Monday, July 20, 2026

PM eVidya के लिए गुणवत्तापूर्ण डिजिटल कंटेंट निर्माण कार्यशाला

 

E-Content Mapping, Script Writing एवं Video Scripting पर विषय विशेषज्ञों का अभिमुखीकरण सम्पन्न

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड के आईटी लैब में आज PM eVidya के अंतर्गत प्रसारित होने वाले शैक्षिक कार्यक्रमों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले E-Content Mapping, Script Writing एवं Video Scripting विषय पर विषय विशेषज्ञों (SMEs) का विस्तृत अभिमुखीकरण आयोजित किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों के लिए आकर्षक, गुणवत्तापूर्ण एवं पाठ्यक्रम आधारित डिजिटल शिक्षण सामग्री का विकास करना रहा।

कार्यक्रम में संदर्भदाता मनोधर नैनवाल एवं भास्कर जोशी ने अपने प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को विषयवस्तु चयन, कंटेंट की गुणवत्ता, वीडियो प्रस्तुतीकरण तथा प्रभावी स्क्रिप्ट लेखन की विभिन्न तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि PM eVidya के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों तक पहुँचने वाले प्रत्येक वीडियो की योजना, भाषा, प्रस्तुति एवं शैक्षणिक गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।


तकनीकी सत्र के दौरान टेक्निकल टीम से सौरव जोशी ने विभिन्न प्रस्तुतियों एवं तकनीकी शीट (Templates) के माध्यम से प्रतिभागियों को Chapterization की प्रक्रिया, विषयवार कार्यक्रम निर्माण तथा कंटेंट प्लानिंग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विषय विशेषज्ञ अपने विषय के अनुरूप सुव्यवस्थित रूप से अध्यायों का चयन करते हुए वीडियो निर्माण की रूपरेखा तैयार करें।

इस अवसर पर मनोधर नैनवाल ने सभी विषय विशेषज्ञों से अपने-अपने विषयों का चयन करने का आग्रह करते हुए बताया कि प्रथम चरण में कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 3 से 5 के लिए डिजिटल कंटेंट तैयार किया जाएगा। साथ ही यदि संभव हो तो कक्षा 1 एवं 2 के लिए भी गुणवत्तापूर्ण सामग्री विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

यह उल्लेखनीय है कि इसी उद्देश्य से आयोजित यह अभिमुखीकरण कार्यक्रम चौथी बार आयोजित किया गया, जिसमें सभी SMEs को पुनः विस्तार से समझाया गया कि Content Writing, Script Development, Learning Outcomes, Pedagogical Approach, Visual Planning तथा Video Production के दौरान किन-किन महत्वपूर्ण बिंदुओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।


कार्यशाला के दौरान आईटी विभाग के रमेश प्रसाद बडोनी, एस. पी. वर्मा तथा PM eVidya की राज्य समन्वयक पुष्पा अस्वाल ने भी अपने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को डिजिटल कंटेंट निर्माण, तकनीकी मानकों, वीडियो रिकॉर्डिंग प्रक्रिया तथा समन्वय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।


सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजलवाण ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सुझाव दिया कि वीडियो निर्माण के लिए पूरे अध्याय पर कार्य करने के बजाय ऐसे Concepts का चयन किया जाए जिन्हें प्रभावी दृश्य माध्यम से बेहतर ढंग से समझाया जा सके। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे लेकिन प्रभावशाली कॉन्सेप्ट आधारित वीडियो विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होंगे तथा PM eVidya के उद्देश्य को सफल बनाएंगे।

कार्यक्रम के मध्येचरण  मे पर निदेशक पद्मेंद्र सकलानी ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि PM eVidya के लिए गुणवत्तापूर्ण कंटेंट एवं वीडियो निर्माण वर्तमान समय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने सभी विषय विशेषज्ञों से जिम्मेदारी, समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने का आग्रह किया तथा तैयार सामग्री समय पर समन्वयक एवं आईटी विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि—

"PM eVidya केवल वीडियो निर्माण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। प्रत्येक विषय विशेषज्ञ का योगदान भविष्य की डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।"

कार्यशाला में आईटी विभाग के साथ सुशील गैरोला, अरुण थपलियाल, विनय उनियाल  एवं डॉ. मनोज शुक्ला भी उपस्थित रहे। ये सभी PM eVidya के विभिन्न चैनलों के समन्वयक के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा कंटेंट निर्माण एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान करेंगे।