Saturday, August 29, 2026

PARAKH 2026 : उत्तराखंड में कॉम्पिटेंसी आधारित मूल्यांकन की दिशा में राज्यस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक

 

SCERT उत्तराखंड- NEP 2020- PARAKH

देहरादून | SCERT उत्तराखंड

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं PARAKH (Performance Assessment, Review and Analysis of Knowledge for Holistic Development) के उद्देश्यों के अनुरूप उत्तराखंड में कॉम्पिटेंसी आधारित मूल्यांकन व्यवस्था को प्रभावी बनाने हेतु आज राज्यस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन SCERT उत्तराखंड के प्रोग्राम मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ के समन्वय में हुआ, जिसमें राज्य के सभी जनपदों के DIET प्राचार्य, PARAKH हेतु नियुक्त जनपदीय समन्वयक, SCERT के विषय विशेषज्ञ एवं जिला समन्वयक फैकल्टी ने सहभागिता की।

बैठक का संचालन निदेशक अकादमिक बन्दना गर्ब्याल के मार्गदर्शन तथा अपर निदेशक पद्मेन्द्र सकलानी के समन्वय में किया गया। यह बैठक राज्य में PARAKH के जनपदवार परिणामों के विश्लेषण तथा आगामी कॉम्पिटेंसी आधारित परीक्षाओं की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।

बैठक का प्रमुख फोकस PARAKH 2026 के परिणामों के आधार पर उन दक्षताओं की पहचान करना था, जिनमें विद्यार्थियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम रहा है। इस संदर्भ में निर्णय लिया गया कि राज्यभर में ग्रेड-वार कॉम्पिटेंसी बेस्ड प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे तथा प्रत्येक जनपद अपनी स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप मूल्यांकन एवं सुधारात्मक कार्ययोजना विकसित करेगा।

सचिव के निर्देशों का अनुपालन

बैठक में सचिव महोदय के निर्देशों के अनुपालन में सभी DIET प्राचार्यों, BRP, CRP, BEO, CEO तथा शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे विद्यालय स्तर पर निर्धारित अधिगम परिणामों (Learning Outcomes) को मापने के लिए PARAKH दस्तावेजों एवं NCF–NEP 2020 आधारित दक्षताओं को आधार बनाते हुए सतत मूल्यांकन सुनिश्चित करें।

यह भी स्पष्ट किया गया कि मूल्यांकन का उद्देश्य केवल परीक्षा लेना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की वास्तविक दक्षता को पहचानकर उसके लिए सुधारात्मक शिक्षण (Remedial Learning) की योजना तैयार करना है।

सितंबर से होगा जनपदवार कॉम्पिटेंसी असेसमेंट

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सितंबर माह में सभी जनपद उन विषयों एवं दक्षताओं पर विशेष कॉम्पिटेंसी असेसमेंट टेस्ट आयोजित करेंगे, जहाँ प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम रहा है। इसके आधार पर प्रत्येक जनपद एक Future Ready Action Plan तैयार करेगा, जिससे विद्यार्थियों में भाषा, गणित, विज्ञान एवं अन्य विषयों की निर्धारित दक्षताओं को सुनिश्चित किया जा सके।

निदेशक अकादमिक ने सभी DIET प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे समयबद्ध रूप से:

  • कॉम्पिटेंसी आधारित प्रश्नपत्र तैयार करें।

  • मूल्यांकन प्रक्रिया की स्पष्ट कार्ययोजना विकसित करें।

  • जनपदवार एक्शन प्लान तैयार कर SCERT को प्रेषित करें।

  • विद्यालय स्तर पर मूल्यांकन एवं रिपोर्टिंग की समान प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

अपर निदेशक पद्मेन्द्र सकलानी ने जनपदवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक DIET द्वारा विकसित कॉम्पिटेंसी आधारित प्रश्न बैंक एवं प्रश्नपत्र SCERT को उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि राज्य स्तर पर एक साझा गुणवत्ता-मानक प्रश्न बैंक विकसित किया जा सके और सभी जनपदों में समान गुणवत्ता के कॉम्पिटेंसी आधारित मूल्यांकन लागू किए जा सकें।

बैठक में डॉ. के. एन बीजल्वान  तथा प्रोग्राम मॉनिटरिंग SCERT के डॉ अजय चौरसिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी जनपदों के समन्वयकों ने अपने-अपने जिलों की तैयारी, प्रश्न बैंक निर्माण एवं आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी साझा की।

बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों एवं DIETs से अजय कुमार, गणेश जुयाल, दीपा जलाल, बिपिन भट्ट, विनोद सिंह, राजेश जोशी, स्वराज तोमर, आलोक मिश्रा, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, मनोज शुक्ला, सुमेर सिंह, डॉ. वीर सिंह, डॉ. अनिल मिश्रा, सी. पी. रतूड़ी, पुष्पा असवाल, दीपक प्रताप सिंह, डॉ. कमल घटोरी, मेराज अहमद, पारुल शर्मा, कृष्णा ऐरी, हेम जोशी, हिमानी थापा, गंगा, जी. पी. सिल्सवाल, संजीव जोशी एवं रमेश बडोनी सहित विभिन्न DIET प्राचार्यों, SCERT फैकल्टी, जनपदीय समन्वयकों एवं अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

Wednesday, August 26, 2026

IIT Delhi में National PATF–CoGrad Conference-2026

 

AI, NEP 2020 और भविष्य की शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का साझा संकल्प

नई दिल्ली | 26 अगस्त 2026

देश के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के लिए 26 अगस्त 2026 का दिन संवाद, सहयोग, नई मित्रता और भविष्य की शिक्षा के लिए साझा संकल्प का अवसर बना। Presidential Teacher Awardee Forum (PATF) और CoGrad के संयुक्त सहयोग से IIT Delhi के Innovation & Research Ecosystem में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त एवं ICT पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने सहभागिता की।


कार्यक्रम का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को एक साझा मंच पर लाने के साथ Medha AI – Teaching Intelligence Platform के उद्घाटन, प्रदर्शन और भविष्य में स्कूली शिक्षा में इसके संभावित उपयोग पर संवाद स्थापित करना था।


Tuesday, August 25, 2026

राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में SCERT उत्तराखंड ने प्रस्तुत किया “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा” अभियान

 

देहरादून | 25 अगस्त 2026

उत्तराखंड शासन में दिनांक 25 अगस्त 2026 को माननीय परिवहन मंत्री, उत्तराखंड सरकार की अध्यक्षता में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागीय कार्यों की समीक्षा तथा प्रदेश में जनजागरूकता को और प्रभावी बनाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के आधिकारिक एजेंडे में जनपदवार दुर्घटनाओं की स्थिति, क्रैश बैरियर, सड़क सुधार, चारधाम यात्रा मार्गों पर चालक विश्राम गृह, AI आधारित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट, ब्लैक स्पॉट, हिट एंड रन योजना, प्रवर्तन, इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट और जनजागरूकता कार्यक्रम सहित विभिन्न विषय सम्मिलित थे।

बैठक में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखंड की ओर से अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी तथा कार्यक्रम समन्वयक विनय थपलियाल ने प्रतिभाग किया। SCERT द्वारा बैठक में शिक्षा के माध्यम से सड़क सुरक्षा को विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय तक पहुँचाने के लिए संचालित “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा: जनजागरूकता अभियान 2026-27” की प्रगति, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना को प्रस्तुत किया गया।

SCERT की पहल का मूल विचार है—“शिक्षा के माध्यम से सुरक्षित उत्तराखंड का संकल्प — एक भी दुर्घटना कम हो तो पूरा अभियान सार्थक।” अभियान का उद्देश्य केवल यातायात नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में व्यवहार परिवर्तन लाते हुए हेलमेट, सीट बेल्ट, ज़ेबरा क्रॉसिंग और गति सीमा जैसी सुरक्षित आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। इसके साथ ही शिक्षकों के माध्यम से समुदाय तक संदेश पहुँचाने तथा नेक नागरिक एवं राहवीर संस्कृति विकसित करने पर विशेष बल दिया गया है।

SCERT द्वारा किए गए प्रमुख प्रयास

बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार SCERT द्वारा सड़क सुरक्षा शिक्षा को व्यवस्थित और संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में अनेक पहल की गई हैं। सड़क सुरक्षा से संबंधित 6 ऑडियो/शिक्षण सामग्री विकसित की गई हैं। शिक्षक प्रशिक्षण के लिए ‘पथ प्रदर्शिका’ तैयार की गई है तथा “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा” प्रशिक्षण मॉड्यूल पर कार्य जारी है। कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल के अंतर्गत 52 मास्टर ट्रेनर → 780+ शिक्षक → 78,000+ विद्यार्थी तक पहुँच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इन सामग्रियों में हेलमेट के सही उपयोग, सीट बेल्ट, ज़ेबरा क्रॉसिंग, गति सीमा, नशामुक्त वाहन तथा राहवीर/नेक नागरिक जैसे विषयों को सरल हिंदी, स्थानीय उदाहरणों और उत्तराखंड के पहाड़ी संदर्भ के साथ प्रस्तुत किया गया है। सामग्री सभी 13 जनपदों के DIETs को भेजे जाने तथा प्रार्थना सभा, कक्षा-कक्ष और अभिभावक बैठकों में इसके उपयोग का प्रावधान भी प्रस्तुति में उल्लेखित है।

SCERT ने सड़क सुरक्षा को केवल एक अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया है। कक्षा 9 में आपदा प्रबंधन के अंतर्गत पाठ 6—सड़क सुरक्षा को शामिल किया गया है, जिसमें पहाड़ी सड़कें, कोहरा, भूस्खलन, सुरक्षित व्यवहार, रोल-प्ले, सड़क संकेतों की पहचान, प्राथमिक उपचार, प्रोजेक्ट और समुदाय आधारित गतिविधियों को महत्व दिया गया है। वहीं कक्षा 1 से 3 की पाठ्यपुस्तकों में ज़ेबरा क्रॉसिंग, हेलमेट, ट्रैफिक लाइट और STOP जैसे दृश्य संकेतों को शामिल करने की पहल प्रगति पर है।

हर माह गतिविधि और Bagless Day पर सड़क सुरक्षा

विद्यालयों के लिए कक्षा 3 से 12 तक सड़क सुरक्षा संबंधी SOP एवं वार्षिक गतिविधि योजना भी तैयार की गई है। इसमें निबंध, पोस्टर, वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटक और क्विज़ जैसी गतिविधियों के साथ अभिभावक सहभागिता का प्रावधान है। विशेष रूप से हर माह के अंतिम शनिवार—Bagless Day—पर सड़क सुरक्षा संबंधी अनिवार्य जागरूकता सत्र, ट्रैफिक पुलिस/परिवहन विभाग के साथ संवाद तथा प्राथमिक उपचार एवं Good Samaritan से संबंधित जानकारी देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

प्रत्येक विद्यालय तक सड़क सुरक्षा क्लब और कॉर्नरSCERT की कार्ययोजना में ब्लॉक से विद्यालय स्तर तक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सड़क सुरक्षा क्लब तथा Road Safety Corner को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। प्रस्तुति के अनुसार DIETs द्वारा ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं तथा प्रत्येक विद्यालय में छात्र अध्यक्ष, शिक्षक प्रभारी और सक्रिय छात्र सदस्यों के साथ सड़क सुरक्षा क्लब विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। Road Safety Corner में हेलमेट, रिफ्लेक्टर, प्राथमिक उपचार सामग्री, ट्रैफिक संकेत चार्ट और Good Samaritan Guide जैसी उपयोगी सामग्री रखने की परिकल्पना की गई है।

जनजागरूकता को विद्यालय की चारदीवारी से बाहर ले जाने के लिए शिक्षक-अभिभावक-विद्यार्थी WhatsApp समूहों, SCERT एवं DIET के डिजिटल प्लेटफॉर्म, जिंगल, लघु वीडियो, क्विज़, छात्र निर्मित पोस्टर तथा जनपद स्तरीय रैलियों के माध्यम से संदेश पहुँचाने की योजना प्रस्तुत की गई। स्थानीय पुलिस एवं परिवहन विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को स्वयं “सड़क सुरक्षा दूत” के रूप में विकसित करने की अवधारणा भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

SCERT की आगामी कार्ययोजना में सड़क सुरक्षा क्लब एवं कॉर्नर को अधिकाधिक विद्यालयों तक विस्तारित करना, कक्षा 1-3 में सड़क सुरक्षा संकेतों के एकीकरण का कार्य पूरा करना, प्रशिक्षण साहित्य को अंतिम रूप देना, 52 मास्टर ट्रेनर्स के अगले चरण का प्रशिक्षण तथा Bagless Day को प्रभावी सड़क सुरक्षा जागरूकता मंच के रूप में विकसित करना शामिल है।

राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की इस बैठक में शिक्षा विभाग की सहभागिता ने यह रेखांकित किया कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन अथवा पुलिस विभाग का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ा साझा अभियान है। विद्यालय स्तर से सुरक्षित व्यवहार की संस्कृति विकसित कर बच्चे अपने परिवार और समुदाय तक इसका संदेश पहुँचा सकते हैं।