Friday, February 13, 2026

Bharat Bodhan AI - बोधन एआई कॉन्क्लेव 2026

Day 2 — Platforms, Policy & Emerging Technologies
दिनांक: 13 फरवरी 2026

बोधन एआई कॉन्क्लेव 2026 के दूसरे दिन का फोकस केवल नवाचार प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा तंत्र की संरचना, नीति-निर्माण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित रहा। यह दिन भारत में एआई आधारित शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम शुरुवात है ।

उत्तराखण्ड स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से राज्य की अकादमिक निदेशक बन्दना गर्ब्याल ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उनके साथ:

  • उपनिदेशक, समग्र शिक्षा – पल्लवी नैन
  • राज्य समन्वयक – नवीन नेगी
  • आईटी प्रवक्ता – रमेश बडोनी
  • तकनीकी सपोर्ट टीम – सौरभ जोशी

प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनी स्टॉल, तकनीकी डेमो तथा विभिन्न पैनल चर्चाओं में सक्रिय सहभागिता की और एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों का गहन अवलोकन किया।

एआई प्लेटफॉर्म्स एवं डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)

दूसरे दिन चर्चाओं का केंद्र रहा — शिक्षा के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का निर्माण।

मुख्य विषय:

  • शिक्षा के लिए साझा डिजिटल आधारभूत संरचना
  • डेटा गवर्नेंस एवं प्राइवेसी सुरक्षा
  • इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क
  • भारत EduAI स्टैक के माध्यम से राज्यों में अपनाने के मॉडल

विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि साझा एआई अवसंरचना से दोहराव कम होगा, लागत घटेगी और राज्यों में स्केलेबल कार्यान्वयन तेज़ होगा।

शिक्षक क्षमता, FLN एवं प्रणालीगत सुधार में एआई

सत्रों में EkStep Foundation सहित विभिन्न भाषा एवं शिक्षण संगठनों ने अपने अनुभव साझा किए।

मुख्य बिंदु:

  • एआई आधारित शिक्षक तत्परता ट्रैकिंग
  • FLN (Foundational Literacy & Numeracy) की प्रगति की इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग
  • व्यक्तिगत शिक्षक व्यावसायिक विकास पथ
  • जिला एवं राज्य स्तर पर डेटा-आधारित अकादमिक योजना

स्पष्ट संदेश था — एआई को केवल नवाचार नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार के एक सशक्त साधन के रूप में अपनाना होगा।

उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं वैश्विक साझेदारियाँ

चर्चाएँ उच्च शिक्षा और वैश्विक सहयोग तक विस्तारित हुईं। उल्लेखनीय घोषणा रही —
Indian Institute of Technology Bombay एवं Columbia University के बीच एआई अनुसंधान एवं नवाचार विस्तार हेतु सहयोग।

मुख्य विषय:

  • एआई आधारित पाठ्यक्रम पुनर्रचना
  • उद्योग-संरेखित कौशल विकास
  • अनुसंधान में तीव्रता
  • भविष्य के कार्यबल की तैयारी

कॉन्क्लेव का समापन एक स्पष्ट संदेश के साथ हुआ —एआई केवल तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि भारत की शैक्षिक परिवर्तन यात्रा का रणनीतिक माध्यम है।

समापन के प्रमुख बिंदु:

  • नैतिक नवाचार
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी
  • साक्ष्य-आधारित कार्यान्वयन
  • मापनीय शिक्षण प्रभाव
  • राज्यों के संदर्भानुकूल मॉडल

प्रदर्शनी एवं नवाचारों की विशेष झलक

दोनों दिनों की प्रदर्शनी इस कॉन्क्लेव का अनुभवात्मक केंद्र रही। उत्तराखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने:

  • एआई डेवलपर्स एवं शोध संस्थानों से प्रत्यक्ष संवाद
  • FLN केंद्रित एआई टूल्स का मूल्यांकन
  • एडैप्टिव लर्निंग इंजन का अवलोकन
  • बहुभाषीय एआई प्रणालियों की समीक्षा
  • शिक्षक एनालिटिक्स डैशबोर्ड का परीक्षण
  • पायलट से आगे बढ़ चुके स्केलेबल समाधानों की पहचान
  • राज्य स्तरीय एकीकरण मॉडल का अध्ययन