दिनांक: 20 फरवरी 2026 | जनपद: गिर सोमनाथ, गुजरात
प्रकृति दर्शन से -दिवस की शुरुआत
निदेशक अकादमिक, शोध एवं प्रशिक्षण, बन्दना गर्ब्याल के मार्गदर्शन में पंचम दिवस का आरंभ प्रातःकालीन प्रकृति-अध्ययन से हुआ। Gir National Park में पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता एवं संरक्षण प्रयासों का अवलोकन किया गया। लायन सफारी के दौरान एशियाई सिंहों के प्राकृतिक आवास, खाद्य शृंखला और वन प्रबंधन की व्यवस्थाओं को निकट से समझने का अवसर मिला।
इस अनुभव ने स्पष्ट किया कि सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन शिक्षा के माध्यम से ही समाज में सुदृढ़ हो सकते हैं।
विद्यालय भ्रमण एवं अभिदर्शन
प्रकृति-अध्ययन के उपरांत टीम ने जनपद के विद्यालयों—PM Shri रामलेची प्राथमिकशाला एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा श्री जंबुर प्राथमिकशाला —का शैक्षिक भ्रमण किया। अंत मे श्री मधुपुर पे सेंट्रल स्कूल का भ्रमण किया और सभी सदस्युओ के अनुदान की सराहना की गई । भ्रमण कार्यक्रम के दौरान स्कूल मे उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारियों से भी मुलाकत हुई और निदेशक ने मोनिट्रिंग सिस्टम पर विस्तार से चर्चा की ।
जनपद मे अधिकारियों के रोल पर की बिन्दु सामने आए जैसे -
प्रशासनिक एवं व्यवस्थागत संरचना
- प्रशासनिक ढांचा: DEO, BEO और प्रधानाध्यापक की भूमिकाएँ एवं जवाबदेही।
- शिक्षक नियुक्ति: विषयानुसार तैनाती, रिक्त पदों की पहचान और पारदर्शी स्थानांतरण।
- सूचना प्रवाह: डिजिटल संप्रेषण, समीक्षा बैठकें और डेटा-आधारित निर्णय।
- संरचनात्मक सुविधाएँ: भवन, शौचालय, पेयजल, वर्दी, मध्यान्ह भोजन और छात्रवृत्ति योजनाएँ एवं किचन गार्डन ।
- निरीक्षण एवं अनुश्रवण: नियमित निरीक्षण, कक्षा अवलोकन और सुधारात्मक कार्ययोजना।
अकादमिक पक्ष एवं नवाचार
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया: छात्र-केंद्रित एवं गतिविधि-आधारित पद्धतियाँ।
नवाचार एवं श्रेष्ठ प्रथाएँ: ICT का उपयोग, सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय नवाचार।
अकादमिक समर्थन: प्रशिक्षण, सहकर्मी अधिगम और नवाचारों का दस्तावेजीकरण।
Key Learnings-
- प्रशासनिक दक्षता और अकादमिक गुणवत्ता परस्पर पूरक हैं।
- डेटा-आधारित अनुश्रवण से पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ती है।
- स्थानीय नवाचारों का साझा करना व्यापक सुधार का मार्ग है।
- शिक्षक सशक्तिकरण से अधिगम परिणामों में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
- पारिस्थितिकी और शिक्षा का समन्वय संवेदनशील नागरिकता का विकास करता है।
जनपद गिर सोमनाथ में शिक्षा व्यवस्था केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय चेतना, सामुदायिक सहभागिता और उत्तरदायित्वपूर्ण प्रशासन के माध्यम से समग्र विकास की दिशा में अग्रसर है।
यह भ्रमण “पारिस्थितिकी से प्रशासन और प्रशासन से अकादमिक गुणवत्ता” की समन्वित दृष्टि को साकार करता है।
इस कार्यक्रम में समन्वयक सुनील भट्ट, डॉ. अवनीश उनियाल, देवराज राणा, विनय थपलियाल, डॉ. साधना डिमरी, गंगा घुगघत्याल, हिमानी रौतेला, आईटी विभाग से रमेश बडोनी, तथा DIET चंपावत से दिनेश खेतवाल एवं बालक राम मिश्रा ने सक्रिय सहभागिता की।