राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों के शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक एवं गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
देहरादून | 2 नवम्बर 2026
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तराखण्ड के सभागार में आज कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी विषयों की गतिविधि पुस्तिकाओं के संरेखण हेतु पाँच दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 2 से 6 नवम्बर 2026 तक आयोजित की जा रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसाओं एवं नवीन पाठ्यक्रम के अनुरूप आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा को अधिक अनुभवात्मक, क्रियात्मक, गतिविधि आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है। इसके अंतर्गत ऐसी रोचक एवं उपयोगी गतिविधियाँ विकसित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी विषयगत अवधारणाओं को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन के अनुभवों से जोड़ सकें।
कार्यशाला का समन्वयन डॉ. अवनीश उनियाल द्वारा किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम में हुए परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए गतिविधि पुस्तिकाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन पुस्तिकाओं के माध्यम से विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी विषयों के शिक्षण को अधिक सरल, प्रभावी और सहभागितापूर्ण बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, तार्किक चिंतन, समस्या समाधान एवं स्वयं करके सीखने की प्रवृत्ति विकसित होती है।
कार्यशाला में एससीईआरटी के पूर्व सहायक निदेशक एवं वर्तमान में राजकीय इंटर कॉलेज, आईडीपीएल ऋषिकेश के प्रधानाचार्य डॉ. के. एन. बिजलवाण ने गतिविधि आधारित शिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए तैयार की जाने वाली गतिविधियों का संबंध उनके दैनिक जीवन, परिवेश एवं वास्तविक अनुभवों से होना चाहिए। न्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब बच्चे अपने आसपास की घटनाओं का अवलोकन करते हुए सीखते हैं, तो उनकी वैचारिक समझ अधिक स्थायी और सार्थक बनती है।
विषय विशेषज्ञों की सक्रिय सहभागिता
गतिविधि पुस्तिकाओं के निर्माण एवं संरेखण कार्य में डॉ. उमेश चमोला, नरेन्द्र सागर, श्वेता जोशी, ऋचा जुयाल, नीलम जोशी, चंचल बब्बर, नितिका, ममता बड़ोनी, अमित रोहिला, नविता भंडारी, डॉ. राकेश गैरोला, डॉ. रंजन भट्ट सहित अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के विषय विशेषज्ञ सक्रिय सहभागिता कर रहे हैं।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ नवीन पाठ्यक्रम, कक्षावार अधिगम स्तर, विषयगत दक्षताओं एवं गतिविधियों की प्रासंगिकता को ध्यान में रखते हुए पुस्तिकाओं को अंतिम रूप देने की दिशा में कार्य करेंगे।
एससीईआरटी उत्तराखण्ड की यह पहल विद्यालयी शिक्षा में रटने की प्रवृत्ति के स्थान पर करके सीखने (Learning by Doing), अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) और दक्षता आधारित शिक्षा (Competency-Based Education) को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इन गतिविधि पुस्तिकाओं के माध्यम से शिक्षकों को कक्षा-कक्ष शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बनाने में सहायता मिलेगी, वहीं विद्यार्थियों को खोज, प्रयोग, अवलोकन और सहभागिता के माध्यम से सीखने के नए अवसर प्राप्त होंगे।
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