Monday, April 06, 2026

कौशलम् कार्यक्रम: उत्तराखण्ड में शिक्षा का नया आयाम-2026-27

 

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) उत्तराखण्ड द्वारा उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के सहयोग से संचालित कौशलम् कार्यक्रम वास्तव में बच्चों में उद्यमशीलता और 21वीं सदी के कौशल विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल व्यावसायिक कौशल प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों को अवसर में बदलने की सोच भी दे रहा है।

विद्यार्थियों का उत्साह और नवाचार

कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी जिस उत्साह और नवाचार के साथ इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, वह इस बात का प्रमाण है कि हमारी नई पीढ़ी अब केवल जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनने की ओर अग्रसर है। यह परिवर्तन शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य को दर्शाता है — आत्मनिर्भरता और सृजनशीलता।

राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड की पहचान

विशेष गर्व की बात है कि राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज बाढ़वाला, राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज नथुवा वाला और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज करगी, देहरादून के विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट प्रोडक्ट्स के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनके कार्यों को प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा सराहा जाना और स्वयं के ब्रांड के रूप में उभरना अत्यंत प्रेरणादायक है।

शिक्षा में सकारात्मक बदलाव

कौशलम् कार्यक्रम उत्तराखण्ड के शिक्षा जगत में एक सकारात्मक बदलाव की मिसाल बन चुका है। यह पहल विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और नवाचार की भावना से जोड़ रही है।

देखें प्रेरणादायक वीडियो:

कौशलम् कार्यक्रम उत्तराखण्ड के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर कर रहा है। यह पहल शिक्षा को जीवन से जोड़ने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने का एक सशक्त माध्यम बन चुकी है।