Thursday, February 19, 2026

शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार - SCERT उत्तराखंड का गोवा एक्सपोज़र विज़िट -2026

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य की शैक्षिक गुणवत्ता को नए आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत SCERT Uttarakhand की विशेषज्ञ फैकल्टी टीम ने गोवा राज्य की शिक्षा व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन भ्रमण (Exposure Visit) किया।

यह अध्ययन भ्रमण अपर निदेशक पद्मेन्द्र सकलानी एवं सहायक निदेशक डॉ के.एन. विजलवान के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस यात्रा का उद्देश्य गोवा की शिक्षा प्रणाली में अपनाई गई श्रेष्ठ पद्धतियों (Best Practices) और आधुनिक शिक्षण नवाचारों को समझना था, ताकि उत्तराखंड की शैक्षिक संरचना को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी और भविष्योन्मुख बनाया जा सके।


अनुभव आधारित शिक्षण: सीखने का जीवंत मॉडल

गोवा के विद्यालयों में लागू अनुभव आधारित शिक्षण (Experiential Learning) की अवधारणा को निकटता से समझा गया। शिक्षण को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखकर गतिविधियों, प्रोजेक्ट्स और स्थानीय संदर्भों से जोड़ने की प्रक्रिया वास्तव में प्रेरणादायक रही।

तकनीक और स्थानीय संस्कृति का समन्वय गोवा की शिक्षा प्रणाली की विशेष पहचान है। “मूवी स्कूल” का नवाचारी कॉन्सेप्ट सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को रोचक और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसी प्रकार व्यवसायिक शिक्षा में स्थानीय कौशल और आजीविका आधारित प्रशिक्षण का समावेश छात्रों को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करता है।

शिक्षक प्रशिक्षण, मूल्यांकन एवं जन-जागरूकता

अध्ययन दल ने गोवा के शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल, छात्र मूल्यांकन प्रणाली और पब्लिक अवेयरनेस कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया। विशेष रूप से यह देखा गया कि बाल वाटिकाओं एवं कक्षा एक से पूर्व की कक्षाओं का संचालन विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत ही किया जा रहा है, जहाँ विद्यालयी शिक्षक ही अध्यापन का कार्य कर रहे हैं — यह एकीकृत मॉडल शिक्षा के सुगम संक्रमण को सुनिश्चित करता है।


बस्तारहित दिवस और व्यवसायिक शिक्षा

गोवा में कक्षा 3 से 10 तक “बस्तारहित दिवस” का आयोजन व्यवसायिक शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए किया जा रहा है। यह पहल छात्रों में व्यावहारिक कौशल, रचनात्मकता और जीवनोपयोगी दक्षताओं को विकसित करने की दिशा में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (SSSA) एवं गुणवत्ता आश्वासन

गोवा राज्य द्वारा राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (SSSA) का गठन किया जा चुका है, जिसमें NCERT द्वारा जारी SQAF (School Quality Assessment and Assurance Framework) मॉडल को अपनाया गया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में सचिव (शिक्षा) को नामित किया गया है तथा सभी सदस्य विभागीय स्तर के हैं।

सुपर स्कूल मॉडल और क्लस्टर व्यवस्था

गोवा में “सुपर स्कूल मॉडल” के माध्यम से क्लस्टर/कॉम्प्लेक्स स्कूल अवधारणा को योजनाबद्ध तरीके से लागू किया गया है।

  • तालुका स्तर पर इंटर कॉलेजों को “सुपर स्कूल” बनाया गया है।

  • उनके अंतर्गत हाईस्कूल “स्कूल कॉम्प्लेक्स” के रूप में कार्य करते हैं।

  • प्रत्येक हाईस्कूल के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय “कॉम्प्लेक्स स्कूल” कहलाते हैं।

यह संरचना नवाचारों के क्रियान्वयन, रिपोर्टिंग और समन्वय को सुव्यवस्थित बनाती है। साथ ही जोनल एवं स्टेट मॉनिटरिंग यूनिटें इन सभी स्तरों पर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, जिससे समग्र शैक्षिक समन्वय स्थापित होता है।इस अध्ययन दल में डॉ. चौरसिया, डॉ. राकेश गैरोला, शुभ्रा सिंघल, हरेन्द्र अधिकारी, रंजन भट्ट, मनोज बहुगुणा एवं रविदर्शन तोपाल सम्मिलित रहे।

यह एक्सपोज़र विज़िट केवल एक औपचारिक अध्ययन नहीं, बल्कि शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और प्रशासनिक समन्वय के नए क्षितिज तलाशने की दिशा में एक सार्थक पहल है। गोवा के अनुभव आधारित शिक्षण मॉडल, तकनीकी समावेशन, व्यवसायिक शिक्षा और स्कूल कॉम्प्लेक्स संरचना से प्राप्त सीख उत्तराखंड में शिक्षा सुधार की प्रक्रिया को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।