटो गैलरी: मंच से विचार