Saturday, February 22, 2025

एससीईआरटी उत्तराखंड में आईटी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

 

आज 22 फरवरी 2025 को एससीईआरटी, उत्तराखंड के कॉन्फ्रेंस हॉल में अपर निदेशक  प्रदीप कुमार रावत के निर्देशन में आईटी विभाग की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें आईटी विभाग के प्रवक्ता  रमेश बडोनी ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

आईआईटी बॉम्बे के शैक्षिक भ्रमण की विस्तृत जानकारी

बैठक में आईआईटी बॉम्बे में आयोजित पांच दिवसीय शैक्षिक भ्रमण पर चर्चा की गई, जिसमें डिजिटल शिक्षा, एआई टूल्स और नवीनतम शैक्षिक तकनीकों के बारे में सीखे गए अनुभवों को साझा किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाना था।

MOOCs कोर्स एवं ई-सृजन ऐप का परिचय

समीक्षा बैठक में वर्तमान में संचालित MOOCs (Massive Open Online Courses) पर संकाय सदस्यों का अभिमुखीकरण किया गया। अपर निदेशक प्रदीप कुमार रावत ने घोषणा की कि यह कोर्स राज्य के सभी शिक्षकों, एससीईआरटी, डीआईईटी एवं SIEMAT के संकायों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इस कोर्स की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित की गई है।

इसके अलावा, ई-सृजन ऐप पर भी विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे ऑनलाइन कोर्स सीखने और विकसित करने में सहायता मिलेगी। रमेश बडोनी ने हाल ही में पूर्ण किए गए लक्षित कार्यक्रमों को साझा किया और उनके प्रभावों पर प्रकाश डाला।

पीएम ई-विद्या पर विशेष प्रस्तुति

संकाय सदस्य पुष्पा असवाल ने पीएम ई-विद्या प्लेटफॉर्म पर एक विशेष प्रस्तुति दी। इस दौरान अब तक विकसित किए गए कोर्स और वीडियो की गुणवत्ता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों के सुझाव

बैठक में विभिन्न अधिकारियों और संकाय सदस्यों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए:
सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजलवाण और शैलेष श्रीवास्तव (उपनिदेशक) ने कंटेंट और वीडियो निर्माण पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
✔ प्रवक्ता भुवनेश पंत, राकेश रावत, सुनील भट्ट ने चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाई।
आईटी प्रवक्ता एस. पी. वर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।
टेक टीम के विनय उनियाल और सौरभ जोशी ने वीडियो निर्माण के लिए आवश्यक संसाधनों पर चर्चा की।

आईटी विभाग के प्रमुख कार्यों की प्रस्तुति

रमेश बडोनी ने एससीईआरटी के आईटी विभाग के कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहल शामिल थीं:
📌 MOOCs विकास और कार्यान्वयन
📌 हैकाथॉन "Innovate Uttarakhand" का सफल आयोजन
📌 दीक्षा पोर्टल पर कंटेंट निर्माण और समीक्षा
📌 CLAP वैन का सरकारी स्कूलों में उपयोग
📌 एससीईआरटी की वेबसाइट एवं न्यूज बुलेटिन का नियमित अपडेट
📌 ब्लॉग और रियल-टाइम कंटेंट पब्लिशिंग

बैठक के अंत में अपर निदेशक प्रदीप कुमार रावत ने कहा कि डिजिटल शिक्षा और ई-लर्निंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संकायों और शिक्षकों को तकनीकी दक्षता और डिजिटल संसाधनों के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संकाय सदस्यों को डिजिटल कंटेंट निर्माण और ऑनलाइन शिक्षण संसाधनों के विकास में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

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Thursday, February 20, 2025

उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत एस0सी0ई0आर0टी0 एवं एस0एल0एम0ए0 के निदेशकों के राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन


उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत एस0सी0ई0आर0टी0 एवं एस0एल0एम0ए0 (State Literacy Mission Authority) के निदेशकों  का एस0सी0ई0आर0टी0 ओडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का आज समापन हो गया है। आज उत्तराखण्ड, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश तथा हरियाणा राज्य के प्रतिनिधियों द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत किये गये प्रयासो को साझा किया गया।

प्रथम सत्र में उत्तराखण्ड राज्य का प्रस्तुतीकरण उत्तराखण्ड में उल्लास कार्यक्रम के राज्य समन्वयक डाॅ हरेन्द्र सिंह अधिकारी द्वारा किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता शैलेश कुमार श्रीवास्वत और संचालन डाॅ राकेश गैरोला द्वारा किया गया। उत्तराखण्ड के द्वारा उल्लास कार्यक्रम से संबंधित नवाचारी प्रयासो को साझा करते हुये डाॅ0 हरेन्द्र सिंह अधिकारी ने कहा कि उत्तराखण्ड में नव-साक्षरों के लिए बनाये गये प्राइमर में स्थानीय मेले, त्यौहार व्यक्तित्व और सामाजिक विश्वास को स्थान दिया गया। उल्लास कार्यक्रम को राज्य स्तर पर प्रभावी रूप से संचालन करने के लिए रज्य साक्षरता केन्द्र तथा जिला स्तर पर जिला साक्षरता केन्द्र बनाये गये।

नव-साक्षर बुजर्गो को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवी शिक्षक के रूप में कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थी तथा डी0एल0एड0 प्रशिक्षुओं के अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों, गृहणियों तथा आंगनवाडी कार्यकत्रियों ने सहयोग दिया। मिजोरम राज्य में उल्लास के अन्तर्गत किये जा रहे प्रयासो के बारे में पी0एल0 नवाते प्रवक्ता एस0सी0ई0आर0टी0 मिजोरम ने बताया कि वर्ष 2011 में मिजोरम की साक्षरता दर 91 प्रतिशत थी और अब यह शतप्रतिशत लक्ष्य की ओर बढ रही है। उन्होने कहा कि नव-साक्षरों से संबंधित प्राईमर का नाम वाजियांन रखा गया है। इसका मिजो भाषा में अर्थ सूर्योदय होता है।

इस सत्र का संचालन डा0 राकेश गैरोला द्वारा किया गया तथा अध्यक्षता हेमलता भट्ट प्राचार्य डायट टिहरी द्वारा की गई । हिमाचल प्रदेश में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के बारे में एस0सी0ई0आर0टी0 हिमाचल प्रदेश सोलन की प्राचार्य डाॅ0 रजनी सांख्यान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में एक व्यक्ति के द्वारा एक असाक्षर को साक्षर बनाने का कार्यक्रम चलाया गया है। नव-साक्षरों को इस कार्यक्रम से जोडने के लिए स्थानीय भाषा का प्रयोग किया गया है।

इस सत्र की अध्यक्षता आशा रानी पैन्यूली सेवानिवृत्त अपर निदेशक एस0सी0ई0आर0टी0 उत्तराखण्ड द्वारा की गई तथा संचालन मनोज बहुगुणा द्वारा किया गया। हिमाचल प्रदेश के बाद हरियाणा राज्य के प्रतिनिधि के रूप में डाॅ0 विजेन्द्र गौड़ नोडल अधिकारी एस0सी0ई0आर0टी0 हरियाणा ने बताया कि वर्ष 2021 में हरियाणा की साक्षरता दर 76-6 प्रतिशत रही। असाक्षरों की पहचान करने के लिए उनके परिवार पहचान डाटा का प्रयोग किया गया। सर्वे में उनकी वोटर लिस्ट से सहायता प्राप्त की गई । इस सत्र का संचालन मनोज बहुगुणा तथा अध्यक्षता शैलेन्द्र  अमोली मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी द्वारा कि गई ।

शैलेन्द्र  अमोली ने कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमता का स्वरूप भी बदल जायेगा। वह मानवीय संवेदना को पढने में सफल होगा। डा0 सान्त्वना मिश्रा एसोसिऐट प्रोफेसर नीपा (National institute of Educational Planning and Administration) ने कहा कि यूनस्को रिपोर्ट के अनुसार भारत में आज भी 18-12 करोड़ असाक्षर है जिन्हें साक्षरता के साथ-साथ जीवन कौशलो के बारे में प्रशिक्षित किये जाने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में उल्लास नई चेतना लेकर आया है। भविष्य में साक्षरता और संख्या ज्ञान के साथ ही जीवन कौशलो के बारे में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाये जाने की आवश्यकता है।

जनपद स्तर पर उल्लास से संबंधित प्रकाशन सामग्री को पहुँचाने, संसाधनो का क्रियान्वयन करने और स्वयंसेवियों का क्षमता वर्धन के कार्य में जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस सत्र की अध्यक्षता राकेश जुगरान पूर्व प्राचार्य डायट देहरादून तथा संचालन डाॅ0 मोहन बिष्ट द्वारा किया गया।अपर निदेशक एस0सी0ई0आर0टी0 उत्तराखण्ड प्रदीप कुमार रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक और सामाजिक सांस्कृतिक विशिष्टताओं पर आधारित विषय वस्तु का समावेश उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्राईमर में समाहित किया गया है। उन्होने कहा  कि नव-साक्षरों को सीखने -सिखाने की प्रक्रिया आंनददायी वातावरण में की जानी चाहिए। इसमें उनके जीवन के अनुभवों को साझा करने के अधिक से अधिक प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम धरातल पर अपने उद्देश्य को पूरा करने में सफल होगा।    

इस अवसर पर नवभारत साक्षरता कार्यक्रम उत्तराखण्ड के राज्य संदर्भ समूह के सदस्य नरेन्द्र सिंह बिष्ट,डाॅ0 उमेश चमोला, उपेन्द्र भट्ट,विनीत भट्ट,दिव्या नौटियाल, पुष्पा पठोई तथा सुमन बिष्ट के साथ ही डाॅ अतुल कुमार श्रीवास्तव,किरन बहुखण्डी, जगदीश सजवाण,प्रद्युम्न सिंह रावत, डाॅ रमेश पंत, गंगा घुघतियाल,कामाक्षा मिश्रा, डाॅ शक्ति प्रसाद सैमल्टी, डाॅ रंजन भट्ट, डाॅ0 मनोज कुमार शुक्ला,एस0पी0वर्मा,रमेश बडोनी विनोद सिंह चौहान रजत छिब्बर, सौरभ जोशी,विनय उनियाल, दिनेश चौ हान,आलोक प्रभा पाण्डेय, शालिनी गुप्ता,शुभ्रा सिंघल, रेनू कुकरेती, मनोज कुमार महर, नितिन कुमार, कामिनी, रविदर्शन तोपवाल,अरूण थपलियाल,डाॅ दीपक प्रताप सिंह,डाॅ अजय कुमार चौरसिया,भुवनेश्वर प्रसाद पंत, देवराज राणा,प्रवीण चन्द्र, पुष्पा असवाल, सुनील भट्ट, डाॅ विनोद ध्यानी, विमल रावत,खुशहाल सिंह राणा,नीलम पंवार,सुधा पैन्यूली, प्रिया गुसाईं,अनुज्ञा पैन्यूली तथा आशा नकोटी प्रमुख रूप मौजूद रहे।

Tuesday, February 18, 2025

उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत एस0सी0ई0आर0टी0 एवं एस0एल0एम0ए0 के निदेशकों का राष्ट्रीय सम्मेलन:18 - 19 फरवरी 2025

डॉ उमेश चमोला 

उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत एस0सी0ई0आर0टी0 एवं एस0एल0एम0ए0 के निदेशकों का राष्ट्रीय सम्मेलन आज एस0सी0ई0आर0टी0 ओडिटोरियम में शुरू हो चुका है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डाॅ धनसिंह रावत ने आह्वान किया कि हर एक व्यक्ति एक निरक्षर को साक्षर करने का संकल्प ले तो उत्तराखण्ड पूर्ण साक्षर राज्य के रूप में प्रदर्शन कर पायेगा, उन्होने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य पूर्ण नशामुक्त तथा टीबी मुक्त राज्य के रूप में उत्तराखण्ड को पहचान दिलाना है। कार्यक्रम की शुरूवात दीप प्रज्जवलन तथा शारदे वन्दना "वारी जाहु तो ही" चरण की प्रस्तुति के साथ हुई। शारदे वन्दना डाॅ ऊषा कटियार के द्वारा प्रस्तुत की गयी तथा पुष्पेन्द्र सिंह के द्वारा तबले पर संगत दी गई।

दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बन्दना गर्ब्याल, एन0सी0ई0आर0टी0 नई दिल्ली से प्रो0 ऊषा शर्मा, डाॅं सान्त्वना मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर निपा, प्रदीप कुमार रावत, अपर निदेशक एस0सी0ई0आर0टी0 उत्तराखण्ड, डायट कारगिल लदाख से मौहम्मद, एस0सी0ई0आर0टी0 पंजाब से सुरेन्द्र कुमार, श्रीमती नामते प्रवक्ता मिजोरम एस0सी0ई0आर0टी0, डाॅ रजनी सांख्यान प्राचार्य एस0सी0ई0आर0टी0 हिमाचल प्रदेश, डाॅ विजेन्द्र गौड़, एस0सी0ई0आर0टी0 हरियाणा ने भाग लिया। 

निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बन्दना गर्ब्याल  ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत देश के विभिन्न राज्यों में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत चल रहे कार्यक्रमों की साझेदारी से सीखने को मिलेगा। उन्होने कहा कि जा असाक्षर है उनके पास अपने जीवन के विभिन्न पक्षों का अनुभव है, उनके पास प्रबन्धन कौशल भी है इसलिए इस कार्यक्रम में स्वयंसेवियों को उनके जीवन के अनुभवों को शिक्षण से जोडना चाहिए। 

सी0एन0सी0एल0 (Center for Numeracy and literacy) एन0सी0ई0आर0टी0 नई दिल्ली की प्रभारी प्रो ऊषा शर्मा ने कहा कि नवभारत साक्षरता कार्यक्रम 15 साल या इससे ऊपर जो व्यक्ति किसी तरह पढ़ना लिखना सीख नहीं पाये उनकी सहायता करने का आह्वान है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को महत्व देती है। इसलिए इस ज्ञान को प्राप्त करना सभी मनुष्यों का अधिकार है। इस कार्यक्रम के माध्यम से नवसाक्षरों को महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तिय साक्षरता, विधिक जागरूकता, पर्यावरण आदि सभी घटकों से परिचित कराया जा रहा है। इसके लिए दृश्य श्रव्य सामग्री तथा प्राइमर बनाये जा चुके है। उच्च शिक्षा में असाक्षरो को पढ़ाने पर विद्यार्थियों को कुछ अंको का क्रैडिट दिया जाता है।

वर्ष 2030 तक भारत के 140 करोड़ मे ये 18 करोड असाक्षर लोगो को साक्षर करने के लक्ष्य रखा गया है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा डाॅ मुकुल कुमार सती ने कहा कि नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का योगदान जरूरी है। अपर निदेशक एस0सी0ई0आर0टी0 उत्तराखण्ड प्रदीप कुमार रावत ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुये कहा कि उल्लास कार्यक्रम का अर्थ (Understanding of life long learning for all in society)  है उन्होने आशा व्यक्त की यह कार्यक्रम अपने नाम के अनुरूप नव-साक्षरों को साक्षरता तथा अंक ज्ञान से परिचित कराने में सफल होगा। डाॅ कृष्णानन्द बिजल्वाण सहायक निदेशक एस0सी0ई0आर0टी0 उत्तराखण्ड ने कहा नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रति समाज में जागरूकता का प्रसार किया जाना अवाश्यक है। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के राज्य समन्वयक डाॅ हरेन्द्र सिंह अधिकारी ने कहा कि उत्तराखण्ड में हरिद्वार ऊधमसिंह नगर, चम्पावत, टिहरी और उत्तरकाशी जनपदों में संचालित है। आगामी वर्षो में इसे अन्य जनपदो में भी लागू किया जायेगा। उदघाटन कार्यक्रम का संचालन डाॅ मोहन सिंह बिष्ट द्वारा किया गया। अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला ने कहा अधिक उम्र के लोगो को छोटे बच्चो के माध्यम से भी अक्षर और अंक ज्ञान दिया जा सकता है। उन्होने कहा कि इस कार्यक्रम मे माध्यक से नव-साक्षरो में नेतृत्व की भावना का विकास किया जा सकता है।

उदघाटन सत्र के बाद लदाख और पंजाब राज्य द्वारा किये जा रहे प्रयासों का प्रस्तुतिकरण किया गया। लदाख से संबंधित नवाचारी कार्यो का प्रस्तुतिकरण डायल कारगिल के उल्लास कार्यक्रम प्रभारी मौहम्मद तथा पंजाब के कार्यक्रमों का प्रस्तुतिकरण पंजाब के उल्लास कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सुरेन्द्र कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर चियर पर्सन के रूप मे पूर्व अपर निदेशक एस0सी0ई0आर0अी0 आशा रानी पैन्यूली ने कहा विकट भौगोलिक परिस्थिति होने के बाबजूद लदाख के द्वारा किय गये प्रयास महत्वपूर्ण है। लदाख के नोडल अधिकारी मौहम्मद ने कहा 97 प्रतिशत साक्षरता प्राप्त करने के फलरूवरूप शिक्षा मंत्रालय में लदाख को पूर्ण सक्रिय साक्षरता का दर्जा दिया है। पंजाब के नोडल अधिकारी सुरेन्द्र कुमार तथा लखविन्दर ने बताया कि पंजाब में बी0.एड. करने वाले स्वयंसेवी विद्यार्थियों को अतिरिक्त अंक दिये जाते है। चियर पर्सन के रूप में पूर्व प्राचार्य डायद देहरादून राकेश जुगरान ने कहा कि डायट के प्रशिक्षुओं को स्वयंसेवी के रूप में योगदान एक अच्छा प्रयास है। उन्होने ’ले किताबे चल पढे है लोग मेरे गांव के गीत को प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर डायट रूड़की के प्राचार्य कैलाश डंगवाल के निर्देशन में साक्षरता का खुल कर उल्लास मनाओ गीत को प्रस्तुत किया गया। इस सत्र का संचालन मनोज बहुगुणा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डायट टिहरी के डी0एल0एड0 प्रशिक्षु आशा भट्ट, सुनिति थापा, सीमा शर्मा, साक्षी पंवार, प्रवीन बिजल्वाण तथा पंकज राणा ने नव-साक्षरता पर आधारित गढ़वाली गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून बी0के0ढौडियाल, अजय कुमार नौडियाल, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, हेमलता भट्ट प्राचार्य डायट टिहरी, पदमेन्द्र सकलानी अपर निदेशक महानिदेशालय, शैलेन्द्र अमोली मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी, हिमानी बिष्ट, डाॅ अतुल कुमार श्रीवास्तव, किरन बहुखण्डी, शैलेष कुमार श्रीवास्तव, जगदीश सजवाण, प्रद्युम्न सिंह रावत, डाॅ राकेश गैरोला, डाॅ रमेश पंत, गंगा घुघतियाल, कामाक्षा मिश्रा, डाॅ शक्ति प्रसाद सैमल्टी, डाॅ रंजन भट्ट, मनोज कुमार शुक्ला, एस0पी0वर्मा, रमेश बडोनी, रजत छिब्बर, सौरभ जोशी, विनय उनियाल, दिनेश चैहान, आलोक प्रभा पाण्डेय, शालिनी गुप्ता, शुभ्रा सिंघल, रेनू कुकरेती, मनोज कुमार महर, नितिन कुमार, कामिनी, रविदर्शन तोपवाल, अरूण थपलियाल, अखिलेश डोभाल, डाॅ दीपक प्रताप सिंह, डाॅ अजय कुमार चैरसिया, भुवनेश्वर प्रसाद पंत, देवराज राणा, प्रवीण चन्द्र, नवीता भण्डारी, पुष्पा असवाल, सुनील भट्ट, डाॅ विनोद ध्यानी, विमल रावत, खुशहाल सिंह राणा, नीलम पंवार, सुधा पैन्यूली, प्रिया गुसाईं, अनुज्ञा पैन्यूली तथा आशा नकोटी प्रमुख रूप मौजूद रहे।