2888+ प्रविष्टियों में से चुने गए नवाचारों ने शिक्षा के भविष्य की दिशा दिखाई
हैकाथॉन 2.0: चयन प्रक्रिया और अंतिम प्रस्तुतियाँ
हैकाथॉन 2.0 में राज्य भर से 2888+ प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। बहु-स्तरीय मूल्यांकन के बाद 20 छात्र एवं 10 शिक्षक अंतिम चरण के लिए चयनित किए गए
अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों ने जूरी के समक्ष अपने आइडिया और प्रोजेक्ट्स की लाइव प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें—
कक्षा शिक्षण को रोचक बनाने वाले डिजिटल लर्निंग टूल्स
AI आधारित मूल्यांकन एवं फीडबैक सिस्टम
ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लिए लो-कॉस्ट टेक्नोलॉजी समाधान
समावेशी शिक्षा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए डिजिटल सपोर्ट
साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और STEM आधारित नवाचार जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।
विजेता परियोजनाएँ: शिक्षक वर्ग
शिक्षक वर्ग (प्रथम 4 विजेता)
डॉ. अशोक बडोनी – हिमालयी औषधीय पौधों पर आधारित बायो-प्लास्टिक मालू (Bauhinia vahlii), नीम एवं एलोवीरा का संयुक्त प्रयोग (AI Future Enabled)
प्रभात रावत – AUTOMATIC FIRE CONTROL AND ALERT SYSTEM
डॉ. मुकेश कुमार नौटियाल – Kahoot for Embedded AI and Adaptive Learning! Ecosystem
दीवान सिंह नेगी – वियर अलर्ट एण्ड प्रोटेकसन सिस्टोम
इन सभी प्रोजेक्ट्स में व्यावहारिक उपयोग, नवाचार और स्केलेबिलिटी को विशेष रूप से सराहा गया।
विजेता परियोजनाएँ: छात्र वर्ग
छात्र वर्ग (प्रथम 4 विजेता)
मयंक बिष्ट – Ai based ruler area emerging system
आंचल – गाजर घास , लैंटाना एवं पाइन नीडल ( पिरुल ) आधारित बहु - स्तरीय पर्यावरण - अनुकूल कूलर पैड का विकास ( भविष्य में A.I. आधारित स्मार्ट कूलिंग प्रणाली के साथ )
सपना – पाइनस नीडल (pinus needle) एवं सूखी पत्तियों से अग्निरोधी इको टाइल्स निर्माण: अग्नि रोधी रोकथाम हेतु एक समाधान |
कोमल विश्वकर्मा – स्मार्ट ग्राम एवं आजीविका सशक्तिकरण मंच
छात्रों की प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास, समस्या की स्पष्ट समझ और तकनीकी सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
अन्य चयनित 22 प्रतिभागी: नवाचार की मजबूत श्रृंखला
विगत वर्ष की विजेता छात्रा अनिषा शाही एवं शिक्षक संदीप कुमार को ₹11,000/- का नकद पुरस्कार अगस्त्य नवम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के सलाहकार नितिन देसाई द्वारा प्रदान किया गया।
CoGrad संस्थान ने इस वर्ष के चयनित विजेताओं को सम्मानित करने की घोषणा की।
अगस्त्य नवम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन ने चयनित प्रोजेक्ट्स को प्रोटोटाइप में विकसित करने हेतु निरंतर सहयोग देने का आश्वासन दिया।
जूरी, की-नोट और आयोजन सहयोग
हैकाथॉन 2.0 ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखण्ड में नवाचार की मजबूत नींव तैयार हो चुकी है। शिक्षक और छात्र मिलकर शिक्षा को तकनीक-समर्थ, समावेशी और भविष्य-उन्मुख बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।


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