निदेशक बन्दना गर्ब्याल के संरक्षण मे एससीईआरटी उत्तराखंड की टीम ने अपने समूह के साथ यात्रा का शुभारंभ किया और सबसे पहले प्रस्थान किया पोरबंदर के लिए, जहाँ पर स्थित पारंपरिक और हैरिटेज डाइट (District Institute of Education & Training) का भ्रमण किया गया।
यह डाइट राजवाड़ों के समय स्थापित की गई थी और इसे रमादेवी द्वारा शिक्षा के प्रयोग तथा शिक्षा-प्रबंधन की कार्यशालाओं के लिए दान स्वरूप प्रदान किया गया था। यह भवन पारंपरिक स्थापत्य, विशाल प्रांगण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है, जिसका संरक्षण आज भी स्थानीय समुदाय और प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
डाइट पोर्बंदर महात्मा गांधी के जन्मस्थान के निकट स्थित है और इसलिए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक विशेष महत्व दिया गया है। इसी कारण वर्ष 2005 में इसे श्री रंबा जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के रूप में अधिष्ठापित किया गया।
आज इस संस्थान के प्रधानाचार्य हैं डॉ ए वाय राठोड, जिनका नेतृत्व इस डाइट के सुचारु संचालन एवं संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। डॉ ए वाय राठोड ने पिछले 15 वर्षों से इस विरासत को संरक्षित रखने, शैक्षणिक नवाचारों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों तथा प्रशिक्षुओं के लिए उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण तैयार करने हेतु अथक प्रयास किए हैं।
उनके प्रयासों में विभागों को सशक्त बनाना, शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार और स्थानीय–राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा-सम्पर्कों को सुदृढ़ करना मुख्य रूप से शामिल रहा है। डाइट पोर्बंदर विभिन्न विभागों के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षिक विकास, और अनुसंधान आधारित गतिविधियाँ संचालित करता है। इनमें मुख्य विभाग एवं उनका कार्यक्षेत्र इस प्रकार है:
एस सी ई आर टी टीम ने किया अवलोकन -
1. Curriculum, Material Development & Evaluation (CMDE)
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शिक्षण-पाठ्यक्रम को विकसित करना
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मूल्यांकन सामग्री, प्रशिक्षण माड्यूल और शैक्षिक संसाधनों का निर्माण
2. Educational Technology (ET)
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तकनीकी शिक्षण उपकरणों पर प्रशिक्षण
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शिक्षण मीडिया एवं शैक्षणिक तकनीकों का विकास
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ICT आधारित शिक्षण सामग्री का उत्पादन
3. Planning & Management (P & M)
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योजनाओं का समन्वय
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प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना तथा क्रियान्वयन
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सामुदायिक सतर्कता तथा शिक्षण संतुलन के लिए रणनीतियाँ
इन विभागों के अलावा डाइट में कार्यक्रम संचालित होते हैं जैसे
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प्राथमिक शिक्षण प्रशिक्षण (D.El.Ed.),
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इन-सर्विस प्रशिक्षण (B.Ed./M.Ed.)
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शिक्षा में नवाचार और अनुसंधान आधारित कार्यशालाएँ।
अकादमिक निदेशक बंदना गर्ब्याल डाइट का औपचारिक भ्रमण पर डाइट प्रधानाचार्य डॉ ए वाय राठोड ने उन्हें स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट किया। इसी क्रम में एससीईआरटी टीम, डाइट के सह-सदस्यों और अतिथियों को भी सम्मानित किया गया। यह सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय रहा।
डाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर का संक्षिप्त अवलोकन
डाइट पोर्बंदर के परिसर में शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण सुविधाएँ निम्न प्रकार उपलब्ध हैं:
- विद्या समीक्षा केंद्र
- कई कक्षाएँ और व्याख्यान कक्ष
- पुस्तकालय (प्रायः 8,500+ पुस्तकें)
- कम्प्यूटर कक्ष और साइंस/मनोवैज्ञानिक प्रयोगशालाएँ
- Conference हॉल और English केंद्र
- ICT सुविधाएँ (कम्प्यूटर, प्रोजेक्टर, Broadband आदि)
यूनिक प्रार्थना सभा और प्राचार्य का गायन
डाइट की विशेष परंपरा में सर्वधर्म प्रार्थना सभा शामिल है, जहाँ सभी धर्मों के मंत्रोच्चारण और गीतों के साथ समावेशी प्रार्थना आयोजित की जाती है।
इस सभा के दौरान प्रधानाचार्य डॉ ए राठोड ने सभी सदस्यों का स्वागत किया और मोहम्मद रफ़ी का एक प्रेरक भजन प्रस्तुत किया, जिससे सभी को सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त हुई। यह पहल शिक्षा के साथ सांस्कृतिक समन्वय का भी प्रतीक बनती है। प्राचार्य एक प्रोफेसनल सिंगर के रूप मे भी जाना माना नाम हैं ।
पोरबंदर के चारों ओर भ्रमण
भ्रमण के दूसरे हिस्से में टीम को निम्न स्थलों का भी दर्शन कराये गए:
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पोरबंदर चौपाटी
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कीर्ति मंदिर (गांधी जन्मस्थल) और उसका संग्रहालय
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सांध्या सत्र में सुदामा मंदिर
यह भ्रमण टीम सभी सदस्यों के लिए शिक्षा, संस्कृति और इतिहास का एक समृद्ध अनुभव रहा।
यह अध्ययन भ्रमण न केवल शैक्षिक दिशानिर्देशन प्रदान करने वाला था, बल्कि संस्कृति, विरासत संरक्षण और साझेदारी के मूल्यों को भी गहराई से समझने और अनुभव करने का अवसर प्रदान करने वाला रहा। डाइट पोर्बंदर की यह यात्रा शैक्षिक नवाचार और सांस्कृतिक चेतना के संगम का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।