Friday, February 20, 2026

गोवा -शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार के नए क्षितिज तलाशने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की अनुशंसाओं को धरातल पर उतारने और राज्य की शैक्षिक प्रगति को नई गति देने के उद्देश्य से आज SCERT उत्तराखंड की विशेषज्ञ फैकल्टी टीम ने गोवा राज्य की शिक्षा व्यवस्था के मॉडल का विस्तृत Exposure Visit किया। इस अध्ययन यात्रा का नेतृत्व अपर निदेशक पद्मेन्द्र सकलानी एवं सहायक निदेशक डॉ के. एन. विजलवान ने किया।

इस भ्रमण कार्यक्रम में डायट प्राचार्य देहरादून एवं डायट प्राचार्य हरिद्वार अपनी टीम सहित उपस्थित रहे।

इस अध्ययन यात्रा का मुख्य ध्येय था:

  • गोवा की शिक्षा प्रणाली में अपनाई गई Best Practices को समझना।

  • वहां के आधुनिक शिक्षण तौर-तरीकों का अवलोकन करना।

  • उत्तराखंड के शैक्षिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ एवं भविष्योन्मुख बनाने के लिए उपयोगी नवाचारों को अपनाना।

अध्ययन दल ने गोवा के विद्यालयों में लागू विभिन्न नवाचारों का गहन अवलोकन किया:

  • अनुभव आधारित शिक्षण (Experiential Learning): छात्रों को वास्तविक जीवन से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
  • मूवी स्कूल कॉन्सेप्ट: सीखने-सिखाने का एक अभिनव तरीका, जो शिक्षा को रोचक और आकर्षक बनाता है।
  • व्यावसायिक शिक्षा में स्थानीय पुट: PPT प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और व्यवसायिक शिक्षा का सुंदर समन्वय देखा गया।
  • शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं छात्र मूल्यांकन पद्धति: गोवा में शिक्षकों के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण और छात्रों के लिए आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली लागू है।
  • बालबाटिकाओं और पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं का संचालन: विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ प्रारंभिक शिक्षा को भी सुदृढ़ किया गया है।

  • बस्तारहित दिवस (Bagless Days): कक्षा तीन से दसवीं तक व्यावसायिक शिक्षा को मज़बूत करने के लिए लागू।
  • राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (SSSA): SQAF मॉडल को अपनाकर शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम।
  • सुपर स्कूल मॉडल: क्लस्टर स्कूल और कॉम्प्लेक्स स्कूल की अवधारणा को योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया गया है।
  • मॉनिटरिंग यूनिटें: जोनल और राज्य स्तर पर निगरानी एवं समन्वय की व्यवस्था, जिससे शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सहयोग बढ़ता है।

इस Exposure Visit में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अजय कुमार चौरसिया, डॉ. राकेश गैरोला, शुभ्रा सिंघल, हरेन्द्र अधिकारी, रंजन भट्ट, मनोज बहुगुणा और रविदर्शन तोपाल सहित डायट के संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।

गोवा की शिक्षा प्रणाली से मिले अनुभव और नवाचार उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देंगे। यह Exposure Visit न केवल NEP 2020 के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि राज्य की शैक्षिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगा।