Saturday, July 18, 2026

उत्तराखण्ड SCERT एवं सभी DIETs के शिक्षक-शिक्षा को नई दिशा पर व्यापक समीक्षा बैठक

उत्तराखण्ड की विद्यालयी शिक्षा एवं शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण तथा भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की।

बैठक में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, नवाचारों तथा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोंडे (IAS), निदेशक अकादमिक बंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद सेमल्टी, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा कुँवर सिंह, अपर निदेशक, SCERT पदमेन्द्र सकलानी, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रदेश के सभी DIETs के प्राचार्य उपस्थित रहे।

शिक्षक प्रशिक्षण को बनाया जाए अधिक प्रभावी

बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने SCERT द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें व्यावहारिक, नवाचार आधारित, तकनीक समर्थित तथा गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए, जिससे प्रशिक्षण का सीधा लाभ कक्षा-कक्ष तक पहुँचे और विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों में सकारात्मक सुधार दिखाई दे।

डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि आज के समय में शिक्षकों को बदलती तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम, समावेशी शिक्षा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नवीन शिक्षण पद्धतियों से निरंतर अद्यतन करना अत्यंत आवश्यक है।

DIET की क्रमवार समीक्षा

बैठक का एक महत्वपूर्ण भाग प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) की क्रमवार समीक्षा रहा। प्रत्येक DIET के कार्यों, उपलब्धियों, प्रशिक्षण गतिविधियों, आधारभूत संरचना, संसाधनों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी DIETs को चरणबद्ध रूप से सुदृढ़ किया जाए तथा राज्य में मॉडल DIET की शीघ्र स्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक अवसंरचना, डिजिटल संसाधन, स्मार्ट प्रशिक्षण सुविधाएँ, अनुसंधान एवं नवाचार आधारित वातावरण विकसित कर DIETs को उत्कृष्ट शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्रों के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए।

आधुनिक एवं नवाचार आधारित प्रशिक्षण पर बल

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवीन तकनीकों, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन एवं ब्लेंडेड लर्निंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ICT आधारित शिक्षण, शोध एवं नवाचार को प्राथमिकता दी जाए। इससे प्रदेश के शिक्षक नई शिक्षण विधियों को अपनाकर विद्यार्थियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं भविष्य के अनुरूप शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

बैठक के दौरान अधिकारियों एवं DIET प्राचार्यों ने भी अपने-अपने संस्थानों की प्रगति, चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं से अवगत कराया। विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अनुसंधान गतिविधियों तथा संस्थागत विकास से जुड़े विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखण्ड में शिक्षक शिक्षा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना है। इसके लिए SCERT एवं DIETs की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इन्हें नवाचार, अनुसंधान तथा तकनीकी सशक्तिकरण के केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

यह समीक्षा बैठक राज्य की शिक्षक शिक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आधुनिक संसाधनों, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अनुसंधान आधारित दृष्टिकोण तथा मॉडल DIET की स्थापना जैसे निर्णय आने वाले समय में उत्तराखण्ड की विद्यालयी शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।