Saturday, April 18, 2026

Strengthening Digital Education: CIET-NCERT & SCERT Uttarakhand Collaborate to Empower Teachers

In a significant step toward advancing digital learning in school education, Central Institute of Educational Technology (CIET) under National Council of Educational Research and Training (NCERT), in collaboration with SCERT Uttarakhand, organized a joint content development workshop aimed at enhancing the capacity of teachers in digital content creation.

The workshop witnessed the active participation of around 70 digital expert teachers from across Uttarakhand, who came together to learn, collaborate, and innovate in the field of e-content development. The initiative reflects a strong commitment to equipping educators with the skills required to meet the evolving demands of 21st-century classrooms.

A key highlight of the event was the visit of Joint Director, CIET-NCERT, Dr. Amarendra Behera, who explored the educational video studio established by SCERT Uttarakhand. During his visit, he closely observed the infrastructure, production processes, and the quality of digital content being developed for school education.

Dr. Behera appreciated the state-of-the-art infrastructure and the innovative content development initiatives undertaken by SCERT Uttarakhand. He acknowledged the efforts being made to align digital resources with national educational priorities and emphasized the importance of such initiatives in strengthening platforms like DIKSHA and PM eVIDYA.

The presence of the CIET technical team further enriched the workshop, as they provided hands-on support, guidance, and insights into best practices in digital content creation. Dr K N Bijalwan said that their expertise helped teachers understand the technical and pedagogical aspects of developing engaging and effective e-content. During this visit, State PMe Vidya coordinator Pushpa Aswal and S P Verma were in the group to support the tech team and participants in recording videos.

As per IT faculty and team lead R. P. Badoni, SCERT ensured the best in content creation, while at the evening session, Director Academic Bandana Garbyal elaborated that this collaborative effort between CIET-NCERT and SCERT Uttarakhand marks a crucial milestone in building teacher capacity for digital education. It not only fosters innovation among educators but also ensures that students receive high-quality, accessible, and engaging learning materials.

As India continues its journey toward digital transformation in education, such partnerships play a vital role in bridging gaps and creating a future-ready education system. Uttarakhand’s proactive approach serves as a model for other states aiming to integrate technology meaningfully into teaching and learning processes.

Friday, April 17, 2026

उत्तराखंड राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी का सफल समापन

Dr Avnish Uniyal-17-April 2026

उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के तत्वावधान में डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज, मंडुवाला में आयोजित दो दिवसीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक समापन हो गया।

द्वितीय दिवस पर सर्वप्रथम राज्य के सभी 13 जनपदों से आए प्रतिभागियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को विज्ञान धाम, झाझरा (देहरादून) का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान बाल वैज्ञानिकों ने जैव विविधता पार्क, हिमालयन गैलरी, 3D मूवी तथा तारामंडल का अवलोकन किया। तारामंडल एवं 3D मूवी ने विद्यार्थियों को अत्यंत रोमांचित किया। जीव विज्ञान में रुचि रखने वाले छात्रों ने आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रतिदर्श देखकर अपने घरों में हाइड्रोपोनिक्स एवं ऊर्ध्वाधर (Vertical) खेती अपनाने की इच्छा भी व्यक्त की।

इस अवसर पर जिला समन्वयक सुधीर कांति ने इंस्पायर अवार्ड योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कुल 129 प्रतिभागियों में से 13 बाल वैज्ञानिकों का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया है। उन्होंने चयनित प्रतिभागियों, 6 ब्लॉकों के समन्वयकों तथा समस्त टीम को सफल आयोजन हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।

एनआईएफ के डॉ. पारस ने चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी उत्कृष्ट प्रोटोटाइप्स में से केवल 10% का चयन करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था।

डॉ. के.एन. बिजल्वाण (सहायक निदेशक, SCERT) ने सभी बाल वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए डॉल्फिन इंस्टीट्यूट का आयोजन स्थल उपलब्ध कराने हेतु आभार व्यक्त किया।

पूर्व प्राचार्य, डायट एवं निर्णायक सदस्य डॉ. राकेश जुगराण ने कहा कि वैज्ञानिक चेतना प्रत्येक नागरिक की जीवन शैली का अभिन्न अंग होनी चाहिए और एक पूर्ण नागरिक बनने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण आवश्यक है।

डॉल्फिन इंस्टिट्यूट के निदेशक श्री वी.के. नागपाल ने समापन समारोह में मुख्य अतिथि श्री मेहरबान सिंह बिष्ट (अतिरिक्त निदेशक) का स्वागत किया तथा भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्य अतिथि श्री मेहरबान सिंह बिष्ट ने राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यदि मार्गदर्शक शिक्षक नवाचारशील (Innovative) होंगे, तो विद्यार्थी भी नवाचार की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने वैज्ञानिक सोच को जीवन में अपनाने पर बल दिया।

निर्णायक मंडल में एनआईएफ के डॉ. पारस, दीप्ति जगूड़ी, डॉ. संध्या, डॉ. राकेश जुगराण, सुनील अग्रवाल एवं सुनील जोशी शामिल रहे। इनके द्वारा मूल्यांकन के उपरांत 129 में से 13 प्रतिभागियों का चयन राष्ट्रीय स्तर हेतु किया गया, जिन्हें प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय स्तर हेतु चयनित प्रतिभागी इस प्रकार हैं—

अल्मोड़ा: बबीता कुँवर (मॉडर्न पब्लिक जूनियर हाई स्कूल, ताड़ीखेत)

चमोली: दिव्या भारती (रा.इं.कॉ. लाटूगैर), आदित्य (रा.हा.स्कूल, बिर्शन)

चंपावत: अर्पित सिंह राठौड़ (एलसीआरवीवी एमआईसी, टनकपुर)

देहरादून: सागर (सारदा देवी स्कूल), श्रुति (रा.बा.इं.कॉ., लक्खीबाग)

नैनीताल: गौरी तिवारी (रा.बा.हा.स्कूल, बमोरी हल्द्वानी)

पौड़ी गढ़वाल: नैतिक कुमार (जनता इंटर कॉलेज, धमकेश्वर)

टिहरी गढ़वाल: इशिका रावत (रा.इं.कॉ., चमराड़ा देवी)

उधम सिंह नगर: कोमल (रुद्र पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर), रिथमप्रीत कौर (ब्राइट स्टार इंटरनेशनल, जसपुर), गौरव नाथ एवं कार्तिक सिंह मेहर (डायनेस्टी मॉडर्न गुरुकुल एकेडमी, खटीमा)

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में अवनीश उनियाल राज्य समन्वयक, सुधीर भारती (प्रशासनिक अधिकारी), शैलेश कुमार श्रीवास्तव, दिनेश चंद्र नौटियाल (प्रधानाचार्य), रिचा जुयाल (जिला संदर्भदाता), संजय मौर्य (समन्वयक, चकराता), सरदार दलजीत सिंह (समन्वयक, रायपुर), सुरेंद्र कुमार सहगल (मीडिया प्रभारी), आशीष डबराल, दिगंबर सिंह नेगी, पवन शर्मा, वीरेंद्र रावत, राजीव अग्रवाल, नरेश कोटनाला, हेमवंती सती, आरती ममगाईं, स्मिता सेमवाल, अंजना बिष्ट, स्वाति गुसाईं, सारिका सिरोही, रमन कुमार, कविता रावत, विजय द्विवेदी, राकेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

PM eVIDYA चैनल हेतु ई-कंटेंट डेवलपमेंट कार्यशाला का भव्य शुभारंभ

PM eVIDYA चैनल हेतु ई-कंटेंट डेवलपमेंट कार्यशाला का भव्य शुभारंभ
SCERT उत्तराखण्ड एवं CIET-NCERT के संयुक्त सहयोग से डिजिटल शिक्षा को नई दिशा

देहरादून स्थित SCERT Uttarakhand के सभागार में 16 अप्रैल 2026 को “PM eVIDYA चैनल हेतु ई-कंटेंट डेवलपमेंट” पर 5 दिवसीय अभिमुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह महत्वपूर्ण पहल CIET NCERT और SCERT उत्तराखण्ड के संयुक्त सहयोग से आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में डिजिटल शिक्षा को सशक्त बनाना और गुणवत्तापूर्ण ई-कंटेंट का विकास करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि Dr. Dinesh Saklani (निदेशक, NCERT) एवं Dr. Amarendra Prasad Behera (संयुक्त निदेशक, CIET) द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर SCERT उत्तराखण्ड के अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी एवं सहायक निदेशक डॉ. के.एन. बिजलवान की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का मंच संचालन राज्य समन्वयक (PM eVIDYA) पुष्पा असवाल द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया, जबकि गणेश वंदना एवं प्रार्थना डॉ. उषा कटियार द्वारा प्रस्तुत की गई। सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।

PM eVIDYA के अंतर्गत देशभर में 200 DTH चैनलों और YouTube प्लेटफॉर्म के माध्यम से 24×7 शैक्षिक सामग्री प्रसारित की जाती है। इसी क्रम में, उत्तराखण्ड राज्य के 13 जनपदों से DIET स्तर के संकाय सदस्यों एवं ICT में दक्ष शिक्षकों को इस कार्यशाला में आमंत्रित किया गया है, ताकि वे उच्च गुणवत्ता वाले ई-कंटेंट का निर्माण कर सकें।

विशेषज्ञों के विचार और मार्गदर्शन

कार्यक्रम की शुरुआत में अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात सहायक निदेशक डॉ. के.एन. बिजलवान ने राज्य में PM eVIDYA एवं DIKSHA प्लेटफॉर्म पर विकसित हो रहे कंटेंट की प्रगति और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।

संयुक्त निदेशक Dr. Amarendra Prasad Behera ने अपने संबोधन में 21वीं सदी में डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए प्रतिभागियों से इंटरएक्टिव, गुणवत्ता-युक्त और शिक्षार्थी-केंद्रित कंटेंट विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने National Education Policy 2020 के अनुरूप नवाचार और तकनीकी समावेशन को आवश्यक बताया।


मुख्य अतिथि Dr. Dinesh Saklani ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में स्थानीय संस्कृति, खेल, खान-पान और लोक परंपराओं को ई-कंटेंट में शामिल करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को स्थानीय संदर्भों से जोड़ते हुए “Joyful Learning” और “Gamified Content” के माध्यम से बच्चों को अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ा जा सकता है। अंत मे आई टी प्रवक्ता रमेश बडोनी ने सभागार मे उपस्थित सभी का आभार सम्बोधन करते हुए आई टी मे SCERT उत्तराखण्ड के ग्लोबल एवं नैशनल संप्राप्तियों पर भी प्रकाश डाला गया । 

तकनीकी सत्र और प्रशिक्षण

उद्घाटन सत्र के पश्चात चाय सत्र के बाद तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को वीडियो आधारित ई-कंटेंट निर्माण, स्क्रिप्टिंग, स्टूडियो रिकॉर्डिंग एवं प्रसारण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस सत्र में प्रो डॉ अभय कुमार के निर्देशन मे  विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

इस कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जनपदों से लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें DIET संकाय सदस्य, शिक्षक एवं IT टीम के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह प्रशिक्षण 5 दिनों तक चलेगा और प्रतिभागियों को डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में दक्ष बनाने का कार्य करेगा। SCERT उत्तराखण्ड और CIET-NCERT के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यशाला राज्य में डिजिटल शिक्षा के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगी, बल्कि छात्रों तक रोचक, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

यह कार्यशाला शिक्षा में नवाचार, स्थानीयता और तकनीकी दक्षता का एक उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत करती है।

Thursday, April 16, 2026

PM eVIDYA 200 DTH TV Channels हेतु अभिमुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

देहरादून में SCERT Uttarakhand परिसर में 16 अप्रैल 2026 से “PM eVIDYA 200 DTH TV Channels” के अंतर्गत 5 दिवसीय अभिमुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम CIET NCERT और SCERT उत्तराखण्ड के संयुक्त सहयोग (Joint Collaboration) से आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और सुदृढ़ बनाना है।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर SCERT उत्तराखण्ड के अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी ने सभी अतिथियों एवं CIET टीम का स्वागत करते हुए कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में PM eVIDYA के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा पहुँचाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी।

इस अवसर पर अभय कुमार  (एसोसिएट प्रोफेसर, CIET) ने PM eVIDYA के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। साथ ही, बाइजेक (BISAG-N) के निदेशक द्वारा PM eVIDYA पर एक तकनीकी प्रस्तुतीकरण भी दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को प्रसारण और कंटेंट डिलीवरी की प्रक्रिया को समझने में सहायता मिली।

कार्यक्रम का संचालन राज्य समन्वयक पुष्पा असवाल द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर अपर निदेशक मेहरबान सिंह बिष्ट तथा उपनिदेशक अजीत भण्डारी भी मंच पर उपस्थित रहे और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

कार्यशाला में उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों से लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें आईटी टीम के सदस्य भी शामिल रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिभागियों को स्टूडियो रिकॉर्डिंग, कंटेंट निर्माण, और DTH चैनलों के प्रभावी उपयोग से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में उपनिदेशक अजीत भण्डारी द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

5th India Digital Empowerment Meet & Awards – Uttarakhand Edition

देहरादून, 16 अप्रैल 2026

उत्तराखंड ने डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए “5th India Digital Empowerment Meet & Awards – Uttarakhand Edition” का सफल आयोजन किया। यह भव्य कार्यक्रम देहरादून के Hyatt Centric, राजपुर रोड में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य विषय था— “AI एवं साइबर सुरक्षा के माध्यम से उत्तराखंड का डिजिटल परिवर्तन: विकसित भारत 2047 की ओर”

इस महत्वपूर्ण आयोजन का शुभारंभ उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया गया, जो इस बात का प्रतीक है कि राज्य स्वयं डिजिटल तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत आईटी विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री आलोक कुमार पांडे द्वारा स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में अपने विचार प्रस्तुत किए।

इस सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और राज्य में AI तथा साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर चर्चा की।

SCERT से आईटी प्रवक्ता का कीनोट संबोधन

इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण रहा SCERT उत्तराखंड से आईटी प्रवक्ता  रमेश प्रसाद बडोनी का कीनोट संबोधन, जिसमें उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों के उपयोग, ई-कंटेंट निर्माण, तथा शिक्षकों की डिजिटल क्षमता निर्माण पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि—

  • AI आधारित टूल्स शिक्षा को अधिक प्रभावी और इंटरैक्टिव बना सकते हैं

  • साइबर सुरक्षा जागरूकता स्कूल स्तर से ही विकसित की जानी चाहिए

  • SCERT द्वारा संचालित ICT प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रभाव राज्य के शिक्षकों पर दिखाई दे रहा है

कार्यक्रम के दौरान कई अहम पहलें भी की गईं—

  • CERT उत्तराखंड और उसकी वेबसाइट का आधिकारिक शुभारंभ

  • साइबर सुरक्षा को मजबूत करने हेतु प्रमाण पत्र वितरण

  • IIIT हैदराबाद और ITDA के बीच MOU हस्ताक्षर

इन पहलों से राज्य में डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

AI और साइबर सुरक्षा पर गहन चर्चा

दिनभर चले इस कार्यक्रम में कई तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा और प्रस्तुतियां आयोजित की गईं, जिनमें—

  • AI आधारित गवर्नेंस

  • क्लाउड और साइबर सुरक्षा की बदलती चुनौतियाँ

  • नीति निर्माण और क्षमता विकास

जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

शिक्षा और डिजिटल भविष्य 

इस कार्यक्रम ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि उत्तराखंड AI, साइबर सुरक्षा और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

SCERT के आईटी प्रवक्ता की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि शिक्षा विभाग इस डिजिटल क्रांति का अभिन्न हिस्सा है और भविष्य की पीढ़ी को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन शुभारंभ और  उच्च स्तरीय भागीदारी ने इस आयोजन को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया। यह कार्यक्रम न केवल तकनीकी विकास का मंच बना, बल्कि शिक्षा, शासन और उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।