Dr Avnish Uniyal
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, उत्तराखंड द्वारा भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे के सौजन्य से STEM एजुकेशन एवं नवाचारी एवं गतिविधि आधारित शिक्षण की तकनीकों एवं नवीनतम शैक्षणिक उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों में गणित एवं विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से राज्य में iRISE(इंस्पायरिंग इंडिया इन रिसर्च इन्नोवेशन एंड स्टेम एजुकेशन) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है । कार्यक्रम के अंतर्गत गत 3 वर्षों में राज्य के सभी जनपदों के लगभग 3000 माध्यमिक स्तर पर कार्यरत गणित व विज्ञान स्तर के शिक्षक/शिक्षिकाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है । यह प्रशिक्षण राज्य के सभी जिले के शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रदान जा रहा है ।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम चरण में 372 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया,तत्पश्चात इन शिक्षको में से 79 शिक्षको को इनोवेशन चैंपियन के रूप में IISER पुणे में 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया । इन इनोवेशन चैंपियंस द्वारा इसके पश्चात जनपदों में आयोजित 37 कार्यशालाओं के माध्यम से 2500 शिक्षकों कों प्रशिक्षित किया गया।
उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य है शिक्षकों और छात्रों में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ाना है । साथ ही राज्य के विद्यार्थियों का इंस्पायर अवार्ड्स . मानक में भी ज्यादा से ज्यादा रजिस्ट्रेशन व चयन कराना है जो कि देश के बच्चों को नवाचार में बढ़ावा देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की एक विशेष योजना है । प्रशिक्षण में रटने की जगह समझने की प्रवृति को प्राथमिकता दी गई है । बच्चों को आस -पास के परिवेश से जोड़कर दैनिक जीवन की घटनाओं का उदाहरण देकर विज्ञान और गणित की शिक्षा देने की बात कही गई है । विज्ञान एवं गणित को अन्तर्विषयक ;गतिविधि आधारित और रोचक बना कर बच्चों तक पहुँचाया जा रहा है। । महाराष्ट्र और बिहार के बाद उत्तराखंड तीसरा राज्य है जहां इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है ।
इस कार्यक्रम के तहत सभी विद्यालयों को एक किट भी उपलब्ध कराया जा रहा है जो विद्यालय में गतिविधि कराने हेतु शिक्षकों के लिए काफी मददगार साबित होगा ।
इसी क्रम में SCERT देहरादून में दिनांक 2 तथा 3 जून को एक रिफ्रेशर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमे राज्य भर के 49 शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल ने कहा कि यह प्रशिक्षण गणित विज्ञान शिक्षण को एक नवीन आयाम देगा। इस अवसर पर अपर निदेशक एस0सी0ई0आर0टी0 पद्मेंद्र सकलानी ने अपने संबोधन में कहा कि कक्षा शिक्षण में विज्ञान के सिद्धान्तों के ब्यवहारिक अनुप्रयोग पर बल दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि स्टेम एजुकेशन के माध्यम से गतिविधि आधारित शिक्षण द्वारा ऐसा किया जा सकता है। एस0सी0ई0आर0टी0 के द्वारा इसके लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं।
आईसर पुणे के साथ इस सम्बन्ध में किया गया अनुवन्ध इस दिशा में पहला कदम है। सहायक निदेशक डॉ के के बिजल्वाण ने कहा कि राज्य के शिक्षकों द्वारा स्टेम एजुकेशन तथा इन्सपायर एवार्ड में उल्लेखनीय उपलब्धियाॅं हासिल की गयी है। जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। कार्यक्रम के राज्य समन्वयक डॉ अवनीश उनियाल ने कहा कि स्टेम एजुकेशन आज के वक्त की आवश्यकता है,इसके माध्यम से विद्यार्थी गणित व विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को बहुत आसानी से सीख सकते हैं । कार्यशाला में प्रतिभागियों को आईसर पुणे द्वारा एक गतिविघि किट प्रदान की गयी जिसमें विज्ञान गणित आधारित 92 गतिविघियां दी गयी हैं।यह कार्यक्रम प्रदेश के लगभग 1लाख बच्चों को लाभान्वित करेगा। इस अवसर पर आईसर पुणे के विशेषज्ञ प्रध्यना पुजारी एवं पंकज यादव उपस्थित रहे ।