Monday, November 04, 2024

एससीईआरटी उत्तराखंड: "शिक्षकों के लिए आईसीटी उपकरणों के आधारभूत अनुप्रयोग" पर जल्द आ रहा है पहला MOOCs


राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) उत्तराखंड जल्द ही राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए अपने पहले मूक्स  (मासिव ओपन ऑनलाइन कोर्स) की शुरुआत करने जा रहा है। इस कोर्स का नाम "शिक्षकों के लिए आईसीटी उपकरणों के आधारभूत अनुप्रयोग" है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को कक्षाओं में शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक डिजिटल कौशल प्रदान करना है।

निदेशक के अनुसार 

अकादमिक  शोध एवं प्रशिक्षण  निदेशक, श्रीमती बंदना गर्ब्याल ने कहा कि यह अपने प्रकार का पहला मूक्स  शिक्षकों के लिए सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका उद्देश्य उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले ई-सामग्री निर्माण कौशल प्रदान करना है, जो छात्रों की रुचि बढ़ाने और शिक्षण विधियों में सुधार लाने में सहायक होगा। यह कोर्स जल्द ही उत्तराखंड के सभी एससीईआरटी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डीआईईटी) के संकाय सदस्यों के लिए उपलब्ध होगा।

कोर्स की रूपरेखा और मॉड्यूल:



यह एक सप्ताह का, 10 घंटे का कोर्स है, जिसे सात मॉड्यूल में विभाजित किया गया है। इनमें शिक्षकों को शिक्षा में आईसीटी के महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे कि उत्पादकता उपकरणों से लेकर सुरक्षित ऑनलाइन प्रथाओं तक का ज्ञान प्रदान किया जाएगा। कोर्स की संरचना इस प्रकार है:
  1. मॉड्यूल 1: शिक्षा में आईसीटी का परिचय

    • इसमें शिक्षण में आईसीटी के महत्व, मल्टीमीडिया सामग्री निर्माण, और आईसीटी एकीकरण के लाभों और चुनौतियों को शामिल किया गया है।
  2. मॉड्यूल 2: बुनियादी उत्पादकता उपकरण

    • गूगल डॉक और शीट्स जैसे उपकरणों का उपयोग करते हुए, वर्ड प्रोसेसिंग, स्प्रेडशीट की मूल बातें और सहयोगी दस्तावेज संपादन पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  3. मॉड्यूल 3: प्रस्तुति उपकरण

    • गूगल स्लाइड्स और अन्य मल्टीमीडिया उपकरणों का उपयोग करके शिक्षकों को आकर्षक प्रस्तुतियाँ बनाने के तरीके सिखाए जाते हैं।
  4. मॉड्यूल 4: संचार और सहयोग उपकरण

    • ईमेल और ऑनलाइन संचार के सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में शिक्षा दी जाती है, जिसमें Microsoft Teams और Google Meet का परिचय भी शामिल है।
  5. मॉड्यूल 5: इंटरनेट सुरक्षा और डिजिटल नागरिकता

    • इसमें साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन शिष्टाचार और डिजिटल उपकरणों के जिम्मेदार उपयोग पर आवश्यक जानकारी दी जाती है।
  6. मॉड्यूल 6: पाठ योजनाओं में आईसीटी का एकीकरण

    • शिक्षकों को आईसीटी से समृद्ध पाठ योजनाओं को डिज़ाइन करने और विभिन्न शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए सर्वोत्तम आईसीटी उपकरणों का चयन करने में सहायता प्रदान की जाती है।
  7. मॉड्यूल 7: मूल्यांकन, चिंतन और निष्कर्ष

    • आईसीटी संचालित मूल्यांकन रणनीतियों, एक आईसीटी-साक्षर शिक्षक के रूप में आत्म-मूल्यांकन और कोर्स की संपूर्ण पुनरावृत्ति और मूल्यांकन को शामिल किया गया है।

प्रमुख विशेषताएँ और परिणाम

  • इंटरैक्टिव सामग्री: शिक्षकों को शिक्षण में रुचि बढ़ाने के लिए वीडियो, क्विज़, चर्चाएं और व्यावहारिक गतिविधियों का मिश्रण अनुभव कराया जाएगा।
  • प्रमाण पत्र : अंतिम मूल्यांकन के बाद सफल प्रतिभागियों को एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जो उनके आईसीटी दक्षताओं को मान्यता देगा।
  • उन्नत शिक्षण कौशल: इस कोर्स को पूरा करने के बाद, शिक्षकों को डिजिटल उपकरणों में दक्षता प्राप्त होगी जो छात्र सहभागिता और सीखने के परिणामों को बेहतर बना सकते हैं।

नामांकन और उपलब्धता

यह कोर्स जल्द ही सभी शिक्षकों के लिए नामांकन के लिए खुलेगा और वी एस के  प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगा। यह कोर्स उत्तराखंड के सभी एससीईआरटी और डीआईईटी के संकाय सदस्यों के लिए भी इस मूल्यवान प्रशिक्षण अवसर का अधिकतम लाभ उठाने अवसर प्राप्त होगा। 

इस परिवर्तनकारी व्यावसायिक विकास कार्यक्रम के नामांकन और अन्य विवरण के लिए बने रहें!


Saturday, October 05, 2024

नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन एवं सामग्री विकास कार्यशाला का शुभारंभ


नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन एवं सामग्री विकास कार्यशाला का आयोजन एससीईआरटी उत्तराखंड, देहरादून के परिसर में किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अपर निदेशक आशा रानी पैन्यूली द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (NILP) के उद्देश्यों और लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए, शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी संसाधनों के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और प्रशिक्षकों की क्षमता निर्माण करना और उन्हें नवीनतम शैक्षिक सामग्री विकास के लिए प्रेरित करना था। अपर निदेशक पैन्यूली ने प्रतिभागियों को सुझाव दिए कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और तकनीकी विकास को अपनाना आज की जरूरत है। उन्होंने इस कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों से आग्रह किया कि वे साक्षरता और शिक्षा के प्रसार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और इस दिशा में सक्रिय रूप से भागीदारी करें।

कार्यशाला में "उल्लास" (ULLAS - Understanding of Lifelong Learning for All in Society) के तहत विशेष रूप से विकसित सामग्री पर चर्चा की गई, जो समाज के सभी वर्गों के लिए साक्षरता और शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित है। साथ ही, राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण और सामग्री विकास पर भी गहन चर्चा की गई, जिससे प्रतिभागियों को NILP के तहत अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

इस कार्यशाला का आयोजन राज्य साक्षरता प्रकोष्ठ (SCL):एस सी ई आर टी,  द्वारा किया गया था और इसमें विभिन्न जिलों के शिक्षकों, प्रशिक्षकों और शिक्षा से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को एक उत्कृष्ट अवसर मानते हुए, इसमें दिए गए निर्देशों और मार्गदर्शन की सराहना की।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड, झरना कमठान ने किया "रतब्याणी" ई-मैगजीन का विमोचन


देहरादून: महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड, झरना कमठान ने समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड परिसर में "रतब्याणी" ई-मैगजीन के प्रथम संस्करण का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, बन्दना गर्ब्याल ने महानिदेशक का स्वागत किया और इस ई-मैगजीन की रूपरेखा और विस्तार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस नवाचार के प्रयास से एससीईआरटी उत्तराखण्ड के शिक्षा में तकनीकी अनुप्रयोग के माध्यम से शैक्षणिक संसाधनों को अधिकतम लोगों और जनमानस तक पहुँचाने का लक्ष्य है। यह पत्रिका प्रतिवर्ष दो संस्करणों में प्रकाशित की जाएगी।


महानिदेशक झरना कमठान ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह एक सराहनीय प्रयास है, जिसे और अधिक विस्तारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा से जुड़े सभी समुदायों का इसमें योगदान लिया जाए, ताकि समाज और शिक्षा के बीच सहभागिता को और मजबूती मिल सके। उन्होंने इस ई-मैगजीन में स्थानीय सरोकारों को भी जोड़ने पर बल दिया।


विमोचन कार्यक्रम में निदेशक माध्यमिक शिक्षा, लीलाधर व्यास , अपर परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल सती, अपर निदेशक रघुनाथ आर्य, गढ़वाल मंडल अपर निदेशक एस.बी. जोशी, अपर निदेशक एस सी ई आर टी आशा रानी पैन्यूली, संयुक्त निदेशक पदमेन्द्र सकलानी, संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी, उप राज्य परियोजना निदेशक मदन मोहन जोशी, स्टाफ ऑफिसर समग्र शिक्षा भगवती मैदोली, प्रशासनिक अधिकारी अमित कोठियाल समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस अनूठे प्रयास के लिए निदेशक बन्दना गर्ब्याल की सराहना की।


इस ई-मैगजीन को विभिन्न शैक्षणिक प्लेटफॉर्म्स पर पब्लिश किया जाएगा, जहाँ पाठक वेबलिंक और क्यूआर कोड के माध्यम से ई-संसाधनों तक पहुंच बना सकेंगे। अपर निदेशक ईस सी ई आर टी और इस पत्रिका की प्रमुख लीड आशा रानी पैन्यूली ने सभी संकाय सदस्यों को एक प्रेरणा बनकर आगे बढ़कर कार्य सम्पादन करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया। इस पत्रिका के विकास एवं तकनीकी अनुप्रयोग में प्रवक्ता रमेश बडोनी  एससीईआरटी,आईटी विभाग ने योगदान दिया है, जबकि इसका संपादन प्रवक्ता डॉ अवनीश उनियाल द्वारा किया गया है।

महानिदेशक झरना कमठान ने सभी लेखकों और तकनीकी समूह को बधाई दी और सुझाव दिया कि आने वाले संस्करणों में और भी अधिक नवाचारों को समाहित किया जाए। सीमैट के प्रोफेशनल  डॉ. मोहन बिष्ट ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे अपने संस्थान में भी अपनाने पर जोर दिया। इस पत्रिका के शीर्षक "रतब्याणी" की विशेष रूप से प्रशंसा की गई, जिसका हिंदी भाव "ब्रह्म मुहूर्त" अर्थात रात के अंतिम प्रहर का समय बताया गया है।

इस मौके पर समग्र शिक्षा के कर्मचारी और कई विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस प्रयास की प्रशंसा की।

स्कोप : सुझाव और सहभागिता: महानिदेशक झरना कमठान ने सुझाव दिया कि शिक्षा से जुड़े सभी समुदायों का इसमें योगदान लिया जाए, ताकि समाज और शिक्षा के बीच बेहतर सहभागिता हो सके।स्थानीय सरोकारों का समावेश: महानिदेशक ने ई-मैगजीन में स्थानीय और सांस्कृतिक सरोकारों को भी जोड़ने पर बल दिया। "रतब्याणी" शीर्षक का महत्व: मैगजीन का शीर्षक "रतब्याणी" है, जिसका हिंदी भाव "ब्रह्म मुहूर्त" या रात्रि के अंतिम प्रहर का समय है। इसे ज्ञान की शुरुआत का प्रतीक माना गया है।भविष्य के संस्करण: अपर निदेशक एस सी ई आर टी,अजय नौडियाल ने अपने संदेश मे इस संसाधन को एक सफल प्रयास के रूप मे लिया जबकि महानिदेशक ने  इस ई-मैगजीन के अगले संस्करणों में और नवाचारों को शामिल करने का सुझाव दिया, जिससे इसका विस्तार हो सके।

मैगजीन वेबलिंक -डाउनलोड यहाँ कर सकते हैं