23 जनवरी को होने वाली हैकाथॉन 2.0 की निर्णायक प्रस्तुति से पहले, चयनित शिक्षक और छात्र प्रतिभागियों के लिए 18 जनवरी को एक विशेष ऑनलाइन अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को प्रस्तुति के मानकों, तकनीकी दिशा-निर्देशों और जूरी की अपेक्षाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी देना था।
इस अभिमुखीकरण का संचालन रमेश बडोनी, आईटी समन्वयक एवं ईवेंट डिज़ाइनर, ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया:
प्रस्तुति से जुड़ी मुख्य जानकारी
प्रस्तुति की समय सीमा: प्रत्येक टीम को 5–7 मिनट का समय मिलेगा।
प्रस्तुति का फॉर्मेट: स्लाइड आधारित प्रस्तुति जिसमें समस्या की पहचान, समाधान की नवीनता, कार्यान्वयन की योजना और संभावित प्रभाव को दर्शाना अनिवार्य होगा।
जूरी की अपेक्षाएं: नवाचार, व्यावहारिकता, टीमवर्क और प्रस्तुति कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
तकनीकी दिशा-निर्देश
स्क्रीन शेयरिंग, ऑडियो टेस्टिंग और बैकअप स्लाइड्स की तैयारी की सलाह दी गई।
टीम प्रतिनिधि को प्रस्तुति देने की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन सभी सदस्यों को प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भागीदारी करनी होगी।
प्रतिभागियों के डाउट्स का समाधान
रमेश बडोनी ने प्रतिभागियों के सवालों के स्पष्ट उत्तर दिए:
क्या हम वीडियो या डेमो दिखा सकते हैं? — हां, यदि समय सीमा के भीतर हो।
क्या जूरी तकनीकी प्रश्न पूछेगी? — संभव है, इसलिए समाधान की तकनीकी समझ आवश्यक है।
क्या प्रस्तुति हिंदी में हो सकती है? — भाषा की स्वतंत्रता है, लेकिन स्पष्टता और आत्मविश्वास ज़रूरी है।
अभिमुखीकरण सत्र ने प्रतिभागियों को न केवल प्रस्तुति के लिए तैयार किया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और स्पष्टता भी प्रदान की। रमेश बडोनी ने सभी टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आपके नवाचार को दुनिया के सामने लाने का अवसर है।”