Wednesday, July 08, 2026

राष्ट्रीय गौरव: रुद्रप्रयाग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला को मिला SHVR 2025–26 में राष्ट्रीय सम्मान

उत्तराखण्ड का स्वर्णिम क्षण – शिक्षक सतेन्द्र सिंह भंडारी के नेतृत्व में सरकारी विद्यालय ने रचा इतिहास

"जब एक शिक्षक अपने विद्यालय को मिशन बना ले, तब वह केवल बच्चों का भविष्य नहीं, बल्कि पूरे राज्य की पहचान बदल देता है।"

उत्तराखण्ड के लिए एक और ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड अगस्त्यमुनि स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोट तल्ला ने स्वच्छता, हरित परिसर, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण विद्यालय प्रबंधन के क्षेत्र में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

हाल ही में केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET), NCERT, नई दिल्ली द्वारा जारी आधिकारिक पत्र (दिनांक 07 जुलाई 2026) के माध्यम से विद्यालय को Swachh Evam Harit Vidyalaya Rating (SHVR) 2025–26 के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने की औपचारिक सूचना प्रदान की गई है। यह सम्मान भारत सरकार द्वारा देशभर में चयनित 191 उत्कृष्ट विद्यालयों को प्रदान किया जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर चयन—कठोर मूल्यांकन के बाद मिली सफलता

CIET-NCERT के संयुक्त निदेशक प्रो. अमरेन्द्र प्रसाद बेहेरा द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि विद्यालय का चयन जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की बहु-स्तरीय (Multi-stage) मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया है।

यह सम्मान उन विद्यालयों को दिया जाता है जिन्होंने—

  • स्वच्छता एवं स्वास्थ्यकर वातावरण,
  • पर्यावरण संरक्षण,
  • सतत विकास,
  • सुरक्षित एवं समावेशी विद्यालय,
  • विद्यार्थियों में व्यवहार परिवर्तन,
  • हरित विद्यालय संस्कृति

जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय कार्य किया हो।

यह उपलब्धि स्वयं इस बात का प्रमाण है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोट तल्ला ने राष्ट्रीय स्तर के सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

उत्तराखण्ड बना राष्ट्रीय पहचान का केन्द्र

इस वर्ष की SHVR रेटिंग में विद्यालय ने अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अपने नाम कीं—

  • राष्ट्रीय स्तर पर सभी सरकारी विद्यालयों में प्रथम स्थान
  • 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन
  • देशभर के सभी विद्यालयों में 22वीं राष्ट्रीय रैंक
  • उत्तराखण्ड राज्य के सभी विद्यालयों में प्रथम स्थान

यह केवल विद्यालय की उपलब्धि नहीं, बल्कि सम्पूर्ण उत्तराखण्ड की शिक्षा व्यवस्था के लिए गर्व का विषय है।

एक शिक्षक जिसने बदल दी सरकारी विद्यालय की तस्वीर

इस ऐतिहासिक सफलता के केंद्र में हैं विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद्  सतेन्द्र सिंह भंडारी

उन्होंने विद्यालय को केवल शिक्षण का केन्द्र नहीं रहने दिया बल्कि उसे—

  • स्वच्छ विद्यालय,
  • हरित परिसर,
  • जैव विविधता संरक्षण,
  • प्रकृति आधारित शिक्षण,
  • सामुदायिक सहभागिता,
  • छात्र नेतृत्व का उत्कृष्ट मॉडल बना दिया।

आज कोट तल्ला विद्यालय पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है कि सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट विद्यालय कैसे विकसित किए जा सकते हैं।

दो दशकों की तपस्या 

सतेन्द्र सिंह भंडारी पिछले लगभग 20 वर्षों से शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जैव विविधता संवर्धन, विद्यालय नवाचार तथा सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं।

उनकी सेवाओं के लिए उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

विशेष रूप से उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल द्वारा भी उन्हें उनके उत्कृष्ट शैक्षिक एवं पर्यावरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है। पिछले दो दशकों में प्राप्त अनेक सम्मान उनके सतत समर्पण, निष्ठा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।

आज वे उत्तराखण्ड में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र के अग्रणी शिक्षकों में गिने जाते हैं और हजारों शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

राज्य स्तरीय सम्मान

राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोट तल्ला के प्रधानाध्यापक  सतेन्द्र सिंह भंडारी पिछले लगभग 20 वर्षों से शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, स्वच्छ विद्यालय अभियान तथा सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उनके नवाचारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों ने उन्हें उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई है।

उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उन्हें पिछले दो दशकों में अनेक राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा भी उन्हें उनके उत्कृष्ट शैक्षिक एवं पर्यावरणीय योगदान के लिए राजभवन में सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उनके दीर्घकालीन समर्पण, नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रयासों की औपचारिक स्वीकृति है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विकासखंड अगस्त्यमुनि में आयोजित समारोह में श्री सतेन्द्र सिंह भंडारी को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—

  • प्रमुख श्रीमती भुवनेश्वरी देवी
  • खंड विकास अधिकारी श्री सुरेश साह
  • प्रधान संगठन अध्यक्ष श्री वैष्णव जी
  • क्षेत्र पंचायत सदस्य
  • स्थानीय जनप्रतिनिधि
  • शिक्षाविद एवं क्षेत्रवासी

सभी ने इसे उत्तराखण्ड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।


CIET-NCERT  राष्ट्रीय मंच पर सम्मान 

CIET-NCERT द्वारा भेजे गए पत्र में विद्यालय को बधाई देते हुए कहा गया है कि विद्यालय ने स्वच्छ, सुरक्षित, समावेशी एवं पर्यावरण-अनुकूल शिक्षण वातावरण विकसित करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

पत्र में यह भी उल्लेख है कि SHVR 2025–26 National Level Recognition Ceremony शीघ्र आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर से चयनित विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

यह समारोह भारत के सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के लिए एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच होगा।

कोट तल्ला विद्यालय की यह सफलता एक महत्वपूर्ण संदेश देती है—

यदि विद्यालय में दूरदर्शी नेतृत्व, सामुदायिक सहयोग, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का समन्वय हो, तो सरकारी विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित कर सकते हैं।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोट तल्ला की यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार नहीं है।

यह उत्तराखण्ड के सरकारी विद्यालयों की क्षमता, शिक्षकों की प्रतिबद्धता और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की शक्ति का राष्ट्रीय प्रमाण है।

सतेन्द्र सिंह भंडारी ने यह सिद्ध कर दिया है कि एक शिक्षक अपने समर्पण, नवाचार और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से पूरे राज्य का नाम राष्ट्रीय पटल पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित कर सकता है।


इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कोट तल्ला, उसके ऊर्जावान विद्यार्थियों, अभिभावकों, ग्रामवासियों तथा विशेष रूप से प्रधानाध्यापक  सतेन्द्र सिंह भंडारी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।