सुनील भट्ट : देहरादून, 3 सितम्बर 2026
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड, सहयोगी संस्था उद्यम लर्निंग फाउंडेशन तथा McGill University, Canada के संयुक्त सहयोग से संचालित कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत चल रही शोध-अध्ययन के निष्कर्ष एवं आंकड़े आज साझा किए गए। इस अवसर पर निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड, सहायक निदेशक, SCERT, उपदेशक, SCERT, McGill University, Canada से Dr. Joseph Levitan, उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के डायरेक्टर श्री हरीश मनवानी, कौशलम टीम के सदस्य, विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम
का शुभारंभ कौशलम कोऑर्डिनेटर सुनील दत्त भट्ट द्वारा किया गया।
उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को कौशलम कार्यक्रम का परिचय देते हुए इसकी
आवश्यकता, उद्देश्य तथा
उत्तराखण्ड में कार्यक्रम के संचालन एवं विस्तार की जानकारी साझा की।
इसके
पश्चात विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने कौशलम
कार्यक्रम के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम
से उन्हें किस प्रकार नए कौशल सीखने, अपनी सोच विकसित करने, समस्याओं को नए दृष्टिकोण से
देखने तथा अपने विचारों को व्यवहार में लाने के अवसर मिले। शिक्षकों एवं
विद्यार्थियों द्वारा साझा किए गए अनुभवों की उपस्थित सभी सदस्यों ने सराहना की
तथा उन्हें इसी प्रकार निरंतर सीखने और नवाचार के लिए प्रेरित किया।
McGill University द्वारा शोध अध्ययन के
निष्कर्ष साझा
कार्यक्रम के अगले चरण में McGill University, Canada की ओर से कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत किए जा रहे शोध-अध्ययन के आंकड़े एवं प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए। शोध के निष्कर्षों पर उपस्थित प्रतिभागियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तुत आंकड़ों से यह संकेत मिला कि कौशलम कार्यक्रम जिन उद्देश्यों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था, उनकी दिशा में कार्यक्रम सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम का लाभ विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी प्राप्त हो रहा है। शोध के माध्यम से कार्यक्रम के प्रभाव और उसके विभिन्न पहलुओं को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है।
साथ
ही, शोध निष्कर्षों के
आधार पर यह भी चर्चा की गई कि कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के
लिए अभी किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इससे भविष्य
में कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं प्रभाव को और बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार
करने में सहायता मिलेगी।
पैनल डिस्कशन में भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा
कार्यक्रम
के अंत में पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया,
जिसका संचालन हरीश मनवानी द्वारा किया गया। पैनल में Dr.
Joseph Levitan, श्री विनोद कुमार मटूड़ा एवं डॉ. कृष्णानंद
विजल्वाण ने प्रतिभाग किया।
पैनल चर्चा के दौरान कौशलम कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति, शोध से प्राप्त निष्कर्षों, कार्यक्रम के प्रभाव तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शोध से प्राप्त सीख और सुझावों का उपयोग करते हुए कार्यक्रम को विद्यालय स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों तक इसका सकारात्मक प्रभाव पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा में नवाचार, उद्यमिता एवं 21वीं सदी के कौशलों को बढ़ावा देने की दिशा में कौशलम कार्यक्रम के प्रयासों को और मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।
बंदना गर्ब्याल, निदेशक अकादमिक , ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु यह जानना आवश्यक है कि उसका क्रियान्वयन कितना प्रभावित हो रहा है और मैकगिल यूनिवर्सिटी द्वारा की गई रिसर्च से हमें यह पता चलता है कि कौशलम् कार्यक्रम के अंतर्गत हम सही दिशा में कार्य कर रहे हैं कार्यक्रम के अंतर्गत हमें बच्चों में उद्यम शील मानसिकताएं एवं 21वीं सदी के कौशल विकसित होते हुए दिखाई दे रहे हैं। और आगे भी हम सभी का यही प्रयास होगा कि इस रिसर्च में आई अनुशंसाओं को शामिल करते हुए हम कौशलम् कार्यक्रम को और बेहतर क्रियान्वित करें जिससे कि बच्चों में हमें इसके और बेहतर सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकेंगे।
पद्मेंद्र सकलानी, अपर निदेशक,राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण
परिषद देहरादून उत्तराखंड ने कहा कि कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत की गई रिसर्च में बहुत
सारे सकारात्मक बिंदु निकल के आए हैं इसके साथ ही साथ कई ऐसे पहलू भी हैं जिन पर हमें
और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है और निश्चित तौर पर भविष्य में हम रिसर्च में की
गई अनुसंशाओ को पाठ्यक्रम में एवं शिक्षक प्रशिक्षणों में लागू किया जाएगा। कार्यक्रम
में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से विपिन भट्ट, गिरीश थपलियाल, रितु कुकरेती,
एससीईआरटी से डॉ मनोज शुक्ला, गोपाल घुघत्याल, सुशील गैरोला, अखिलेश डोभाल, शुभ्रा
सिंघल,शिक्षक शिवानी पेटवाल,रेखा पटवाल एवं अन्य विद्यालयों से शिक्षकों एवं बच्चों
ने प्रतिभाग किया, इसके साथ ही उद्यम लर्निंग फाउंडेशन से रोहित गुप्ता अरविंद,दिनेश,
ममता, पिया, यामिनी, लक्ष्य, कुणाल, आशिया आदि शामिल रहे।


