प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता के आकलन हेतु व्यापक सर्वेक्षण
उत्तराखंड राज्य में प्राथमिक शिक्षा के फाउंडेशनल स्टेज की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से “फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी 2026” के अंतर्गत 272 विद्यालयों में एक व्यापक सर्वेक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अध्ययन एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा संचालित “परख” (PARAKH) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया।
इस सर्वेक्षण में कक्षा 3 उत्तीर्ण लगभग 2705 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें विभिन्न प्रकार के विद्यालयों—राजकीय, निजी, केंद्रीय विद्यालय तथा मदरसा श्रेणी—के विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया, ताकि शिक्षा की वास्तविक स्थिति का समग्र और संतुलित आकलन किया जा सके।
अध्ययन का उद्देश्य
इस अध्ययन का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) का परीक्षण करना था। इसके अंतर्गत बच्चों की पढ़ने, लिखने, समझने और गणना करने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया।
विशेषज्ञों की राय
बंदना गर्ब्याल, निदेशक (अकादमिक, शोध एवं प्रशिक्षण), ने कहा कि यह सर्वेक्षण राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षण पद्धति में सुधार, शिक्षकों के प्रशिक्षण और शैक्षिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग हेतु रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी।
पदमेंद्र सकलानी, अपर निदेशक, SCERT, ने इस अध्ययन को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य में इस प्रकार के सर्वेक्षण शिक्षा के स्तर को संतुलित और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।