Monday, August 03, 2026

कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत कुमाऊँ मंडल :मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण -2026

 

दिनेशपुर (ऊधम सिंह नगर), 3 अगस्त।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों में कौशल विकास, उद्यमिता की सोच तथा 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत कुमाऊँ मंडल के मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण का शुभारंभ आज अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, दिनेशपुर (जनपद ऊधम सिंह नगर) में हुआ। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुमाऊँ मंडल के सभी जनपदों से कक्षा 10 एवं 11 के लिए दो-दो मास्टर ट्रेनर प्रतिभाग कर रहे हैं। ये प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर आगामी चरण में अपने-अपने जनपदों तथा डायट स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण में 60 से अधिक प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य संदर्भदाता सुनील भट्ट ने प्रतिभागियों को प्रभावी प्रशिक्षण कौशल, कौशलम कार्यक्रम की अवधारणा, 21वीं सदी के कौशल, उद्यमिता की मानसिकता तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में व्यावसायिक शिक्षा के बढ़ते महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा केवल परीक्षा आधारित न होकर जीवन एवं रोजगारोन्मुख कौशलों से जुड़ी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थी आत्मनिर्भर, नवाचारी और भविष्य के लिए तैयार बन सकें।

प्रशिक्षण का संचालन प्राचार्य डायट के प्रतिनिधियों सीमा त्रिवेदी एवं चेतना मिश्रा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। प्रशिक्षण में कक्षा 10 एवं 11 के लिए समानांतर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें शुभ्रा सिंघल, डॉ. साधना डिमरी, ऋतु कुकरेती, रुचि पाठक, दिनेश खेतवाल, कमल गहतोड़ी तथा उद्यम लर्निंग फाउंडेशन से रोहित गुप्ता, अरविंद, नदिया, आशिया, लक्ष्य सहित अनेक विशेषज्ञ संदर्भदाता अपने अनुभवों एवं विषय विशेषज्ञता के आधार पर प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, दिनेशपुर का शांत एवं प्रेरणादायी शैक्षिक वातावरण प्रतिभागियों को सक्रिय अधिगम के लिए अनुकूल अवसर प्रदान कर रहा है। प्रशिक्षण के दौरान समूह गतिविधियाँ, संवादात्मक सत्र, व्यवहारिक अभ्यास तथा अनुभव साझा करने की प्रक्रिया प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में कक्षा 10 एवं 11 के लिए समानांतर सत्रों के माध्यम से विषयवस्तु, शिक्षण रणनीतियों तथा प्रशिक्षण कौशलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कौशलम कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस दृष्टिकोण को साकार करने का प्रयास है, जिसमें विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही कौशल आधारित, व्यावसायिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ने पर बल दिया गया है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में उद्यमिता की मानसिकता, समस्या समाधान क्षमता, रचनात्मकता, सहयोगात्मक कार्य संस्कृति तथा 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों के विकास को प्रोत्साहित करता है।

कार्यक्रम की विशेषता यह भी है कि इसे शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के अनुभवों, विद्यालयों से प्राप्त फीडबैक तथा शोध-आधारित निष्कर्षों के आधार पर निरंतर समृद्ध और अद्यतन किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक न रहकर वास्तविक कक्षा-कक्ष की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी एवं व्यवहारिक बने।

इस मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण के माध्यम से तैयार होने वाले प्रशिक्षक राज्यभर में कौशलम कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।