Sunday, March 08, 2026

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एससीईआरटी उत्तराखंड में सम्मान और उत्सव का आयोजन

 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर SCERT Uttarakhand के सभागार में विद्यालयी शिक्षा परिवार द्वारा अत्यंत हर्षोल्लास और सम्मान के साथ इस विशेष दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व और निर्देशन निदेशक अकादमिक वंदना गर्ब्याल द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी, संकाय सदस्य, कर्मचारी तथा विभिन्न संस्थानों से आई हुई महिला अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।


कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन निदेशक वंदना गर्ब्याल की माताजी तथा अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी की उपस्थिति में किया गया, जिससे पूरे सभागार में उत्साह और सम्मान का वातावरण बन गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहन सिंह बिष्ट (प्रोफेशनल, SIEMAT) द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया, जबकि कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. के. एन. बिजल्वाण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों का अभिनंदन

कार्यक्रम के प्रारंभ में निदेशक वंदना गर्ब्याल द्वारा हाल ही में पदोन्नति प्राप्त अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा कुंवर सिंह रावत , मेहरबान सिंह बिष्ट  तथा वर्तमान में कार्यरत अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी को पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएँ दी गईं।

महिला कर्मियों का सम्मान

इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा, समग्र शिक्षा, प्रारम्भिक शिक्षा, विद्या समीक्षा केंद्र, एससीईआरटी, सीमेट  तथा अकादमिक प्रशिक्षण एवं शोध कार्यालय में कार्यरत सभी महिला कर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित बाहरी अतिथि महिलाओं को भी विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।

विशेष रूप से पुष्पा असवाल, अनुग्या पैन्यूली, हिमानी भट्ट तथा गंगा गुघतियाल  को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त राजकीय इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या प्रेमलता बौडाई  को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में यह भी सुनिश्चित किया गया कि कार्यालय में कार्यरत प्रत्येक महिला कर्मी के योगदान को मान्यता मिले। कई छोटी बालिकाओं को भी विशेष रूप से सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया गया।

महिला योगदान पर प्रस्तुतीकरण



कार्यक्रम के दौरान संकाय सदस्य सुनील भट्ट द्वारा महिला दिवस के महत्व पर एक प्रेरक प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में महिलाओं के योगदान के साथ-साथ विश्व स्तर पर महिलाओं द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों का भी विस्तृत वर्णन किया गया।


अधिकारियों के प्रेरक विचार

पदोन्नति प्राप्त अपर निदेशक मेहरबान सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में क्षमताओं का विकेंद्रीकरण आवश्यक है, ताकि घर और कार्यालय दोनों स्थानों पर जिम्मेदारियों का संतुलन स्थापित हो सके और समता का भाव मजबूत बने।

अपर निदेशक कुंवर सिंह रावत ने महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जो महिलाएँ अभी भी अवसरों से वंचित हैं, उन्हें आगे लाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।

अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के समय में महिलाओं के पास आगे बढ़ने के अनेक अवसर हैं और उन्होंने अपनी क्षमता और परिश्रम से यह सिद्ध भी किया है कि वे समाज और परिवार दोनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


इसी क्रम में निदेशक बन्दना गर्ब्याल  ने सभी महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों और अधिकारों के प्रति सजग रहें। उन्होंने कहा कि यदि कभी उन्हें अपने अधिकारों के हनन का अनुभव हो, तो उन्हें अपने अधिकारों का उचित प्रयोग करना चाहिए, साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अधिकारों का उपयोग सदैव सकारात्मक और संतुलित तरीके से हो, जिससे व्यवस्था में सामंजस्य बना रहे और समाज में समानता की भावना मजबूत हो।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. के एन बिजलवान  द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थित सदस्यों को भोजन अवकाश के लिए आमंत्रित किया गया।



इस प्रकार SCERT Uttarakhand में आयोजित यह महिला दिवस समारोह न केवल महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान को रेखांकित करने का अवसर बना, बल्कि यह कार्यक्रम समाज में समानता, सम्मान और सहभागिता के संदेश को भी मजबूती से प्रस्तुत करने में सफल रहा।

Click Here to See Event Gallary