जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड), 8 जुलाई 2026
भारत के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि उत्तराखण्ड राज्य शैक्षिक
अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड द्वारा विकसित अभिनव परियोजना "Building Future-Ready Teachers
through AI and ICT Enabled MOOCs" को AI for Education Awards 2026
के प्रतिष्ठित Teacher Training Award वर्ग
में विश्व के शीर्ष छह (Top 6 Finalists) नवाचारों
में स्थान प्राप्त हुआ है।
इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता के परिणाम AI for Good Global Summit 2026 के दौरान जिनेवा,
स्विट्ज़रलैंड में घोषित किए गए। इस
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 47 देशों तथा छह
महाद्वीपों से प्राप्त उत्कृष्ट परियोजनाओं का
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की जूरी द्वारा बहु-स्तरीय मूल्यांकन किया गया। कठोर चयन
प्रक्रिया के पश्चात प्रत्येक श्रेणी में विश्व की सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं का चयन
किया गया।
विद्यालयी शिक्षा सचिव रविनाथ रामन (IAS) ने इस उपलब्धि पर निदेशक वन्दना गर्ब्याल, SCERT की तकनीकी टीम, विषय विशेषज्ञों एवं सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल भारत के लिए डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बनेगी।
भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली यह परियोजना निदेशक बन्दना गर्ब्याल, रमेश प्रसाद बडोनी एवं आईटी संकाय सदस्य, SCERT उत्तराखण्ड के नेतृत्व में विकसित की गई है। इस पहल को विद्यालयी शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उत्तरदायी, समावेशी एवं प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण माना गया है।
महानिदेशक आकांक्षा कोंडे ने इसे SCERT परिवार एवं हजारों शिक्षकों को सामूहिकबधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का यह मॉडल अब वैश्विक स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
निदेशक, अकादमिक
अनुसंधान एवं प्रशिक्षण, SCERT उत्तराखण्ड, बंन्दना गर्ब्याल ने
कहा—
"यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं
बल्कि SCERT परिवार,
विषय विशेषज्ञों, तकनीकी सहयोगियों तथा
उत्तराखण्ड के हजारों समर्पित शिक्षकों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। हमारा
उद्देश्य प्रत्येक शिक्षक को AI एवं डिजिटल तकनीकों से सशक्त
बनाकर भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है। हमें प्रसन्नता है कि
उत्तराखण्ड का यह मॉडल अब वैश्विक मंच पर प्रेरणा का स्रोत बनेगा।"
अपर निदेशक एस सी ई आर टी उत्तराखण्ड पदमेन्द्र सकलानी ने बधाई देते हुए इसे AI टेक्नॉलाजी का सर्वोत्तम उपयोग का माडल मानते हुए इसे आने वाले समय मे परियोजना Global Empowerment Programme हिस्सा बनेगा , जहाँ इसकी सर्वोत्तम
कार्यप्रणालियाँ विश्वभर के देशों के साथ साझा की जाएँगी।
उत्तराखण्ड का AI आधारित शिक्षक
प्रशिक्षण बना वैश्विक मॉडल
SCERT उत्तराखण्ड द्वारा विकसित "Fundamentals of AI and ICT
Tools for School Teachers" नामक विशाल ऑनलाइन प्रशिक्षण
कार्यक्रम (MOOC) ने राज्य में शिक्षक क्षमता विकास का एक
नया अध्याय स्थापित किया है।
इस परियोजना की प्रमुख उपलब्धियाँ अत्यंत प्रेरणादायक हैं—
- राज्य के 49,000 से अधिक
शिक्षकों का पंजीकरण।
- 47,000 से अधिक
शिक्षकों का सफल प्रमाणन।
- उत्तराखण्ड
के 15,000 से अधिक विद्यालयों में लगभग 97 प्रतिशत तक पहुँच।
- देश में
बड़े स्तर पर संचालित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सर्वाधिक सफल
पूर्णता दरों में से एक।
- e-SRIJAN AI Chatbot एवं विद्या
समीक्षा केन्द्र (Vidya Samiksha Kendra) के
माध्यम से वास्तविक समय (Real-time) निगरानी एवं प्रगति
विश्लेषण।
- दूरस्थ
पर्वतीय क्षेत्रों तक समान गुणवत्ता का डिजिटल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में
उल्लेखनीय सफलता।
इस अभिनव कार्यक्रम ने पारंपरिक प्रशिक्षण प्रणाली की सीमाओं को समाप्त करते
हुए शिक्षकों को कभी भी, कहीं भी डिजिटल माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान
किया तथा उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) आधारित शिक्षण के लिए
सक्षम बनाया।
शिक्षक प्रशिक्षण से नवाचार की नई
संस्कृति
इस परियोजना का प्रभाव केवल शिक्षक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा।
प्रशिक्षित शिक्षकों ने अपने विद्यालयों में AI आधारित शिक्षण, डिजिटल
टूल्स, इंटरैक्टिव कक्षाएँ एवं तकनीक-सम्मिलित शिक्षण
पद्धतियों को अपनाया। इसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की सहभागिता, सीखने की गुणवत्ता तथा नवाचार आधारित शिक्षण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
इसी प्रशिक्षण के आधार पर SCERT उत्तराखण्ड ने Innovate Uttarakhand Hackathon
जैसी राज्य स्तरीय पहल प्रारम्भ की, जिसमें
हजारों विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान विकसित
किए। इन नवाचारों में वनाग्नि नियंत्रण, भूस्खलन प्रबंधन,
आपदा न्यूनीकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत
विकास लक्ष्यों (SDGs) से जुड़े अनेक अभिनव समाधान प्रस्तुत
किए गए।
सीमित संसाधनों में विश्वस्तरीय उपलब्धि
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसे अत्यंत सीमित वित्तीय
संसाधनों के साथ विकसित किया गया।
महंगे Learning
Management System (LMS) के स्थान पर SCERT ने
e-SRIJAN AI Chatbot आधारित प्रशिक्षण प्रणाली विकसित
की, जिसने—
- मोबाइल
आधारित सहज पहुँच
- कम लागत
में व्यापक विस्तार
- AI आधारित मार्गदर्शन
- स्वचालित
सहायता
- वास्तविक
समय प्रगति विश्लेषण
- डेटा
आधारित निर्णय प्रणाली
जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराकर इसे विश्वस्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल के रूप में
स्थापित किया।
कठोर अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन में भारत
की सफलता
AI for
Education Awards 2026 के अंतर्गत प्रत्येक परियोजना का बहु-स्तरीय
मूल्यांकन किया गया, जिसमें—
- पात्रता परीक्षण
- अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा स्वतंत्र मूल्यांकन
- निर्धारित मानकों पर अंकन
- अंतिम जूरी विचार-विमर्श
के आधार पर चयन किया गया। SCERT उत्तराखण्ड की परियोजना को विश्व की छह सर्वश्रेष्ठ शिक्षक प्रशिक्षण परियोजनाओं में स्थान मिलना भारतीय शिक्षा व्यवस्था तथा डिजिटल नवाचार की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है।
वैश्विक मंच पर आगे भी जारी रहेगा भारत
का सफर
यद्यपि इस वर्ष Teacher Training
Award दक्षिण
अफ्रीका की परियोजना "Kitso Learning Chatbot" को प्रदान किया गया, फिर भी भारत का शीर्ष छह
वैश्विक फाइनलिस्टों में चयन अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस चयन के साथ SCERT उत्तराखण्ड की परियोजना अब 1 सितम्बर 2026
से प्रारम्भ होने वाले Global Empowerment Programme का हिस्सा बनेगी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व के चयनित नवाचारों को
अंतरराष्ट्रीय Masterclasses, वैश्विक e-Book,
तथा विभिन्न ज्ञान-साझाकरण मंचों पर प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे विश्वभर के शिक्षक एवं शिक्षा संस्थान इन सर्वोत्तम प्रथाओं से
प्रेरणा प्राप्त करेंगे।
UNESCO द्वारा पूर्व में भी मिल चुकी है
वैश्विक पहचान
यह उपलब्धि SCERT उत्तराखण्ड की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को और सशक्त करती है। इससे पूर्व
उत्तराखण्ड की बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु AI एवं
डिजिटल प्रौद्योगिकी आधारित पहल को UNESCO
IITE द्वारा प्रकाशित वैश्विक केस स्टडी में भी स्थान दिया जा
चुका है। अब AI for Education Awards 2026 में प्राप्त यह
सम्मान उत्तराखण्ड को डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित
शिक्षा नवाचारों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में स्थापित करता है।
भारत के लिए गौरव का विषय
SCERT उत्तराखण्ड की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दूरदर्शी नेतृत्व,
नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा डिजिटल
तकनीकों का प्रभावी उपयोग सीमित संसाधनों में भी विश्वस्तरीय परिणाम दे सकता है।
यह सम्मान केवल उत्तराखण्ड या SCERT की सफलता नहीं, बल्कि
भारत की शिक्षा प्रणाली, डिजिटल परिवर्तन, शिक्षक क्षमता निर्माण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित भविष्य की शिक्षा के वैश्विक स्वीकार का प्रतीक है।
यह परियोजना आज विश्व के समक्ष भारत की उस सोच का प्रतिनिधित्व कर रही है, जिसमें प्रत्येक शिक्षक
को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और भविष्य उन्मुख शिक्षा पहुँचाने का संकल्प निहित है।
कोर्स टीम सदस्य : डॉ. अजय सेमल्टी, डॉ. इश्तियाक अहमद, मनोज बहुगुणा, रमेश बड़ोनी, डॉ. किरण लता डंगवाल, डॉ. चांदनी अग्रवाल, बर्गिन, डॉ. आशीष रतूड़ी, सुप्रिया बहुखंडी, अर्चना गर्ब्याल, पंकज बिजल्वाण, भास्कर जोशी, अजय पाल सिंह नेगी, प्रदीप नेगी, अंकित जोशी, प्रकाश चंद्र उपाध्याय, दौलत गुसाईं, अशोक भट्ट, राजमोहन रावत, अल्पा निगम, डॉ. अतुल बमराड़ा, मनोधर नैणवाल, विनोद बसेड़ा, प्रभाकर जोशी, रविंद्र रौतेला, सौरभ जोशी, विनय उनियाल, रजत छिब्बर, अचल थपलियाल, एस. पी. वर्मा, पुष्पा असवाल तथा अन्य सहयोगी स्टाफ ने इस महत्वपूर्ण कार्य के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। सभी के सामूहिक प्रयास, समर्पण और टीम भावना के कारण कार्यक्रम का प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन संभव हो सका।
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