रिपोर्ट सुनिल भट्ट, प्रवक्ता SCERT उत्तराखण्ड
SCERT उत्तराखण्ड एवं उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के मध्य MOU हस्ताक्षर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना को धरातल पर उतारने की दिशा में राज्य अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 30 जनवरी 2026 को उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए लागू किए जा रहे ‘कौशल बोध’ विषय के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु की गई है।
‘कौशल बोध’ केवल एक पाठ्य विषय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावसायिक समझ, उद्यमशील सोच और जीवनोपयोगी कौशलों के विकास का माध्यम है। NEP 2020 के अनुरूप इस विषय का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रारंभिक अवस्था से ही कार्य-जगत से जोड़ना, Learning by Doing की अवधारणा को मजबूत करना और श्रम की गरिमा के प्रति सम्मान विकसित करना है।
कौशल बोध विषय के शैक्षणिक ढांचे के निर्माण हेतु पूर्व में NCERT द्वारा PSSCIVE, भोपाल के सुझावों के आधार पर कार्य किया गया है। अब इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उद्यम लर्निंग फाउंडेशन जैसी अनुभवी सहयोगी संस्था के साथ यह साझेदारी राज्य के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि उद्यम लर्निंग फाउंडेशन पूर्व से ही राज्य में संचालित ‘कौशलम् (Kaushalam)’ कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 9 से 10 के विद्यार्थियों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रही है, जहाँ छात्रों को उद्यमिता की मानसिकता, समस्या समाधान, नवाचार एवं 21वीं सदी के कौशलों के लिए तैयार किया जा रहा है। अब यही अनुभव मिडिल स्कूल स्तर तक विस्तारित होगा।
MOU के प्रमुख उद्देश्य
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व्यावसायिक अनुभव: कम उम्र से ही विद्यार्थियों को विविध कौशलों और कार्य क्षेत्रों से परिचित कराना।
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श्रम की गरिमा: प्रत्येक प्रकार के कार्य के प्रति सम्मान और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना।
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उद्यमी मानसिकता: रटने की प्रवृत्ति के बजाय करके सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना।
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर निदेशक, SCERT उत्तराखण्ड बंदना गर्ब्याल के मार्गदर्शन में पद्मेंद्र सकलानी (अपर निदेशक, SCERT उत्तराखण्ड) एवं रोहित गुप्ता (राज्य प्रबंधक, उद्यम लर्निंग फाउंडेशन) द्वारा किए गए।
इस अवसर पर डॉ. के. एन. बिजल्वाण (सहायक निदेशक), सुनील भट्ट (समन्वयक – कौशल बोध) तथा अरविन्द बिष्ट (उद्यम लर्निंग फाउंडेशन) सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह MOU न केवल शिक्षक प्रशिक्षण, साहित्य निर्माण (शिक्षक संदर्शिका) और अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करेगा, बल्कि राज्य के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, कुशल और भविष्य के लिए तैयार नागरिक बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार भी प्रदान करेगा।