Tuesday, July 14, 2026

एनसीईआरटी की राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल समापन

 

देहरादून, उत्तराखण्ड।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली के राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा कार्यक्रम (NPEP) के अंतर्गत स्कूल स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम (School Health & Wellness Programme) के लिए आयोजित पाँच दिवसीय राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन देहरादून में हुआ। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए राज्य स्तरीय संसाधन व्यक्तियों (State Resource Persons) ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा, शोध योजना निर्माण तथा अनुभवों का आदान-प्रदान किया।

इस राष्ट्रीय कार्यशाला की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि वर्ष 2026–27 के लिए विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संचालित किए जाने वाले 41 शोध प्रस्तावों का अंतिम अनुमोदन रहा। इन शोध अध्ययनों के माध्यम से विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा नीति निर्माण के लिए साक्ष्य-आधारित निष्कर्ष प्राप्त होंगे। यह पहल देशभर में विद्यालयी शिक्षा को और अधिक वैज्ञानिक, समावेशी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

समापन समारोह की अध्यक्षता एनसीईआरटी, नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक डॉ. पी. सी. अग्रवाल ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाला शोध शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी नीति निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने राज्यों में शोध कार्यों को गंभीरता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से सम्पन्न करें, ताकि विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

एससीईआरटी उत्तराखण्ड के सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रतिभागियों को उत्कृष्ट शोध प्रस्ताव तैयार करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन शोध अध्ययनों के निष्कर्ष न केवल विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम को नई दिशा देंगे, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

कार्यक्रम में डॉ. बिजॉय मलिक (कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा कार्यक्रम, एनसीईआरटी), डॉ. हरीश मीणा (एनसीईआरटी, नई दिल्ली) तथा डॉ. उषा कटियार, प्रवक्ता, एससीईआरटी उत्तराखण्ड सहित अनेक विशेषज्ञ एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने शोध पद्धति, विद्यालय स्वास्थ्य, मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण, जीवन कौशल तथा साक्ष्य-आधारित शैक्षिक हस्तक्षेपों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।

पाँच दिनों तक चली इस राष्ट्रीय कार्यशाला ने प्रतिभागियों को शोध की गुणवत्ता, सहयोगात्मक कार्य संस्कृति तथा नवाचार आधारित दृष्टिकोण को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने वर्ष 2026–27 में स्वीकृत शोध अध्ययनों को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा उनके निष्कर्षों के माध्यम से विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने का संकल्प लिया।