Wednesday, January 28, 2026

देश के DIKSHA समन्वयकों एवं तकनीकी सदस्यों के लिए तीन दिवसीय शैक्षिक संवर्धन कार्यशाला शुरू -2026

 

e-Content विकास एवं DIKSHA 2.0 को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल

देहरादून | 28–30 जनवरी 2026

भारत सरकार की राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षिक अवसंरचना DIKSHA (Digital Infrastructure for Knowledge Sharing) को और अधिक प्रभावी, समावेशी एवं शिक्षक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से केन्द्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET–NCERT) एवं SCERT उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में “Three Days Workshop / Capacity Building Programme for DIKSHA Coordinators on e-Content Development” का आयोजन 28 से 30 जनवरी 2026 तक एन.जे. पोर्टिको, देहरादून में सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया । 

यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप DIKSHA को एक सशक्त Learning Management System (LMS) के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही, जिसमें देशभर से राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के DIKSHA समन्वयकों एवं तकनीकी प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

DIKSHA: एक डिजिटल रिपॉज़िटरी से AI-सक्षम LMS तक की यात्रा

DIKSHA ने बीते वर्षों में केवल डिजिटल कंटेंट साझा करने वाले प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर एक AI-सक्षम, अनुकूली और शिक्षार्थी-केंद्रित डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम का स्वरूप ले लिया है। इस तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्यों/UTs की टीमों को:

  • e-Textbook (ETB) निर्माण
  • LMS आधारित कोर्स विकास
  • कंटेंट माइग्रेशन
  • बहुभाषी डिजिटल सामग्री विस्तार
  • और DIKSHA 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक रूप से सशक्त बनाना था 

उद्घाटन सत्र: 

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में SCERT उत्तराखण्ड के आर पी. बडोनी  ने कार्यक्रम होस्ट एवं एंकर के रूप में सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। अकादमिक निदेशक बन्दना गर्ब्याल के स्वागत सम्बोधन मे सभी अधिकारियों का देहरादून आगमन पर हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की गई इसके  पश्चात:

  • प्रो. इन्दु कुमार (हेड-DICT, CIET-NCERT) ने कार्यशाला का उद्देश्य, संरचना एवं अपेक्षित परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
  • बंदना गार्ब्याल (निदेशक अकादमिक शोध, SCERT उत्तराखण्ड) ने CIET–NCERT और SCERT के बीच सहयोग को “डिजिटल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय–राज्य साझेदारी का सशक्त मॉडल” बताया।
  • प्रो. अमेन्द्र बेहरा (संयुक्त निदेशक, CIET) ने ऑनलाइन माध्यम से DIKSHA के राष्ट्रीय समन्वय और राज्यों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
  • हरि कुमार (निदेशक, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ) ने ऑनलाइन संबोधन में DIKSHA को भारत के डिजिटल शिक्षा भविष्य का मेरुदंड बताया।
  • डॉ. रेजाउल करीम (सहा प्रो. CIET-NCERT) ने DIKSHA की संकल्पना, तकनीकी संरचना और आगे की दिशा पर चर्चा की।

अंत में पद्मेन्द्र सकलानी (अपर निदेशक, SCERT उत्तराखण्ड) द्वारा सभी राज्यों के प्रतिनिधि एवं CIET-NCERT के अधिकारीयों का धन्यवाद करते हुए शभकनाएं दी और बेहतर परिणामों की अपेखा के लिए कार्य करने पर जोर देने का भी आग्रह  किया । इस करकर्म मे उपनिदेशक अजीत भण्डारी ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दी । 

सत्रवार प्रमुख बिंदु:

सत्र 1: भारत में ICT पहल एवं DIKSHA

प्रो. इन्दु कुमार (CIET-NCERT)

इस सत्र में 1972 से लेकर NEP 2020 एवं PM e-VIDYA तक भारत में ICT की यात्रा को रेखांकित किया गया। DIKSHA की प्रमुख विशेषताएँ—

  • अनुकूली शिक्षण (Adaptive Learning)
  • व्यक्तिगत कंटेंट वितरण
  • समावेशी डिजिटल टूल्स  पर विशेष चर्चा हुई

सत्र 2: डिजिटल संसाधन एवं समृद्ध पाठ्यपुस्तक (ETB) विकास

प्रस्तुति: डॉ. रेजाउल करीम

इस सत्र में प्रतिभागियों को DIKSHA 1.0 पर समृद्ध पाठ्यपुस्तक निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। विशेष रूप से:

  • राज्य-विशिष्ट कंटेंट का अवलोकन
  • QR कोड निर्माण एवं वर्गीकरण

का लाइव डेमो डॉ. श्वेता तिवारी (परामर्शदाता, NCERT) द्वारा प्रस्तुत किया गया।

सत्र 3: Personalized Adaptive Learning Framework

प्रस्तुति: डॉ. रेजाउल करीम एवं PMU टीम

इस सत्र में DIKSHA 2.0 के LMS फीचर्स, कोर्स स्ट्रक्चर, असेसमेंट सिस्टम और शिक्षार्थी-केंद्रित डिज़ाइन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

सत्र 4: LMS आधारित कोर्स निर्माण

Pathikrit Diksha PMU–DIKSHA- टीम 

प्रतिभागियों ने स्वयं LMS पर कोर्स तैयार करने की प्रक्रिया को समझा, जिससे राज्यों को अपने स्तर पर गुणवत्तापूर्ण डिजिटल कोर्स विकसित करने में सहायता मिलेगी।

सहभागितापूर्ण गतिविधि

कार्यक्रम के दौरान प्रो. इन्दु कुमार द्वारा Kahoot के माध्यम से एक इंटरैक्टिव क्विज़ आयोजित की गई, जिसने प्रतिभागियों के बीच सीखने की प्रक्रिया को रोचक एवं सहभागितापूर्ण बना दिया।

अगले दिवसों पर राज्य स्तरीय प्रस्तुति, कार्ययोजना एवं भविष्य की राह

तीसरे दिन लगभग 34 राज्यों/UTs एवं CABs द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी  जिसमे  प्रगति ,चुनौतियाँ, श्रेष्ठ अभ्यास और भविष्य की कार्ययोजनाएँ को साझा किया जाएगा 

यह तीन दिवसीय कार्यशाला केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि डिजिटल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय–राज्य सहयोग का एक सशक्त मंच सिद्ध होगी । इससे न केवल राज्यों की तकनीकी एवं शैक्षणिक क्षमता में वृद्धि होगी , बल्कि DIKSHA को “One Nation, One Digital Learning Platform” के रूप में और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनेगी .

उत्तराखण्ड एस सी ई आर टी के आई टी विभाग के सहायक निदेशक कैलाश डँगवाल ने आयोजन व्यवस्थाओं के प्रवंधन मे सहयोग दिया ताकि सभी सत्रों का संचालन सतत चल सकें , अन्य सहयोगी प्रतिभागीयो मे प्रवक्ता पुष्पा  असवाल, अनुज्ञा पैन्यूली , शिव प्रकाश वर्मा, रमेश पंत , सुशील गैरोला,  तकनीकी टीम से विनय उनियाल , रजत छिब्बर , श्रेय  गुसाईं , अचल थापली , अतुल कथैत, विनोद चौहान, हिमानी भट्ट , सौरभ जोशी आदि ने कार्यशाला संचालन मे योगदान दिया ।