Monday, February 16, 2026

उत्तराखंड द्वारा गुजरात -शिक्षा मॉडल का साझा शैक्षिक नवाचार कार्यक्रम पर चर्चा परिचर्चा एवं शैक्षिक संस्थानों का भ्रमण कार्यक्रम

 

अकादमिक निदेशक, उत्तराखंड बन्दना गर्ब्याल के नेतृत्व में एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखंड के पाठ्यक्रम विभाग की एक शैक्षिक टीम ने गुजरात के गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा एवं अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम में सहभागिता की। यह कार्यक्रम न केवल अंतर-राज्यीय शैक्षिक सहयोग का उदाहरण था, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के आलोक में डेटा-आधारित, मूल्यपरक और प्रत्यायन-उन्मुख (accreditation-aligned) शिक्षा की दिशा में एक सार्थक पहल पर विचारों का आदन प्रदान हुआ ।

गांधीनगर विद्या समीक्षा केंद्र: डेटा-आधारित शैक्षिक प्रशासन की आधारशिला

गुजरात सरकार द्वारा स्थापित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) एक समेकित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो राज्य के स्कूल शिक्षा तंत्र को रियल-टाइम डेटा प्रबंधन और विश्लेषण के माध्यम से सुदृढ़ बनाता है। एस.पी.डी. समग्र शिक्षा, गुजरात की टीम ने VSK 1.0 की कार्यप्रणाली और आगामी VSK 2.0 के विज़न पर गहन प्रस्तुति दी।

प्रस्तुति के प्रमुख आयाम:

  • ऑनलाइन डेटा प्रबंधन प्रणाली: छात्र उपस्थिति, नामांकन, परिणाम, आधार-समेकन, इत्यादि का केंद्रीकृत डैशबोर्ड।

  • मॉनिटरिंग सिस्टम: राज्य से विद्यालय स्तर तक बहु-स्तरीय शैक्षिक अनुश्रवण।

  • प्रशासनिक कार्य (Admin Work Automation): शिक्षक उपस्थिति, अवकाश, स्थानांतरण, और संसाधन प्रबंधन का डिजिटलीकरण।

  • स्कूल असेसमेंट एवं प्रोग्रेस कार्ड: सीखने के परिणामों (Learning Outcomes) से संबद्ध सतत मूल्यांकन।

  • VSK 2.0 की रूपरेखा: AI-सक्षम विश्लेषण, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और लर्निंग गैप की पहचान।

यह मॉडल समग्र शिक्षा गुजरात के माध्यम से क्रियान्वित हो रहा है, जो शैक्षिक गुणवत्ता सुधार हेतु डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देता है।

GCERT: पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और नवाचार का केंद्र

उत्तराखंड टीम ने गांधीनगर स्थित GCERT (Gujarat Council of Educational Research and Training) का भी शैक्षिक भ्रमण किया। GCERT द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें शामिल थे:

  • राज्य स्तरीय पाठ्यक्रम निर्माण की संरचना

  • DIETs के साथ समन्वित प्रशिक्षण मॉडल

  • ऑनलाइन कोर्स एवं MOOCs

  • शिक्षक दक्षता संवर्धन कार्यक्रम

  • नवाचारी शिक्षण पहलें और ICT एकीकरण

GCERT के प्रशिक्षण मॉड्यूल और राज्य-स्तरीय अकादमिक समन्वय की प्रणाली ने उत्तराखंड टीम को यह समझने का अवसर दिया कि कैसे विभागीय तालमेल के माध्यम से शिक्षा में गुणवत्ता और एकरूपता लाई जा सकती है।

इस अध्ययन दल में पाठ्यक्रम विभाग के समन्वयक सुनील भट्ट, डॉ. अवनीश उनियाल, देवराज राणा, विनय थपलियाल, डॉ. साधना डिमरी, गंगा घुगघत्याल, हिमानी रौतेला, आईटी विभाग से रमेश बडोनी, तथा DIET चंपावत से दिनेश खेतवाल एवं मिश्रा  ने सहभागिता की।

उत्तराखंड आईटी विभाग की ओर से एक सूक्ष्म प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य में संचालित नवीन ICT एवं AI-आधारित पहलों की जानकारी साझा की गई। यह प्रस्तुति डिजिटल सशक्तिकरण और स्कूल-स्तरीय डेटा इंटीग्रेशन की दिशा में उत्तराखंड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सांस्कृतिक आयाम: साबरमती से मूल्यपरक शिक्षा की प्रेरणा

शैक्षिक भ्रमण के अंतिम चरण में टीम ने अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम का अवलोकन किया। महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन और शिक्षा संबंधी विचारों को समर्पित यह स्थल भारतीय शिक्षा के मूल्य-आधारित स्वरूप की जीवंत व्याख्या करता है।

साबरमती के तट पर स्थित यह आश्रम त्याग, सत्य और स्वावलंबन के सिद्धांतों का प्रतीक है। संग्रहालय में गांधीजी के शैक्षिक दृष्टिकोण—‘नैतिकता, श्रम और आत्मनिर्भरता’—को आधुनिक शिक्षा नीति से जोड़कर देखने का अवसर मिला। यह अनुभव NEP 2020 के “Holistic and Value-Based Education” के सिद्धांतों को व्यवहारिक धरातल पर समझने का माध्यम बना।

शैक्षिक औचित्य: NEP 2020 के आलोक में अंतर-राज्यीय समन्वय

इस अध्ययन भ्रमण का मूल उद्देश्य केवल अवलोकन नहीं, बल्कि—

  • सांस्कृतिक संदर्भों के साथ मूल्यपरक शिक्षा का समावेशन,

  • डेटा-आधारित मॉनिटरिंग के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता उन्नयन,

  • प्रत्यायन (Accreditation) के अनुरूप पाठ्यक्रम पुनर्संरचना,

  • और विभागीय समन्वय के माध्यम से सतत सुधार (Continuous Improvement Model) स्थापित करना है।



गुजरात मॉडल यह दर्शाता है कि जब पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और प्रशासनिक डेटा एक ही डिजिटल पारिस्थितिकी में समाहित होते हैं, तो शिक्षा अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनती है।

उत्तराखंड के लिए नवाचार का रोडमैप

अकादमिक निदेशक बन्दना गर्ब्याल के संरक्षण में यह टीम अब निम्न बिंदुओं पर कार्य करने हेतु प्रतिबद्ध है—

  1. उत्तराखंड में राज्य स्तरीय एकीकृत शिक्षा डैशबोर्ड की संकल्पना।

  2. DIETs और SCERT के बीच डिजिटल समन्वय प्रणाली।

  3. लर्निंग आउटकम आधारित प्रोग्रेस कार्ड मॉडल।

  4. शिक्षक प्रशिक्षण में MOOCs और AI-आधारित विश्लेषण।

  5. विद्यालय मान्यता (Accreditation) हेतु डेटा-संचालित ढांचा।

यह भ्रमण उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली को सशक्त, समावेशी और नवाचारी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। गुजरात के शिक्षा मॉडल से प्रेरणा लेते हुए, अब लक्ष्य है—“स्थानीय संदर्भों के साथ वैश्विक गुणवत्ता मानकों का समन्वय कराना है ।”

शिक्षा में नवाचार केवल तकनीक से नहीं, बल्कि दृष्टि, समन्वय और मूल्यों से आता है। गुजरात के विद्या समीक्षा केंद्र और GCERT की पहलों ने यह सिद्ध किया है कि यदि डेटा, नीति और नैतिकता का समन्वय हो, तो शिक्षा परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन सकती है। उत्तराखंड की यह शैक्षिक यात्रा इसी विश्वास के साथ आगे बढ़ रही है—

“सशक्त डेटा, सुदृढ़ नीति और मूल्यपरक शिक्षा—भविष्य की आधारशिला” होगी