Kaushalam 2026
Entrepreneurial Mindset & 21st Century Skills Program
उत्तराखंड में कौशलम् की ज़रूरत क्यों?
ग्राम विकास एवं पलायन रोकथाम आयोग के अनुसार राज्य में उच्च प्रवास (लगभग 52%) का मुख्य कारण बेहतर आजीविका की इच्छा है।
जिलों में 41% से 77% और पूरे राज्य में औसतन 50% प्रवास रोजगार के अवसरों की कमी से जुड़ा है।
पैरा 4.4: विद्यार्थियों का समग्र विकास (21वीं शताब्दी के मुख्य कौशल)।
पैरा 4.5: अनिवार्य अधिगम और आलोचनात्मक चिंतन (HOTS)।
पैरा 4.6: प्रायोगिक एवं अनुभव-आधारित अधिगम को अपनाना।
उद्यमशील मानसिकताएँ और 21वीं सदी के कौशल
उद्यमशील मानसिकता
- ग्रिट: लक्ष्य तय करना और सतत प्रयास करना।
- स्वतंत्र सोच: अपने निर्णय अपनी रुचि से लेना।
- स्व-जागरूकता: अपनी ताकत एवं कमजोरियों का पता होना।
- नई चीजें आज़माना: सहज न होने पर भी प्रयास करना।
21वीं सदी के कौशल
- सहकार्यता: टीम में मिलकर काम करने का कौशल।
- संवाद कौशल: अपनी बात स्पष्ट कहना और सुनना।
- तार्किक चिंतन: सोच-समझकर सही निर्णय लेना।
- रचनात्मक चिंतन: समस्या समाधान के नए तरीके खोजना।
कौशलम् कार्यक्रम: अब तक की यात्रा
| सत्र | विद्यालय | शिक्षक / छात्र संख्या | लक्षित कक्षाएं |
|---|---|---|---|
| 2021-22 | 65 विद्यालय | 65 शिक्षक | 450 विद्यार्थी | कक्षा 9 |
| 2022-23 | 388 विद्यालय | 776 शिक्षक | 30,000 विद्यार्थी | कक्षा 9 |
| 2023-24 | 1,000 विद्यालय | 3,000 शिक्षक | 1.5 लाख विद्यार्थी | कक्षा 9, 10, 11 |
| 2024-27 | 2,127 विद्यालय | 6,727 शिक्षक | 2.97 लाख विद्यार्थी | कक्षा 9, 10, 11, 12 |
कौशलम् कार्यक्रम का उद्देश्य
- छात्रों में नेतृत्व क्षमता और उद्यमशील मानसिकता का विकास।
- विद्यार्थियों में स्वयं निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना।
- नौकरी के अलावा स्वरोजगार एवं आजीविका के अन्य विकल्पों से अवगत कराना।
- शिक्षा और नवाचार को जोड़कर एक प्रगतिशील संस्कृति का निर्माण।
चार वर्षों की यात्रा
कार्यक्रम की समय-सीमा (सत्र 2026-27)
कक्षा 9 व 10 (सत्र: 20-26)
जुलाई 2026: शिक्षक प्रशिक्षण एवं विद्यालय कार्ययोजना।
अगस्त-दिसंबर: 5-6 कक्षाएं प्रति माह (सतत शिक्षण)।
जनवरी 2027: ग्रैंड फिनाले एवं प्रोजेक्ट प्रदर्शन।
कक्षा 11 व 12 (सत्र: 20-23)
जुलाई 2026: कोर मॉड्यूल ओरिएंटेशन।
अगस्त-नवंबर: प्रोजेक्ट-आधारित प्रायोगिक सत्र।
दिसंबर-जनवरी: राज्य स्तरीय 'कौशलम् स्टेट एक्सपो' मूल्यांकन।
छात्र अवसर - BSF (बिज़नेस सपोर्ट फंड)
चयनित 500 स्कूलों को ₹5,000 की वित्तीय सहायता (आर्थिक मदद) आवंटित की जाती है ताकि छात्र अपने प्रोटोटाइप/आइडिया को विकसित कर सकें।
उत्पाद एवं मार्केटिंग
गुणवत्ता, पैकेजिंग और विजुअल अपील का निर्धारण।
फाइनेंस एवं सेल्स
लागत (Costing), मूल्य निर्धारण और डायरेक्ट सेलिंग स्किल्स।
अनुपालन एवं सुरक्षा
FSSAI के आवश्यक नियम और विधिक दस्तावेज़ीकरण।
A Glimpse into Kaushalam
"विचार से व्यापार तक का सफर" - छात्रों की इस प्रेरक यात्रा को देखने और साझा करने के लिए नीचे दिए गए लिंक या यूट्यूब का उपयोग करें।