Thursday, February 05, 2026

डायट को अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र बनाने की दिशा में दो दिवसीय कार्यशाला

 

दिनांक : 4-5 फरवरी 2026 स्थान : एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) को अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एस.सी.ई.आर.टी. उत्तराखण्ड एवं स्टरलाईट एडइंडिया फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ।

कार्यशाला का उद्देश्य

इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य डायट संस्थानों का संस्थागत सुदृढ़िकरण करना है ताकि उन्हें अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में स्थापित किया जा सके। प्रतिभागियों के लिए यह मंच विजनिंग, क्षमता संवर्द्धन और नवीनतम शैक्षिक मानकों को अपनाने का अवसर प्रदान कर रहा है।

उद्घाटन सत्र की प्रमुख बातें

  • पदमेन्द्र सकलानी (अपर निदेशक, एस.सी.ई.आर.टी.) ने प्रतिभागियों से अपेक्षा व्यक्त की कि कार्यशाला से डायट को उत्कृष्टता केन्द्र बनाने की ठोस रूपरेखा तैयार होगी।

  • सोनाक्षी अग्रवाल (निदेशक, स्टरलाईट एडइंडिया फाउण्डेशन) ने कहा कि इस साझेदारी से राज्य में बेहतर अकादमिक संस्कृति विकसित होगी, जिससे विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम में सुधार होगा।

  • एंटनी नेलिसेरी, डॉ. सुबीर शुक्ला एवं निरूपमा शर्मा ने स्पष्ट विजन निर्माण और नीतिगत इरादों को दैनिक अभ्यास में शामिल करने पर बल दिया।

  • डॉ. के.एन. बिजल्वाण (सहायक निदेशक) एवं डॉ. अजय कुमार चौरसिया (कार्यक्रम समन्वयक) ने कार्य संस्कृति को संस्थानों का अभिन्न अंग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रतिभागियों की उपस्थिति

इस अवसर पर पौड़ी डायट प्राचार्य स्वराज सिंह तोमर, रूड़की डायट प्राचार्य मेराज अहमद, परिषद से डॉ. राकेश चन्द्र गैरोला, डॉ. बी.पी. मैदोली, डॉ. रंजन भट्ट, शुभ्रा सिंहल, मनोज बहुगुणा, सुशील चन्द्र गैरोला, डॉ. मनोज शुक्ला, अखिलेश डोभाल, देवराज राणा, अरुण थपलियाल तथा डायट से डॉ. हेम जोशी, अरविन्द सिंह चौहान, रमेश बड़ोनी, डॉ. विमल थपलियाल, ललित तिवारी, टीना मोहन, प्रेरणा बहुगुणा उपस्थित रहे। स्टरलाईट एडइंडिया फाउण्डेशन से राज्य प्रमुख भारती गुप्ता एवंतनुज भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

यह कार्यशाला उत्तराखण्ड में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डायट संस्थानों को अकादमिक उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित करने की यह पहल न केवल शिक्षकों और संकाय सदस्यों की क्षमता को सुदृढ़ करेगी बल्कि विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को भी बेहतर बनाएगी।

Wednesday, February 04, 2026

मिशन कर्मयोगी पोर्टल हेतु क्षमता आवश्यकता विश्लेषण( CNA) पर राज्य स्तरीय बैठक आयोजित

 

उत्तराखंड राज्य में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं राज्य-स्तरीय Annual Capacity Building Plan (ACBP) के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत क्षमता आवश्यकता विश्लेषण (Capacity Need Analysis) विषय पर एक राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक बन्दना गर्ब्याल निदेशक अकादमिक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य के सभी जनपदों से शिक्षा विभाग के अधिकारी सम्मिलित हुए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपदों में कार्यरत अधिकारियों एवं विद्यालयों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं की पहचान करना था, ताकि मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर पूरे राज्य का एक समेकित एवं व्यावहारिक ACBP तैयार कर अपलोड किया जा सके तथा भविष्य की प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास गतिविधियों की स्पष्ट रूपरेखा बनाई जा सके।

इस क्रम में बैठक के दौरान पाँच प्रमुख फील्ड्स पर आधारित ट्रेनिंग नीड असेसमेंट के लिए एक गूगल फॉर्म साझा किया गया। सभी जनपदों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने जनपदों के विद्यालयों एवं शिक्षा अधिकारियों से प्रशिक्षण आवश्यकताओं का संकलन कर निर्धारित समयावधि में उपलब्ध कराएँ, जिससे डेटा-आधारित और आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण योजनाएँ विकसित की जा सकें।

बैठक का सफल मॉडरेशन उपनिदेशक  पंकज शर्मा द्वारा किया गया। वहीं बैठक का संचालन  पंकज शर्मा एवं तकनीकी तौर पर रमेश बडोनी, प्रवक्ता, एस.सी.ई.आर.टी. के संयुक्त प्रयास से किया गया।

 मिशन कर्मयोगी के योजना विकास एवं परामर्श के उद्देश्य से इस बैठक में माध्यमिक शिक्षा से सलहाकार   मदन मोहन जोशी, उप निदेशक शैलेन्द्र सिंह, प्रोफेशनल विनय ध्यानी,  जसवंत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञगण भी उपस्थित रहे। सभी ने मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत क्षमता निर्माण को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर अपने विचार साझा किए।

यह बैठक राज्य में क्षमता निर्माण को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी, जिससे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत शिक्षा विभाग के 89 अधिकारियों एवं कार्मिकों की दक्षता में गुणात्मक वृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।

परीक्षा का तनाव नहीं, आत्मविश्वास का उत्सव! परीक्षा पे चर्चा 2026

परीक्षा पे चर्चा 2026
परीक्षा उत्सव को जीवन उत्सव बनाएं!

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से सीधे संवाद का सुनहरा अवसर —
जहाँ छात्र, शिक्षक और अभिभावक पाएँगे
✔️ परीक्षा का तनाव दूर करने के टिप्स
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✔️ सीखने को उत्सव बनाने की प्रेरणा

🗓️ दिनांक: 06 फरवरी 2026
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