Saturday, July 04, 2026

PAB 2026–27 वार्षिक कार्ययोजना के समयबद्ध एवं क्रियान्वयन पर विस्तृत मंथन

समग्र शिक्षा और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड में आज PAB 2026–27 वार्षिक कार्ययोजना बैठक  का आयोजन अकादमिक निदेशक बन्दना गर्ब्याल  की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में Annual Work Plan & Budget (AWP&B) 2026–27 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों एवं श्रेणियों में स्वीकृत धनराशि के प्रभावी उपयोग, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा कार्यक्रमवार कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी, सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण, समग्र शिक्षा से उपनिदेशक अजीत भंडारी, उपनिदेशक पल्लवी नैन, SCERT के संकाय सदस्य, समग्र शिक्षा के समन्वयक तथा विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के प्रारम्भिक सत्र को संबोधित करते हुए अकादमिक निदेशक  ने सभी अधिकारियों एवं कार्यक्रम समन्वयकों से अपेक्षा की कि वे प्रत्येक स्वीकृत कार्यक्रम का गंभीरता से अध्ययन करें, उसकी स्वीकृत मदों, वित्तीय प्रावधानों तथा निर्धारित टाइमलाइन को ध्यान में रखते हुए कार्य प्रारम्भ करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में संभावित चुनावी आचार संहिता को देखते हुए अधिकांश कार्यक्रमों को दिसम्बर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा जाए, जिससे सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन समय पर सुनिश्चित हो सके।

बैठक के प्रमुख निर्णय

बैठक में निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए—

  • DIKSHA प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध समस्त सामग्री एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा सभी शिक्षकों को DIKSHA  एवं Prashast एप से जुड़कर डिजिटल शिक्षण संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने हेतु प्रेरित किया जाए।
  • ECCE (Early Childhood Care and Education) सहित भारत सरकार की प्राथमिकता वाले सभी कार्यक्रमों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने की रणनीति तैयार की जाए।
  • SAS, SPL, आनंदम, उम्मीद एवं मनोदर्पण जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के मॉड्यूल विकास का कार्य समय पर पूर्ण किया जाए।
  • Learning Enhancement Programme (LEP) के अंतर्गत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सामग्री एवं कार्यक्रम विकसित किए जाएँ।
  • प्रत्येक जिले में Language Lab की स्थापना हेतु चरणबद्ध रणनीति तैयार की जाए तथा इसके लिए क्षमता निर्माण (Capacity Building) कार्यक्रम संचालित किए जाएँ।
  • Astronomy  Club के गठन के लिए विस्तृत Standard Operating Procedure (SOP) तैयार की जाए, जिससे बजट का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
  • विभिन्न योजनाओं के लिए प्राप्त बजट का समय पर आवंटन करते हुए व्यय सुनिश्चित किया जाए तथा सभी कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
  • DIKSHA तथा PM eVidya के अंतर्गत स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध उपयोग करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल शिक्षण सामग्री विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  • जिन विषयों पर प्रशासनिक अथवा नीतिगत स्वीकृति आवश्यक है, उन्हें शीघ्र Executive Committee (EC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो।

समीक्षा:

बैठक के दौरान समग्र शिक्षा के उपनिदेशक अजीत भंडारी ने कहा कि विशेष रूप से DIKSHA से संबंधित स्वीकृत कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए Executive Committee की स्वीकृति समय पर प्राप्त करना आवश्यक होगा, जिससे कार्यान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी ने Holistic Progress Card (HPC) सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों को प्राथमिकता के आधार पर तीव्र गति से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यक्रम प्रभारी अधिकारियों को नियमित समीक्षा, समन्वय तथा समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में इस बात पर विशेष सहमति बनी कि वर्ष 2026–27 में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत प्रत्येक योजना के बजट का उपयोग केवल समय पर ही नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण परिणामों के साथ किया जाए। सभी कार्यक्रमों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना, समय-सीमा, उत्तरदायित्व निर्धारण तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से राज्य में शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा, अधिगम संवर्धन, नवाचार एवं संस्थागत क्षमता विकास को नई गति प्रदान की जाएगी।