Saturday, October 03, 2026

पोखरी (चमोली) में सामाजिक विज्ञान महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन

 

मॉडल, क्विज और भाषण प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन और सामाजिक चेतना को मिला मंच

पोखरी (चमोली)। विकासखंड पोखरी में सामाजिक विज्ञान महोत्सव-2026 का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। SCERT उत्तराखण्ड के निर्देशन एवं DIET चमोली के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मॉडल प्रदर्शनी, सामान्य ज्ञान क्विज और भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी प्रतिभा, ज्ञान, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम खण्ड शिक्षा अधिकारी कुमारी नेहा भट्ट के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कृषि मंडी समिति अध्यक्ष चमोली वीरेंद्र पाल भंडारी तथा विशिष्ट अतिथि सेवा इंटरनेशनल की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर लता बड़वाल की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रीति भंडारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, समन्वयक, शिक्षक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

सामाजिक विज्ञान को जीवन से जोड़ने की पहल

महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता, तार्किक एवं आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास करना रहा। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम, लैंगिक भेदभाव, धरती एवं पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र, पर्यावरण संरक्षण तथा समाज में महिलाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

सामाजिक विज्ञान की ब्लॉक समन्वयक एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका कुसुमलता गड़िया ने कहा कि सामाजिक विज्ञान केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को समाज, इतिहास, संस्कृति, पर्यावरण तथा अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने की दृष्टि प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास हो रहे सामाजिक एवं पर्यावरणीय परिवर्तनों को समझने, प्रश्न पूछने और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन

भाषण प्रतियोगिता में भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बीणा की भारती ने प्रथम, गिरिसा के कक्षा छह के अभिषेक रावत ने द्वितीय तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, श्रीगढ़ की सांची बर्त्वाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

मॉडल प्रदर्शनी में अंशिका प्रथम, ईशानी द्वितीय और सार्थक तृतीय रहे। वहीं सामान्य ज्ञान क्विज में यूपीएस सिवाई की दीपिका ने प्रथम, यूपीएस सुगी के समर ने द्वितीय तथा यूपीएस पोखरी के साहिल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

मुख्य अतिथि वीरेंद्र पाल भंडारी ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास एवं प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रीति भंडारी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर देते हैं।

महोत्सव के सफल संचालन में कुसुमलता गड़िया, सह-समन्वयक प्रमोद रावत, कला समन्वयक  लता कोहली, विज्ञान समन्वयक संदीप नेगी, मंच संचालक उर्मिला नेगी, प्रेम सिंह चौधरी, पुष्पा नेगी, हेमलता बड़वाल, गायत्री मिंगवाल, रीना सहित शिक्षकों एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सीखने को कक्षा से समाज तक ले जाने का प्रयास

सामाजिक विज्ञान महोत्सव-2026 ने यह संदेश दिया कि प्रभावी शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों और कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं है। मॉडल निर्माण, क्विज, संवाद और भाषण जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को समाज एवं पर्यावरण को समझने, प्रश्न करने, समाधान खोजने और आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने का अवसर देती हैं।

आगामी संयुक्त छात्रवृति परीक्षा -सूचना 2026 : विज्ञप्ति SCERT द्वारा आयोजित किए जाने विषयक

 

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NMMS, डॉ. शिवानन्द नौटियाल एवं श्रीदेव सुमन छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 31 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन

देहरादून, 03 अक्टूबर 2026। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMS), डॉ. शिवानन्द नौटियाल छात्रवृत्ति योजना (SNSS) तथा श्रीदेव सुमन छात्रवृत्ति योजना (SSSS) के अंतर्गत संयुक्त छात्रवृत्ति परीक्षा-2026 आयोजित की जा रही है। इसके लिए पात्र विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। संयुक्त छात्रवृति परीक्षा 2026 …

प्रदेश के राजकीय विद्यालयों (केंद्रीय एवं आवासीय विद्यालयों को छोड़कर), राजकीय सहायता प्राप्त अशासकीय (Govt.-Aided) तथा स्थानीय निकाय के विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थी निर्धारित पात्रता के अनुसार इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन 31 अक्टूबर तक

विद्यार्थी 04 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक SCERT उत्तराखण्ड के छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। संयुक्त छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन नवम्बर 2026 के चौथे सप्ताह में प्रदेश के 95 विकासखण्डों में किया जाएगा। संयुक्त छात्रवृति परीक्षा 2026 …

SCERT उत्तराखण्ड छात्रवृत्ति पोर्टल – ऑनलाइन आवेदन

राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMS)

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा NMMS के अंतर्गत उत्तराखण्ड के लिए 1,048 छात्रवृत्तियां निर्धारित हैं। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9 से कक्षा 12 तक निर्धारित प्रावधानों के अनुसार छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

इस योजना के लिए कक्षा 8 में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी पात्र होंगे, जिन्होंने कक्षा 7 की परीक्षा में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। SC/ST विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। इसके साथ ही विद्यार्थी के माता-पिता अथवा अभिभावक की वार्षिक आय ₹3.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। संयुक्त छात्रवृति परीक्षा 2026 …

डॉ. शिवानन्द नौटियाल एवं श्रीदेव सुमन छात्रवृत्ति योजना

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा डॉ. शिवानन्द नौटियाल छात्रवृत्ति के लिए 100 तथा श्रीदेव सुमन छात्रवृत्ति योजना के लिए 475 छात्रवृत्तियां निर्धारित की गई हैं। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9 से कक्षा 12 तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

इन योजनाओं के लिए भी संबंधित विद्यालयों में कक्षा 8 में अध्ययनरत ऐसे छात्र-छात्राएं पात्र होंगे, जिन्होंने कक्षा 7 की परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। SC/ST विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। इन दोनों योजनाओं के लिए आय सीमा का कोई प्रतिबंध नहीं है। संयुक्त छात्रवृति परीक्षा 2026 …

विद्यार्थियों और विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण सूचना

SCERT उत्तराखण्ड ने पात्र विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं विद्यालयों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने का अनुरोध किया है। विद्यालय स्तर पर भी यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि छात्रवृत्ति की पात्रता रखने वाला कोई विद्यार्थी जानकारी के अभाव में आवेदन से वंचित न रहे।

एक नजर में महत्वपूर्ण जानकारी: आवेदन 04–31 अक्टूबर 2026 तक होंगे; परीक्षा नवम्बर के चौथे सप्ताह में प्रस्तावित है; परीक्षा प्रदेश के 95 विकासखण्डों में आयोजित होगी; NMMS में 1,048, डॉ. शिवानन्द नौटियाल योजना में 100 और श्रीदेव सुमन योजना में 475 छात्रवृत्तियां निर्धारित हैं। संयुक्त छात्रवृति परीक्षा 2026 …

SCERT उत्तराखण्ड की अपील है कि विद्यालय इस सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी इन छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

Friday, October 02, 2026

SCERT उत्तराखण्ड में गांधी-शास्त्री जयंती पर ध्वजारोहण 2026

 

देहरादून, 2 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड के ओपन कैंपस में ध्वजारोहण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी, विनोद सिंह मटूड़ा तथा सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण सहित परिषद के अधिकारी, कर्मचारी, प्रवक्ता एवं विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर रहे शिक्षक उपस्थित रहे।

ध्वजारोहण से पूर्व प्रवक्ता सुनील भट्ट ने सभी प्रतिभागियों को ध्वज स्थल पर एकत्रित कर देशभक्ति के नारे लगवाए तथा राष्ट्र के प्रति संवेदनशीलता एवं कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। इसके बाद ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगान एवं ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया।

कार्यक्रम में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा एवं मानवता तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

Thursday, October 01, 2026

SCERT उत्तराखण्ड की राष्ट्रीय उपलब्धि: SKOCH Education Gold Award अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी को किया भेंट

 

e-Srijan के माध्यम से बड़े पैमाने पर शिक्षक प्रशिक्षण की राष्ट्रीय पहचान; अब नए MOOCs, आधुनिक फीचर्स और अधिक सशक्त डिजिटल प्रशिक्षण की ओर SCERT

देहरादून, 1 अक्टूबर 2026। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड की डिजिटल शिक्षक-प्रशिक्षण पहल e-Srijan को प्राप्त प्रतिष्ठित SKOCH Award – Education Gold 2026 की उपलब्धि को आज SCERT परिवार के साथ साझा किया गया। अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बन्दना गर्ब्याल ने यह प्रतिष्ठित गोल्ड अवॉर्ड अपर निदेशक, SCERT उत्तराखण्ड,  पद्मेंद्र सकलानी को भेंट करते हुए राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक क्षमता संवर्धन और तकनीक आधारित प्रशिक्षण को बड़े स्तर तक पहुँचाने में उनके नेतृत्व एवं सहयोग के लिए बधाई दी।

यह पुरस्कार SCERT उत्तराखण्ड की पहल “Revolutionising Teacher Training at Scale: Success Story of ICT Massive Open Online Course via e-Srijan” के लिए प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि इस बात को रेखांकित करती है कि सुनियोजित डिजिटल प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण ई-कंटेंट और MOOCs के माध्यम से बड़ी संख्या में शिक्षकों तक सतत व्यावसायिक विकास के अवसर पहुँचाए जा सकते हैं।

इस अवसर पर सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण, IT एवं तकनीकी टीम के सदस्यों सहित SCERT के अन्य सहयोगी भी उपस्थित रहे। सभी ने इस राष्ट्रीय उपलब्धि को पूरे SCERT परिवार और उत्तराखण्ड के शिक्षक समुदाय की सामूहिक सफलता बताया।

अवॉर्ड भेंट करते हुए निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बन्दना गर्ब्याल  ने कहा:

“SKOCH Education Gold Award SCERT उत्तराखण्ड की पूरी टीम, हमारे शिक्षकों और डिजिटल शिक्षा से जुड़े सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है। e-Srijan के माध्यम से हमारा उद्देश्य केवल ऑनलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक तक गुणवत्तापूर्ण, उपयोगी और आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण पहुँचाना है। यह राष्ट्रीय सम्मान हमें भविष्य में और अधिक नवाचारी MOOCs विकसित करने तथा डिजिटल शिक्षक-प्रशिक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए प्रेरित करता है।”

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान SCERT के लिए उपलब्धि के साथ-साथ एक नई जिम्मेदारी भी है। परिषद का प्रयास रहेगा कि तकनीक और AI आधारित संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रशिक्षण को अधिक interactive, accessible, inclusive और outcome-oriented बनाया जाए।

“राष्ट्रीय सम्मान हमें गुणवत्ता के अगले स्तर तक जाने की प्रेरणा देता है” — अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी

अपर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी ने गोल्ड अवॉर्ड प्राप्त करते हुए SCERT की पूरी टीम को बधाई दी और कहा:

“इतने बड़े स्तर पर शिक्षकों के प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक संचालित करना टीमवर्क, निरंतर मॉनिटरिंग और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। SKOCH Gold Award इस सामूहिक प्रयास की राष्ट्रीय स्वीकृति है। अब हमारी प्राथमिकता इस उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए e-Srijan और MOOCs को और अधिक प्रभावी, कौशल-आधारित तथा शिक्षक-केंद्रित बनाना है, ताकि प्रशिक्षण का वास्तविक प्रभाव कक्षा-कक्ष और विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव में दिखाई दे।”

उन्होंने विशेष रूप से प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपयोगिता और कौशल विकास पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

e-Srijan: बड़े स्तर पर शिक्षक क्षमता संवर्धन का डिजिटल मॉडल

SCERT उत्तराखण्ड द्वारा विकसित VSK से e-Srijan MOOCs ने शिक्षक प्रशिक्षण को समय और स्थान की सीमाओं से आगे ले जाने का प्रयास किया है। ICT से प्रारंभ हुई इस पहल का विस्तार आगे Artificial Intelligence enabled Teaching-Learning, School Administration तथा विभिन्न आवश्यकता-आधारित डिजिटल प्रशिक्षण क्षेत्रों तक किया गया।

ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉडल के माध्यम से शिक्षकों को अपनी सुविधा के अनुसार सीखने, डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने, गतिविधियों और आकलन में प्रतिभाग करने तथा प्रशिक्षण पूर्ण करने का अवसर मिलता है। इससे राज्य स्तर पर प्रशिक्षण को scalable और अधिक सुलभ बनाने में सहायता मिली है।

SKOCH Gold की उपलब्धि के बाद SCERT की योजना e-Srijan प्लेटफॉर्म को केवल course-delivery portal तक सीमित न रखते हुए इसे एक अधिक व्यापक Digital Teacher Professional Development Ecosystem के रूप में विकसित करने की है।

आने वाले चरण में पोर्टल को अपग्रेड करते हुए नए MOOCs के साथ बेहतर learner dashboard, course progress tracking, interactive assessment, multimedia content, automated/dynamic certification, mobile-friendly learning, analytics, feedback mechanism तथा AI-enabled learning support जैसे फीचर्स को चरणबद्ध रूप से जोड़ा जा सकता है।

नए MOOCs में Ethical & Responsible AI in Education, AI आधारित Lesson Planning एवं Assessment, 2D/3D Animation एवं Multimedia Content Creation, Inclusive Education एवं Assistive Technologies, Road Safety, AI के माध्यम से Communication एवं English Skills, Research Writing तथा Educational Game Design जैसे समकालीन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान प्रस्तावित है।

इसका उद्देश्य शिक्षक को केवल डिजिटल उपकरणों का उपयोगकर्ता बनाना नहीं, बल्कि उसे डिजिटल कंटेंट निर्माता, नवाचारी शिक्षक और तकनीक-सक्षम शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का नेतृत्वकर्ता बनाना है।

आगे—कक्षा तक प्रभाव पहुँचाना अगला लक्ष्य

SKOCH Education Gold Award ने SCERT उत्तराखण्ड के डिजिटल शिक्षक-प्रशिक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर पहचान प्रदान की है। लेकिन इस पहल की वास्तविक सफलता इस बात में होगी कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल विद्यालय तथा कक्षा-कक्ष तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुँचते हैं।

इसी दृष्टि से आगामी MOOCs को अधिक practice-oriented, competency-based और classroom-linked बनाने पर जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद शिक्षक केवल प्रमाणपत्र प्राप्त न करें, बल्कि सीखे गए कौशल को lesson planning, assessment, content creation, inclusive teaching और विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में लागू कर सकें—यह e-Srijan के अगले चरण की महत्वपूर्ण दिशा होगी।

एक उपलब्धि, पूरी टीम का सम्मान

निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बन्दना गर्ब्याल द्वारा SKOCH Education Gold Award को अपर निदेशक  पद्मेंद्र सकलानी को भेंट किया जाना इस उपलब्धि को SCERT की पूरी टीम के साथ साझा करने का प्रतीक बना। यह सम्मान उन अधिकारियों, अकादमिक विशेषज्ञों, तकनीकी टीम, कोर्स समन्वयकों, कंटेंट डेवलपर्स, मास्टर ट्रेनर्स और हजारों शिक्षकों के सामूहिक प्रयास को समर्पित है, जिन्होंने e-Srijan को बड़े स्तर के डिजिटल शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाया।