देहरादून | 30 जून 2026
उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा विभाग के लिए 30 जून 2026 का दिन भावनाओं से भरा रहा। विभाग के वरिष्ठ एवं अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती, जिन्होंने वर्तमान में निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा (प्रभारी) तथा अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा के महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया, आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण करने के उपरांत राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए।
उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री ने डॉ. सती को उनके सफल, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी सेवाकाल के लिए बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखद भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डॉ. सती ने अपने कार्यकाल के दौरान अनेक महत्वपूर्ण निर्णय समयबद्ध एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ लिए, जिनका सकारात्मक प्रभाव सम्पूर्ण विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा। उन्होंने विभाग के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें एक कुशल प्रशासक एवं संवेदनशील अधिकारी बताया।
विद्यालयी शिक्षा सचिव रवीनाथ रामन ने डॉ. मुकुल कुमार सती को एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी निर्णयकर्ता और परिणामोन्मुख नेतृत्वकर्ता बताया।
उन्होंने कहा कि डॉ. सती ने सदैव समय पर उचित निर्णय लेकर विभागीय व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाया तथा विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनका प्रशासनिक अनुभव, कार्य के प्रति अनुशासन और टीम भावना विभाग की बड़ी शक्ति रही है। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में विद्यालयी शिक्षा विभाग ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति प्राप्त की और आने वाले वर्षों में भी उनके कार्यों से नई पीढ़ी के अधिकारी प्रेरणा लेते रहेंगे।
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोंडे ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. मुकुल कुमार सती का व्यक्तित्व प्रशासनिक दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। सचिव रवीनाथ रामन ने कहा कि डॉ. सती ने विभागीय कार्यों को सदैव सकारात्मक दृष्टिकोण, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ आगे बढ़ाया और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी शांत और संतुलित निर्णय लेकर विभाग को निरंतर प्रगति की दिशा में अग्रसर किया।
महानिदेशक ने कहा कि विद्यालयी शिक्षा विभाग को उनके अनुभव, नेतृत्व और मार्गदर्शन की कमी अवश्य महसूस होगी, किन्तु उनके द्वारा स्थापित कार्यसंस्कृति भविष्य में भी विभाग के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
निदेशक अकादमिक, शोध एवं प्रशिक्षण, बंदना गर्ब्याल ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. मुकुल सती के साथ लंबे समय तक कार्य करने का अवसर उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. सती सदैव समय पर निर्णय लेने, कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर समाधान खोजने तथा टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए जाने जाते रहे हैं और उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज विद्यालयी शिक्षा विभाग केवल एक वरिष्ठ अधिकारी को नहीं, बल्कि एक ऐसे सक्षम, संवेदनशील और दूरदर्शी प्रशासक को विदा कर रहा है, जिनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
समारोह में शिक्षा विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न निदेशालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सहभागिता करते हुए डॉ. सती के साथ अपने कार्यानुभव साझा किए। सभी वक्ताओं ने उनके सहज, सरल एवं मानवीय व्यक्तित्व, सहयोगात्मक कार्यशैली तथा प्रत्येक कर्मचारी एवं अधिकारी के प्रति उनके आत्मीय व्यवहार को याद करते हुए भावपूर्ण शब्दों में अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।
समारोह के दौरान अनेक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने यह भी साझा किया कि डॉ. सती सदैव अपने सहयोगियों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहते थे। चाहे संसाधनों की व्यवस्था हो, प्रशासनिक मार्गदर्शन हो या व्यक्तिगत सहयोग—उन्होंने हर स्तर पर अपने सहयोगियों का साथ दिया। उनकी विनम्रता, सहज उपलब्धता तथा मानवीय संवेदनशीलता ने उन्हें विभाग में सभी के बीच अत्यंत सम्मानित और लोकप्रिय बनाया।
अपने सेवाकाल के अंतिम संबोधन में डॉ. मुकुल कुमार सती ने पूरे शिक्षा परिवार के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल की प्रत्येक उपलब्धि विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग का परिणाम रही है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा—
"जब भी, जहाँ भी किसी अधिकारी या कर्मचारी को मेरी आवश्यकता होगी, या मैं किसी के किसी भी कार्य में सहायक हो सकूँगा, तो आप सभी मुझे बिना किसी संकोच के अवश्य याद करें। मैं सदैव आपकी सेवा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ा मिलूँगा।"
उनके इन आत्मीय शब्दों ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और पूरे सभागार में आत्मीयता एवं सम्मान का वातावरण दिखाई दिया।
डॉ. मुकुल कुमार सती का सेवाकाल उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा विभाग के लिए प्रशासनिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता, मानवीय मूल्यों तथा सकारात्मक कार्यसंस्कृति का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहेगा। शिक्षा विभाग उनके योगदान को सदैव सम्मानपूर्वक स्मरण करेगा तथा उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सक्रिय जीवन की मंगलकामना करता है।
सम्पूर्ण विद्यालयी शिक्षा परिवार की ओर से डॉ. मुकुल कुमार सती को सफल सेवाकाल के लिए हार्दिक अभिनन्दन एवं उनके भावी जीवन हेतु अनंत शुभकामनाएँ।