राज्य में शिक्षक शिक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं विभिन्न अकादमिक कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निदेशक अकादमिक, उत्तराखण्ड बंदना गर्ब्याल की अध्यक्षता में प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) के प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक वर्ष 2026–27 के लिए निर्धारित कार्यक्रमों की समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करना तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श करना था।
बैठक में अपर निदेशक, एससीईआरटी पदमेन्द्र सकलानी एवं सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजलवाण भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने, संस्थागत समन्वय बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करने हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
वर्ष 2026–27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा
सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजलवाण ने बैठक में आगामी शैक्षणिक वर्ष के दौरान संचालित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, शिक्षक प्रशिक्षण गतिविधियों तथा संस्थागत दायित्वों की विस्तार से समीक्षा की । विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई—
वर्ष 2026–27 के अकादमिक कार्यक्रमों का समयबद्ध संचालन।
विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रभावी योजना एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
State Level Achievement Survey (SLAS) की तैयारियों की समीक्षा एवं आवश्यक दिशा-निर्देश।
PARAKH (Performance Assessment, Review and Analysis of Knowledge for Holistic Development) के अनुरूप मूल्यांकन प्रणाली एवं तैयारियों को मजबूत करना।
विद्यालयों के नियमित अकादमिक अनुश्रवण (Academic Monitoring) को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाना।
शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता सुधार के लिए सतत मार्गदर्शन एवं फीडबैक प्रणाली विकसित करना।
कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों को बनाए रखने पर विशेष बल
बैठक के दौरान बंदना गर्ब्याल ने सभी DIET प्राचार्यों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने संस्थानों में कार्य संस्कृति, पारदर्शिता, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि एक सकारात्मक एवं उत्तरदायी कार्य वातावरण ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा और प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आधारशिला है।
उन्होंने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गतिविधि को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा प्रशिक्षण, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन संबंधी सभी कार्य योजनाबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संचालित हों।
नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षक
बैठक में यह भी बल दिया गया कि SCERT एवं DIETs राज्य की शिक्षक शिक्षा व्यवस्था के प्रमुख स्तंभ हैं। इसलिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार, डिजिटल तकनीकों का उपयोग, अनुसंधान आधारित दृष्टिकोण तथा विद्यालयों से निरंतर संवाद को बढ़ावा दिया जाए, जिससे शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता में निरंतर वृद्धि हो और विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे।
अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, अकादमिक अनुश्रवण, मूल्यांकन प्रणाली तथा संस्थागत समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उनके सुझावों पर सभी प्रतिभागियों ने सकारात्मक चर्चा करते हुए उन्हें आगामी कार्ययोजना में शामिल करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक के समापन पर सभी DIET प्राचार्यों ने यह विश्वास दिलाया कि वे राज्य सरकार एवं एससीईआरटी द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सभी कार्यक्रमों, प्रशिक्षणों, सर्वेक्षणों एवं अकादमिक गतिविधियों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन सुनिश्चित करेंगे।