उत्तराखण्ड के विद्यार्थियों और शिक्षकों को AI एवं डिजिटल इनोवेशन से जोड़ने की राज्य स्तरीय पहल
देहरादून | 02 सितम्बर 2026
उत्तराखण्ड में विद्यालयी शिक्षा को नवाचार, Artificial Intelligence (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, समस्या-समाधान और रचनात्मक सोच से जोड़ने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। सचिव, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड, ज्योति यादव, IAS द्वारा SCERT Uttarakhand के State-Level Teacher–Student Innovation Hackathon 3.0 – Innovate Uttarakhand का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
Hackathon 3.0 का शुभारंभ आगामी दक्षता आधारित आकलन (Competency-Based Assessment) की तैयारियों को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक के दौरान किया गया। बैठक में राज्य के मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEOs), खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEOs), DIET प्राचार्य एवं अन्य शिक्षा अधिकारी ऑनलाइन जुड़े थे।
सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, IAS ने अधिकारियों को Hackathon 3.0 के उद्देश्यों और इसकी उपयोगिता से अवगत कराते हुए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों तक इस पहल को प्रभावी रूप से पहुँचाने तथा विद्यालय स्तर पर innovation, creativity, problem-solving और technology-enabled learning को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर निदेशक अकादमिक, SCERT उत्तराखण्ड वंदना गरब्याल, पदमेन्द्र सकलानी अपर निदेशक SCERT, उप निदेशक विनोद मठूड़ा, सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण सहित SCERT के संकाय सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राज्य के विद्यालयों में नवाचार की संस्कृति विकसित करने तथा विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
Hackathon 3.0 क्या है?
Hackathon 3.0 उत्तराखण्ड का राज्य स्तरीय Teacher–Student Innovation Programme है, जिसमें विद्यार्थी और शिक्षक अपने आसपास दिखाई देने वाली वास्तविक समस्याओं को पहचानकर उनके लिए अभिनव, व्यावहारिक तथा तकनीक आधारित समाधान विकसित करेंगे।
इस पूरी innovation journey को एक सरल प्रक्रिया के रूप में विकसित किया गया है:
Problem → Idea → Guidance → Prototype → Presentation → Innovation
अर्थात प्रतिभागी पहले समस्या की पहचान करेंगे, फिर उसका समाधान सोचेंगे, विशेषज्ञों एवं mentors से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे और अपने विचार को prototype, model, application, device अथवा digital solution के रूप में विकसित करने का प्रयास करेंगे।
चयनित श्रेष्ठ नवाचारों को State-Level Finale में प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा तथा promising innovations को आगे development, collaboration और incubation से जोड़ने की संभावनाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
कौन कर सकता है प्रतिभाग?
Hackathon 3.0 में कक्षा VI से XII तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। इसमें राजकीय विद्यालयों के साथ PM SHRI Schools, Atal Utkrisht Schools, Ashram Schools, Jawahar Navodaya Vidyalayas (JNV), Kendriya Vidyalayas (KV), recognised private schools तथा NGO-supported एवं अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थी भी प्रतिभाग कर सकते हैं।
शिक्षक श्रेणी में कक्षा I से XII तक के शिक्षक प्रतिभाग कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त DIET, SCERT, SIEMAT, National एवं State Awardee Teachers तथा आमंत्रित experts और mentors को भी innovation ecosystem से जोड़ा जाएगा।
Hackathon 3.0 की विशेषता यह है कि प्रतिभागियों को केवल पूर्व निर्धारित project बनाने के बजाय अपने आसपास की वास्तविक समस्या को पहचानकर उसका समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
Innovation के प्रमुख क्षेत्रों में Education, Artificial Intelligence, Agriculture, Tourism, Disaster Management, Health, Environment, Governance, Robotics & IoT, Coding & Digital Innovation, STEM तथा Inclusive Education शामिल हैं।
उत्तराखण्ड की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थी भूस्खलन, बाढ़, जंगल की आग, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, कृषि, ग्रामीण विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य, विद्यालय प्रबंधन, accessibility तथा स्थानीय समुदायों से जुड़ी चुनौतियों पर भी समाधान विकसित कर सकते हैं।
इन themes को सीमित नहीं रखा गया है। कोई भी ऐसा विचार जो वास्तविक समस्या का अभिनव और उपयोगी समाधान प्रस्तुत करता हो, Hackathon 3.0 का हिस्सा बन सकता है।
Idea से Prototype तक मिलेगा मार्गदर्शन
Hackathon 3.0 को केवल ideas जमा करने वाली प्रतियोगिता न बनाकर एक learning and innovation journey के रूप में तैयार किया गया है।
प्रतिभागियों की यात्रा निम्न चरणों से आगे बढ़ेगी:
Registration → Idea Submission → Screening → Mentorship → Bootcamp → Prototype Development → State-Level Finale → Incubation & Further Support
प्रारंभिक idea पूर्ण या तकनीकी रूप से विकसित होना आवश्यक नहीं है। प्रतिभागियों को mentors और experts के माध्यम से अपने विचार को बेहतर बनाने, उपयुक्त technology चुनने तथा उसे prototype में बदलने का अवसर दिया जाएगा।
Prototype किसी working model, mobile application, website, AI-enabled solution, robotic device, IoT system, software, digital platform अथवा अन्य practical solution के रूप में हो सकता है।
AI और Emerging Technologies पर विशेष जोर
Hackathon 3.0 के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को केवल technology के users के रूप में नहीं, बल्कि creators and innovators के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
जहाँ उपयुक्त होगा, प्रतिभागियों को Artificial Intelligence, Generative AI, Coding, App/Web Development, Robotics, IoT, STEM, No-Code/Low-Code Tools, Data Analytics तथा अन्य emerging digital technologies का उपयोग करके अपने समाधान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इससे विद्यार्थियों में critical thinking, computational thinking, creativity, collaboration, communication और problem-solving skills विकसित करने का अवसर मिलेगा।
प्राप्त innovations का मूल्यांकन केवल तकनीक के आधार पर नहीं, बल्कि समस्या और समाधान की वास्तविक उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
प्रमुख मूल्यांकन मानकों में Innovation, Real-World Impact, Feasibility, meaningful use of AI & Technology, Prototype Development, Presentation तथा Scalability शामिल होंगे।
इसका उद्देश्य ऐसे solutions की पहचान करना है जिन्हें आगे विद्यालय, समुदाय, जनपद अथवा आवश्यकता पड़ने पर पूरे उत्तराखण्ड में उपयोग की दिशा में विकसित किया जा सके।
लगभग 50 उत्कृष्ट Innovations को मिलेगा सम्मान
Hackathon 3.0 के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में कुल 50 उत्कृष्ट innovations को सम्मानित किए जाने का प्रावधान है।
कार्यक्रम की आधिकारिक guidelines एवं संबंधित award category के अनुसार चयनित विजेताओं को AI-enabled laptops/tablets, Robotics Kits, IoT Kits, 3D Printing Support, Software Licences, Innovation Grants तथा आगे development और incubation के अवसर जैसे सहयोग प्रदान किए जा सकते हैं।
प्रतियोगिता से आगे—Innovation Culture बनाने की पहल
Hackathon 3.0 का उद्देश्य केवल विजेताओं का चयन करना नहीं है। SCERT Uttarakhand की परिकल्पना इसे राज्य के विद्यालयों में एक स्थायी Innovation Ecosystem के रूप में विकसित करने की है।
अर्थात प्रत्येक विद्यालय नवाचार की प्रयोगशाला बने, प्रत्येक शिक्षक विद्यार्थियों का innovation mentor बने और प्रत्येक विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं को देखकर उनके समाधान खोजने की क्षमता विकसित करे।
Learn. Create. Innovate. Solve.
Hackathon 3.0 विद्यार्थियों को यह संदेश देता है कि किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए इंजीनियर, वैज्ञानिक या entrepreneur बनने की प्रतीक्षा करना आवश्यक नहीं है।
समस्या को पहचानिए। समाधान के बारे में सोचिए। तकनीक का उपयोग कीजिए। अपना prototype बनाइए और अपने innovation को दुनिया के सामने प्रस्तुत कीजिए।
उत्तराखण्ड के किसी छोटे से विद्यालय या दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र के विद्यार्थी का एक छोटा-सा विचार भी भविष्य में किसी विद्यालय, गाँव, समुदाय या पूरे राज्य की बड़ी समस्या का समाधान बन सकता है।
Hackathon 3.0 – Innovate Uttarakhand इसी सोच को अवसर, मार्गदर्शन और मंच प्रदान करने की दिशा में SCERT Uttarakhand की एक महत्वपूर्ण पहल है।
Hackathon 3.0 के लिए आवेदन
विद्यार्थी एवं शिक्षक Innovate Uttarakhand Portal के माध्यम से अपना registration एवं innovation idea प्रस्तुत कर सकते हैं।
Apply Now:
https://innovateuttarakhand.com/event
Government of Uttarakhand | School Education Department | SCERT Uttarakhand
एक समस्या पहचानिए — एक विचार सोचिए — एक समाधान बनाइए।
Hackathon 3.0 | Learn • Create • Innovate • Solve

