आज SCERT उत्तराखंड के सभागार में शिक्षा विभाग की एक गरिमामयी और भावनात्मक विदाई का आयोजन किया गया। अपर निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) कंचन देवराड़ी के अधिवर्षता आयु पूर्ण करने पर सेवा निवृत्ति के अवसर पर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात पुष्पमालाओं से उनका हार्दिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और सहकर्मियों ने कंचन देवराड़ी के साथ बिताए गए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा किया। सभी ने उन्हें एक ईमानदार, सरल, सौम्य और अपने कार्य के प्रति निडर अधिकारी के रूप में याद किया।
कंचन देवराड़ी ने SCERT उत्तराखंड में पूर्व में भी कई वर्षों तक संयुक्त निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दीं और संस्थान को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके नेतृत्व, कार्यनिष्ठा और निर्णय क्षमता की सराहना हर वक्ता के शब्दों में झलकती रही।
वर्तमान अपर निदेशक SCERT, पद्मेंद्र सकलानी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके साथ जुड़े कई यादगार प्रसंग साझा किए। उन्होंने कहा कि कंचन देवराड़ी का योगदान विभाग के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। डॉ. के. एन. बिजल्वाण सहित SCERT के अनेक अधिकारियों ने भी अपने शुभकामना संदेश प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में प्रारंभिक, समग्र शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अवसर को और अधिक गरिमामय बनाया। मंच पर उनके पति ने भी उनका साथ दिया, जिससे यह क्षण और भी भावुक बन गया। कई अवसरों पर सहकर्मियों ने उन पलों को याद किया जब कंचन देवराड़ी ने सभी का मार्गदर्शन और सहयोग किया।
इस अवसर पर अकादमिक निदेशक बन्दना गर्ब्याल ने दूरभाष के माध्यम से उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं, जो उनके प्रति सम्मान और स्नेह का प्रतीक रहा।
समारोह के अंत में सभी ने कंचन देवराड़ी के स्वस्थ, सुखद और सफल भविष्य की कामना की। यह विदाई केवल एक अधिकारी की सेवा निवृत्ति नहीं, बल्कि उनके समर्पण, सादगी और उत्कृष्ट कार्यशैली को सम्मानित करने का एक भावनात्मक अवसर था।