Sunday, September 08, 2024

NCERT से सभी विषयों में होगी पीएचडी एवं परास्नातक डिग्री कोर्स


एनसीईआरटी अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को बढ़ाने जा रही है। स्कूल छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री तैयार करने और शिक्षकों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली यह संस्था अब मास्टर और पीएचडी कोर्स शुरू करने की योजना बना रही है। इसके लिए अगले शैक्षणिक सत्र से शुरुआत की जा सकती है। डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद एनसीईआरटी ने यह निर्णय लिया है। इसके अलावा, मातृभाषा में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए भी एक विशेष कोर्स तैयार किया जा रहा है, जो नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत होगा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: स्कूलों के छात्रों के लिए शोधकर्ता अध्ययन सामग्री तैयार करने और शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम की संचालन के साथ राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएगी। इसके तहत जल्द ही वह सभी विषयों से जुड़े मास्टर और पीएचडी शुरू करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि अगले शैक्षणिक सत्र से एनसीईआरटी अपने मुख्य कैंपस के साथ ही क्षेत्रीय केंद्रों के जरिए इन कोर्सों को शुरू कर देगी।

एनसीईआरटी ने यह पहल डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद शुरू की है, जोकि उसे पिछले साल ही 63वें स्थापना दिवस पर प्रदान किया गया था। इसके तहत भविष्य में अब दूसरे विश्वविद्यालयों की तरह बैचलर, मास्टर, व पीएचडी कोर्स शुरू किए जाएंगे। हालांकि, एनसीईआरटी की तैयारी अभी सिर्फ सभी विषयों में मास्टर व पीएचडी कोर्स शुरू करने की है।

इसके साथ ही वह स्कूलों में मातृभाषा में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए भी एक नया कोर्स तैयार करने में जुटी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्कूलों में बच्चों को आठवीं तक की शिक्षा मातृभाषा में ही देने की सिफारिश की गई है।

Saturday, September 07, 2024

महानिदेशक झरना कमठान ने ली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, विद्यालयी शिक्षा की नई योजनाओं पर हुआ विस्तार से विचार-विमर्श

आईएएस अधिकारी झरना कमठान ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक और समग्र शिक्षा राज्य परियोजना निदेशक का पदभार संभालने के बाद उन्होंने समग्र शिक्षा, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, सीमैट, और शिक्षा विभाग के विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया।बैठक मे निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण त्तराखंड ने महानिदेशक,झरना कमठान का सम्पूर्ण विद्यालयी परिवार की तरफ से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। सरकार द्वारा विद्यालयी शिक्षा के महानिदेशक पद पर नियुक्त की गईं झरना कमठान ने आज शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक, अकादमिक शिक्षा निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक, और समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में समग्र शिक्षा के तहत चल रही विभिन्न परियोजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करना था।

बैठक की शुरुआत समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल सती द्वारा की गई, जिन्होंने वर्तमान में चल रहे परियोजनाओं की प्रगति और आने वाले समय की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा के परिदृश्य को सुधारने के लिए अनेक योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इस दौरान वर्तमान और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। 

इसके पश्चात, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रघुनाथ आर्य ने दैनिक कार्यों, शिक्षकों और छात्रों के लिए चल रही योजनाओं, ट्रांसफर प्रक्रिया, और छात्र संख्या जैसे मुद्दों पर प्रस्तुतीकरण दिया। संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद भारद्वाज ने लंबित कोर्ट केसों की समीक्षा की और इसके समाधान के लिए प्रस्ताव रखे।

इसी क्रम मे, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण निदेशक बन्दना गर्ब्याल ने एनसीईआरटी और सीमेट द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को लाभ होगा।

इस क्रम में, डॉ. के.एन. बिजलवाण ने फाऊंडेशनल लिटरेसी न्यूमैरेसी कार्यक्रम, SCERT के फाऊंडेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क, और विभिन्न नवाचार कार्यक्रमों पर प्रस्तुतीकरण दिया। रमेश बडोनी द्वारा महानिदेशक का ध्यान SCERT की वेबसाइट और डिजिटल तकनीकी के उपयोग पर भी आकर्षित किया गया।


महानिदेशक झरना कमठान ने अपने संबोधन में सभी निदेशकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों का विस्तार करते हुए प्रत्येक जिले के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें। इन नोडल अधिकारियों का मुख्य कार्य जनपदों की स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं और आवश्यकताओं के लिए विस्तृत योजनाएं बनाकर उन्हें प्रस्तुत करना होगा, ताकि तत्काल समाधान और संसाधन जुटाए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जो नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, वे संयुक्त रूप से लंबित कार्यों की सूची बनाकर महानिदेशक को प्रस्तुत करें और तेजी से समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।


महानिदेशक ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग में लंबित मामलों का निपटारा शीघ्रता से किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने NEP 2020, के आलोक में चल रहे सार्थक प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि इन प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है।

बैठक में उपस्थित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में अपर निदेशक SCERT आशा रानी पैन्यूली, संयुक्त निदेशक कंचन देवरानी, संयुक्त निदेशक पी एम पोषण, डॉ कुलदीप गैरोला, संयुक्त निदेशक पद्मेंद्र सकलानी, अपर निदेशक दिनेश चंद्र गौड़, और सीमेट से प्रोफेशनल मोहन बिष्ट,समग्र शिक्षा से उप परियोजना निदेशक एम.एम. जोशी, आदि शामिल थे। सभी अधिकारियों ने महानिदेशक को आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करेंगे और विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रतिबद्ध रहेंगे।

महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को उनके प्रयासों के लिए सराहा और आने वाले समय में शिक्षा विभाग को और अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए सुझाव दिए। बैठक के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आगामी योजनाओं पर तेजी से काम करें और छात्रों व शिक्षकों के हित में हर संभव कदम उठाएं।

Friday, September 06, 2024

उत्तराखंड के स्कूलों में जल्द लॉन्च होगी इनोवेटिव डिजाइन थिंकिंग पर वीडियो सीरीज: INSPIRE अवॉर्ड मानक और हैकाथॉन पर फोकस


देहरादून, उत्तराखंड के सरकारी और अर्धसरकारी विद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, जल्द ही INSPIRE अवॉर्ड मानक और हैकाथॉन पर आधारित अभिमुखिकरण और डिजाइन थिंकिंग वीडियो सीरीज लॉन्च की जाएगी। इस परियोजना को एससीईआरटी ने नवम इंटरनेशनल फाउंडेशन के साथ मिलकर तैयार किया है, जिसका उद्देश्य राज्य के छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है।

आलोक द्विवेदी, प्रोग्राम मैनेजर नवम फाउंडेशन, रमेश बडोनी आई टी विभाग और डॉ अवनीश उनियाल राज्य समन्वयक इन्सपाइर अवॉर्ड मानक द्वारा आज इन्सपाइर अवॉर्ड मानक मे प्रतिभागी छात्र छात्राओं के लिए अभिमुखिकरण विडिओ सीरीज के प्रथम एपिसोड के रिकॉर्डिंग सेट पर रहे जहाँ डिजाइन थिंकिंग और इनोवैशन के कोर्स एवं टीवी सीरीज के लिए शुरुवात कर दी गई है। 


स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध डिजाइन थिंकिंग कोर्स के अनुरूप, यह वीडियो सीरीज उत्तराखंड के बाल वैज्ञानिकों और नवाचरियों के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन होगी। इस कोर्स का उद्देश्य न केवल छात्रों को नवाचारी विचारों की दिशा में प्रोत्साहित करना है, बल्कि शिक्षकों को भी इन नवाचारों को सही दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए प्रशिक्षित करना है।

यह वीडियो सीरीज जल्द ही उत्तराखंड के सभी विद्यालयों में उपलब्ध होगी और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तथा टीवी चैनलों के माध्यम से भी इसे व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा। इस पहल से राज्य के छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा और उन्हें अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।

निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण ,बन्दना गर्ब्याल, एवं अपर निदेशक आशा रानी पैन्यूली ने अपने संदेश मे कहा कि इस पहल को एससीईआरटी और नवम इंटरनेशनल फाउंडेशन का यह कदम राज्य में नवाचार और विज्ञान की संस्कृति को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।