देहरादून, 3 अगस्त 2026:
शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल शिक्षण और भविष्य उन्मुख कौशलों को बढ़ावा देने की दिशा में आज SCERT उत्तराखंड और Kotak Education Foundation के बीच एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन विचार-विमर्श एवं प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया। लगभग एक घंटे तक चले इस वेबिनार में Kotak Education Foundation की Country Head जयश्री रमेश एवं उनकी विशेषज्ञ टीम ने विभिन्न राज्यों में संचालित किए जा रहे अत्याधुनिक ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का विस्तृत प्रदर्शन किया।
AI, STEM और 21वीं सदी के कौशलों पर आधारित पाठ्यक्रम
प्रस्तुतीकरण के दौरान टीम ने महाराष्ट्र, गोवा सहित विभिन्न राज्यों में सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे अनेक ऑनलाइन कोर्सों की जानकारी साझा की। इनमें प्रमुख रूप से—
- AI in Education (Fundamental, Intermediate एवं Advanced)
- Cutting-edge Technologies
- STEM Education
- English Speaking Courses
- Behavioural एवं Functional Domain आधारित पाठ्यक्रम शामिल रहे।
टीम ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों के निर्माण में विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ टीवी कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों तथा प्रोफेशनल कंटेंट डेवलपर्स का भी सहयोग लिया गया है, जिससे पाठ्यक्रम अधिक आकर्षक, संवादात्मक एवं शिक्षार्थी-केंद्रित बन सके।
प्रस्तुतीकरण के दौरान SCERT उत्तराखंड की ऑनलाइन कोर्स विकास टीम ने उपलब्ध कराए गए वीडियो, स्क्रिप्ट, शिक्षण सामग्री एवं डिजिटल कंटेंट का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया। बैठक में SCERT की ओर से डॉ. साधना डिमरी, एस. पी. वर्मा, कोर्स समन्वयक रमेश बडोनी, हिमानी थापा, पुष्पा असवाल, TED टीम से सौरभ जोशी, रजत छिब्बर, अचल सहित अनेक अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त SCERT के पूर्व ऑनलाइन कोर्स डेवलपर्स अतुल बमराड़ा, प्रदीप नेगी, दौलत गुसाईं, प्रो. इस्तियाक अहमद सहित कई विशेषज्ञों ने भी प्रस्तुतीकरण में भाग लिया तथा Kotak Education Foundation द्वारा विकसित सामग्री की गुणवत्ता एवं प्रस्तुतीकरण की सराहना की।
बैठक में यह विचार सामने आया कि Collaborative Mode में इन पाठ्यक्रमों को SCERT उत्तराखंड के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विकसित एवं संचालित किया जा सकता है। समीक्षा एवं आवश्यक स्थानीय अनुकूलन के उपरांत इनका उपयोग—
- मिशन कर्मयोगी प्लेटफॉर्म
- DIKSHA
- e-Shrijan
- तथा अन्य राज्य स्तरीय डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म
पर प्रभावी रूप से किया जा सकता है।
जयश्री रमेश ने यह भी आश्वस्त किया कि यदि उत्तराखंड सरकार इच्छुक हो तो Kotak Education Foundation केवल कंटेंट ही नहीं, बल्कि तकनीकी सहयोग, कोर्स विकास, लॉन्चिंग, प्रशिक्षण तथा अन्य डिजिटल वर्टिकल्स में भी पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है।
बैठक का शुभारंभ करते हुए अपर निदेशक पद्मेन्द्र सकलानी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज AI एवं ऑनलाइन शिक्षण का महत्व निरंतर बढ़ रहा है, इसलिए ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रमों का अध्ययन एवं समावेशन समय की आवश्यकता है।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि किसी भी डिजिटल कोर्स का वास्तविक मूल्य उसके कक्षा-कक्ष में प्रभावी क्रियान्वयन और Learning Outcomes से निर्धारित होगा। इसलिए सभी संसाधन इतने संवादात्मक एवं आकर्षक होने चाहिए कि वे विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के उद्देश्यों के अनुरूप सीखने के परिणाम प्रदान कर सकें।
बैठक के समापन पर कोर्स समन्वयक रमेश बडोनी ने कहा कि SCERT उत्तराखंड इन पाठ्यक्रमों को अपने प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है। उन्होंने कहा कि किसी भी सहयोग से पूर्व सभी पाठ्यक्रमों की विस्तृत शैक्षणिक एवं तकनीकी समीक्षा की जाएगी, ताकि राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम शिक्षकों एवं विद्यार्थियों तक पहुँचाए जा सकें।
बैठक में Shine AVI संस्था की संस्थापक अनीता शर्मा, जो ऑटिज्म एवं समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं, भी उपस्थित रहीं। उन्होंने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन पाठ्यक्रम विशेष आवश्यकता वाले बच्चों सहित सभी शिक्षार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने SCERT उत्तराखंड एवं Kotak Education Foundation के संभावित सहयोग को शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक एवं दूरदर्शी कदम बताया।
यह ऑनलाइन बैठक केवल एक प्रस्तुतीकरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्तराखंड में AI-सक्षम, इंटरैक्टिव और भविष्य उन्मुख डिजिटल शिक्षा के लिए एक नई साझेदारी की संभावनाओं का मार्ग भी प्रशस्त कर गई। यदि यह सहयोग मूर्त रूप लेता है, तो राज्य के शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी और उत्तराखंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा।