Wednesday, April 15, 2026

उत्तराखण्ड में मोबाइल उपयोग दिशानिर्देशों पर वर्चुअल ओरिएंटेशन कार्यक्रम

 

देहरादून, 15 अप्रैल 2026 – राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT), उत्तराखण्ड ने आज मोबाइल फोन के जिम्मेदार उपयोग संबंधी दिशानिर्देशों के प्रसार हेतु एक वर्चुअल अभिमुखीकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, देहरादून स्थित वर्चुअल लैब के माध्यम से राज्यभर के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों एवं विद्यालय प्रमुखों की सहभागिता के साथ संपन्न हुआ।

यह पहल माननीय शिक्षा मंत्री, निदेशक बन्दना गर्ब्याल एवं अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी के निर्देशन में, SCERT और स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इसका उद्देश्य शैक्षिक परिवेश में संतुलित एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना है।

  • संदर्भदाता प्रिया गुसाईं ने मोबाइल फोन को केवल भटकाव का साधन मानने के बजाय, उचित उपयोग के साथ इसे सीखने का प्रभावी उपकरण बताया।

  • प्रमुख दिशानिर्देशों में शामिल थे:

    • स्क्रीन समय सीमित करना

    • सोने से पहले मोबाइल उपयोग से बचना

    • निगरानी में उद्देश्यपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना

    • डिजिटल वेलनेस की आदतों को अपनाना

  • अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका पर विशेष बल दिया गया कि वे स्वयं जिम्मेदार व्यवहार का उदाहरण प्रस्तुत करें और बच्चों के लिए संतुलित डिजिटल दिनचर्या सुनिश्चित करें।

साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान

सहायक निदेशक के. एन. बिजल्वान ने साइबर सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ऑनलाइन बुलिंग, गोपनीयता जोखिम और अनुपयुक्त सामग्री के संपर्क जैसी चुनौतियों पर चर्चा की। शिक्षकों को तकनीक का सार्थक उपयोग करते हुए शिक्षण प्रक्रिया में समाहित करने और ऑनलाइन व ऑफलाइन शिक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर SCERT ने स्पष्ट किया कि उद्देश्य मोबाइल उपयोग को समाप्त करना नहीं, बल्कि इसे एक रचनात्मक और विकासोन्मुख साधन में परिवर्तित करना है। यह अभिमुखीकरण कार्यक्रम उत्तराखण्ड में जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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