Wednesday, September 11, 2024

निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखंड द्वारा एससीईआरटी उत्तराखंड के वार्षिक कार्ययोजना- 2024-25 की प्रगति और वर्तमान स्थिति पर समीक्षा

 Dr AK

निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखंड, बंदना गर्ब्याल ने एससीईआरटी उत्तराखंड के साथ वार्षिक कार्ययोजना (एडब्ल्यूपी) 2024-25 की प्रगति और वर्तमान स्थिति पर फोकस करने पर जोर दिया। इस समीक्षा बैठक में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत योजनाओं और कार्यक्रमों पर गहन चर्चा की गई। अपर निदेशक एससीईआरटी, आशा रानी पैन्यूली, और सभी अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों के साथ विभागवार प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना के लिए रोडमैप पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।


सहायक निदेशक डॉ. के एन बिजलवाण  और संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी ने एससीईआरटी और प्रोग्राम मॉनिटरिंग विभाग की ओर से विस्तृत योजना, बजट आवंटन, समयबद्ध कार्य प्रगति और अन्य विभागों के साथ परियोजनाओं के समन्वयन पर गहन चर्चा की। बैठक में प्रशिक्षण और विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की मांग भी प्रस्तुत की गई।


बैठक के दौरान, दीक्षा पोर्टल के लिए ई-कंटेंट निर्माण और पीएमई विद्या के लिए वीडियो कंटेंट की गुणवत्ता पर भी गहन चर्चा हुई। डॉ. बिजलवाण  ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे एक-एक मॉडल टीचिंग प्लान और डिजिटल इंटरैक्टिव लेसन का वीडियो तैयार कर प्रोग्राम मॉनिटरिंग को सौंपें, ताकि एक दिन सदन में उस पर चर्चा की जा सके।

अपर निदेशक पैन्यूली ने सभी विभागों को गुणवत्ता शिक्षा और मजबूत प्रशिक्षण प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी ने इंटरैक्टिव कंटेंट और वर्तमान समय के अनुसार डिजाइन और क्रिएटिविटी को प्रमुखता देने पर जोर दिया।

डॉ. दिनेश रतूडी  ने शोध और प्रशिक्षण मॉड्यूल में आधुनिक तकनीकी और शिक्षण विधियों के समावेश का सुझाव दिया। कई प्रवक्ताओं ने डिजिटल और तकनीकी शिक्षण को और अधिक आधुनिक बनाने पर जोर दिया। आईटी विभाग के प्रवक्ता ने तकनीकी और पारंपरिक शिक्षण में नवीनता लाने के लिए अपने कौशल और कंटेंट विकास में विशेषज्ञता प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसे निदेशक और अपर निदेशक ने सहमति दी और आईटी विभाग को एक ट्रैनिंग डिज़ाइन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।


बैठक में डॉ. मनोज शुक्ला, डॉ. हरीश बडोनी, भुवनेश पंत, रमेश पंत, डॉ. रंजन भट्ट, डॉ. अजय चौरसिया, एस पी वर्मा, डॉ. साधना डिमरी, डॉ. दीपक प्रताप सहित अन्य संकाय सदस्यों ने भी अपने कार्य योजनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। डी.एल.एड. प्रवक्ता चौहान द्वारा ब्लूप्रिंट तैयार करने पर भी चर्चा हुई।

अंत में, अपर निदेशक पैन्यूली ने निदेशक बंदना गर्ब्याल और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक का समापन किया।

एससीईआरटी उत्तराखंड और नवम फाउंडेशन के द्वारा इनोवेशन और डिजाइन थिंकिंग पर वीडियो सीरीज लॉन्च

आज से एससीईआरटी उत्तराखंड और नवम फाउंडेशन के संयुक्त अनुबंध में इनोवेशन और डिजाइन थिंकिंग पर आधारित 24-एपिसोड की वीडियो सीरीज लॉन्च की गई। इस सीरीज का उद्देश्य छात्रों को नवाचारी विचारों को प्रोडक्ट में बदलने की क्षमता और सोच विकसित करने में मदद करना है। यह सीरीज स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए के इनोवेशन और डिजाइन थिंकिंग कोर्स के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें देश और दुनिया के अनुभवी वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों का योगदान शामिल है।

निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, बंदना गर्ब्याल ने इस कोर्स के प्रथम एपिसोड के छात्रों के लिए सार्वजनिक प्रसारण के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि यह इनोवेशन और डिजाइन थिंकिंग वीडियो सीरीज छात्रों को नवाचारी प्रोडक्ट और विचार प्रस्तुति में विशेष मदद करेगी, ताकि उनके विचार और उत्पाद समाज के लिए उपयोगी बन सकें। उन्होंने कहा कि यह कोर्स, जो वीडियो सीरीज के रूप में दिया जा रहा है, निश्चित रूप से हमारे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने में मदद करेगा। इस पहल के लिए अपर निदेशक,आशा रानी पैन्यूली एस सी आर टी और अन्य अधिकारियों ने इस विडिओ सीरीज के शुरुवात किए जाने पर बधाई दी। 

उन्होंने नवम फाउंडेशन के सीईओ नितिन देसाई और उनकी टीम को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए बधाई दी और इस कोर्स को समय पर पूरा करने की सलाह दी ताकि छात्रों को समय पर इसका लाभ मिल सके।

इस 24-एपिसोड वाली इनोवेशन और डिजाइन थिंकिंग वीडियो सीरीज को एससीईआरटी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल, पीएमई विद्या उत्तराखंड के सभी चैनलों और एससीईआरटी की वेबसाइट पर लाइव प्रसारित किया जाएगा, साथ ही यह 24x7 आर्काइव पर भी उपलब्ध रहेगी।

यह सीरीज विद्यार्थियों को इन्सपाइर अवॉर्ड मानक, टेकनो मेला, हैकाथोन, विज्ञान प्रदर्शनी, आईटी क्लब, लोगो मेकिंग और अन्य डिजिटल, एसटीईएम (STEM) और रोबोटिक्स जैसी प्रतिस्पर्धाओं में सहायता करेगी। यह छात्रों में सृजनशीलता, क्रिटिकल थिंकिंग और नए समाधान खोजने की क्षमता को प्रोत्साहित करेगी।

पहला एपिसोड आज सार्वजनिक कर दिया गया है, और शिक्षा व समाज के सभी हितधारकों से आग्रह किया जा रहा है कि इस वीडियो सीरीज को प्रदेश के हर शिक्षक और छात्र-छात्रा तक पहुंचाएं। यह सीरीज छात्रों को प्रतियोगिताओं के लिए नेतृत्व और प्रबंधन कौशल विकसित करने में सहायक होगी, साथ ही वे अपने उत्पाद के स्वामित्व और पेटेंट की प्रक्रिया में भी सक्षम बनेंगे।

Tuesday, September 10, 2024

मासिक प्रदर्शन रिपोर्ट: DIGITAL Vehicle as CONTINUED LEARNING ACCESS PROJECT (CLAP)



 देहरादून, उत्तराखंड: प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य में एक नई और अनूठी पहल के रूप में HP-SARD द्वारा प्रदत्त 'DIGITAL Vehicle as CONTINUED LEARNING ACCESS PROJECT (CLAP)' एवं एससीईआरटी उत्तराखंड के संयुक्त प्रयास से एक डिजिटल मोबाइल वैन छात्रों के लिए तकनीकी रूप से उन्नत शिक्षण अवसर प्रदान कर रही है।

यह वैन वर्तमान में देहरादून के रायपुर और डोईवाला ब्लॉकों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 3-10वीं कक्षा के छात्रों को डिजिटल माध्यम से पाठ पढ़ा रही है। छात्रों को तकनीकी रूप से समृद्ध पाठ्य सामग्री और इंटरेक्टिव लेसन्स के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है, जो उन्हें आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराती है।

कार्यक्रम में तकनीकी सहायक अशोक कठैत, आईटी विभाग के राज्य समन्वयक रमेश बडोनी और सीपी वर्मा सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। इस पहल को देहरादून के सीईओ के माध्यम से चयनित सरकारी स्कूलों में लागू किया जा रहा है, जिसमें नियोजित शैक्षिक योजना के अनुसार कार्यक्रम संचालित हो रहा है।

यह पहल छात्रों को डिजिटल माध्यम से शिक्षा के प्रति आकर्षित करने के साथ ही उन्हें तकनीकी साक्षरता की दिशा में प्रेरित कर रही है, जिससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।