Friday, January 23, 2026

HACKATHON 2.0 Grand Finale: 2026

2888+ प्रविष्टियों में से चुने गए नवाचारों ने शिक्षा के भविष्य की दिशा दिखाई

देहरादून।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) उत्तराखण्ड के सभागार में हैकाथॉन 2.0 का ग्रैंड फ़िनाले अत्यंत उत्साह, नवाचार एवं प्रेरणादायी वातावरण में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह आयोजन विद्यालयी शिक्षा में नवोन्मेष, तकनीकी समाधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और समस्या-आधारित सोच को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में उभरा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अकादमिक निदेशक, उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा बन्दना गर्ब्याल रहीं, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा का भविष्य नवाचार, तकनीक और रचनात्मक सोच से ही तय होगा, और हैकाथॉन जैसे मंच विद्यार्थियों व शिक्षकों को यह अवसर प्रदान करते हैं।”
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखण्ड उपस्थित रहे।

मुख्य एवं अन्य अतिथियों का स्वागत इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक कमला बड़वाल, उपनिदेशक शैलेन्द्र चौहान, पल्लवी नैन एवं डॉ. के. एन. बिजलवान को भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ अकादमिक निदेशक द्वारा किया गया, जबकि डॉ. मुकुल सती ने माध्यमिक शिक्षा में नवाचार की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजलवान ने सभी अतिथियों, जूरी सदस्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हैकाथॉन 2.0: चयन प्रक्रिया और अंतिम प्रस्तुतियाँ

हैकाथॉन 2.0 में राज्य भर से 2888+ प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। बहु-स्तरीय मूल्यांकन के बाद 20 छात्र एवं 10 शिक्षक अंतिम चरण के लिए चयनित किए गए

अंतिम चरण में चयनित प्रतिभागियों ने जूरी के समक्ष अपने आइडिया और प्रोजेक्ट्स की लाइव प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें—

  • कक्षा शिक्षण को रोचक बनाने वाले डिजिटल लर्निंग टूल्स

  • AI आधारित मूल्यांकन एवं फीडबैक सिस्टम

  • ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लिए लो-कॉस्ट टेक्नोलॉजी समाधान

  • समावेशी शिक्षा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए डिजिटल सपोर्ट

  • साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और STEM आधारित नवाचार जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।

विजेता परियोजनाएँ: शिक्षक वर्ग

शिक्षक वर्ग (प्रथम 4 विजेता)

  • डॉ. अशोक बडोनी हिमालयी औषधीय पौधों पर आधारित बायो-प्लास्टिक मालू (Bauhinia vahlii), नीम एवं एलोवीरा का संयुक्त प्रयोग (AI Future Enabled) 

  • प्रभात रावत – AUTOMATIC FIRE CONTROL AND ALERT SYSTEM

  • डॉ. मुकेश कुमार नौटियाल – Kahoot for Embedded AI and Adaptive Learning! Ecosystem

  • दीवान सिंह नेगी – वियर अलर्ट एण्ड प्रोटेकसन  सिस्टोम 

इन सभी प्रोजेक्ट्स में व्यावहारिक उपयोग, नवाचार और स्केलेबिलिटी को विशेष रूप से सराहा गया।

विजेता परियोजनाएँ: छात्र वर्ग

छात्र वर्ग (प्रथम 4 विजेता)

  • मयंक बिष्ट – Ai based ruler area emerging system

  • आंचल गाजर घास , लैंटाना एवं पाइन नीडल ( पिरुल ) आधारित बहु - स्तरीय पर्यावरण - अनुकूल कूलर पैड का विकास ( भविष्य में A.I. आधारित स्मार्ट कूलिंग प्रणाली के साथ )

  • सपना पाइनस नीडल (pinus needle) एवं सूखी पत्तियों से अग्निरोधी इको टाइल्स निर्माण: अग्नि रोधी रोकथाम हेतु एक समाधान |

  • कोमल विश्वकर्मा  स्मार्ट ग्राम एवं आजीविका सशक्तिकरण मंच 

छात्रों की प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास, समस्या की स्पष्ट समझ और तकनीकी सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

अन्य चयनित 22 प्रतिभागी: नवाचार की मजबूत श्रृंखला

विजेताओं के अतिरिक्त 22 अन्य प्रतिभागियों को भी उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया।
इन प्रोजेक्ट्स ने यह सिद्ध किया कि उत्तराखण्ड के शिक्षक और विद्यार्थी शिक्षा की चुनौतियों के लिए समाधान-उन्मुख सोच रखते हैं। सभी चयनित प्रतिभागियों को निदेशकगण एवं जूरी द्वारा सम्मान प्रदान किया गया




  • विगत वर्ष की विजेता छात्रा अनिषा शाही एवं शिक्षक संदीप कुमार को ₹11,000/- का नकद पुरस्कार अगस्त्य नवम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के सलाहकार द्वारा प्रदान किया गया।

  • CoGrad संस्थान ने इस वर्ष के चयनित विजेताओं को सम्मानित करने की घोषणा की।

  • अगस्त्य नवम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन ने चयनित प्रोजेक्ट्स को प्रोटोटाइप में विकसित करने हेतु निरंतर सहयोग देने का आश्वासन दिया।

जूरी, की-नोट और आयोजन सहयोग

कार्यक्रम में मोहित नागपाल, CEO, Incubation Unit, UPES देहरादून तथा डॉ. सुषमा गैरोला, वैज्ञानिक, USAC देहरादून ने जूरी सदस्य के रूप में निर्णायक भूमिका निभाई।
की-नोट स्पीकर प्रो. सुगंधा शर्मा UPES देहरादूनने AI और शिक्षा पर प्रेरक संबोधन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के समन्वयक रमेश बडोनी ने आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा एवं प्रबंधन का सफल संचालन किया।
एंकर/प्रवक्ता अनुज्ञा पैन्यूली एवं सौरभ जोशी के प्रभावी संवाद ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। तकनीकी समन्वय में विनय उनियाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
साथ ही प्रदयुमन रावत उप परियोजना निदेशकशिव प्रकाश वर्मा, गोपाल घुगत्याल , अरुण थपलीयाल, आशीष कुकरेती, मनीष भट्ट , सुनिल भट्ट रजत छिब्बर, अचल थपाली, अतुल कथैत, हिमानी भट्ट, विनोद चौहान, श्रेयस एवं अन्य संकाय सदस्यों के सहयोग से कार्यक्रम पूर्ण रूप से सफल रहा।

हैकाथॉन 2.0 ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखण्ड में नवाचार की मजबूत नींव तैयार हो चुकी है। शिक्षक और छात्र मिलकर शिक्षा को तकनीक-समर्थ, समावेशी और भविष्य-उन्मुख बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

ईवेंट लाइव व्यू - क्लिक हियर 

 कई स्टार्टअप्स और एन जी ओ ने भी ईवेंट मे स्टॉल के माध्यम से शिरकत की जिनमे अगस्त्य इंटरनेशनल की मोबाईल लैब , क्लैप वैन जिसमे 120 क्रोम बुक , आई टी डी ए से ड्रोन , उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से चार नवाचारी उदयम शील प्रोजेक्ट्स , आसरा ट्रस्ट और अमेरिकन फाउंडेशन इंडिया ने भी प्रदर्शन किया ।