Tuesday, June 30, 2026

भावनाओं से सराबोर रहा SCERT परिवार का विदाई समारोह: डॉ. संजीव चेतन एवं नीलम पंवार को दी गई सम्मानपूर्ण विदाई, वर्षों की समर्पित सेवाओं को किया गया नमन

 

देहरादून | 30 जून 2026

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड के प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) में आज का दिन भावनाओं, आत्मीयता और सम्मान से परिपूर्ण रहा। परिषद के कला संकाय के प्रवक्ता डॉ. संजीव चेतन तथा पाठ्यक्रम विभाग की प्रवक्ता  नीलम पंवार को अधिवर्षता आयु पूर्ण होने पर पूरे SCERT परिवार की ओर से गरिमामय विदाई दी गई।

समारोह में SCERT के अधिकारी, संकाय सदस्य, कर्मचारी तथा दोनों प्रवक्ताओं के परिवारजन उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए उनके लंबे, समर्पित और प्रेरणादायी सेवाकाल को याद किया। कार्यक्रम केवल एक औपचारिक विदाई नहीं था, बल्कि उन दो व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर था जिन्होंने वर्षों तक SCERT की कार्यसंस्कृति, शैक्षिक गुणवत्ता और संस्थागत गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

डॉ. संजीव चेतन : कला, संस्कृति और शिक्षा का अद्भुत संगम

डॉ. संजीव चेतन केवल एक प्रवक्ता नहीं, बल्कि बहुआयामी प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व हैं। वे एक उत्कृष्ट चित्रकार, संगीतकार, ऑर्केस्ट्रा कलाकार, रंगमंच कर्मी और संवेदनशील शिक्षक के रूप में पूरे राज्य में अपनी अलग पहचान रखते हैं। लगभग 35 वर्षों की राजकीय सेवा के दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग को अनेक उपलब्धियाँ प्रदान कीं तथा स्वयं भी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर अनेक सम्मानों से सम्मानित हुए।

SCERT परिसर की कला दीर्घा (Art Gallery) आज उनकी सृजनशीलता की जीवंत पहचान है। उनके द्वारा बनाई गई अनेक चित्रकृतियाँ परिषद की शोभा बढ़ाती हैं और देश-विदेश से आने वाले अतिथियों का ध्यान आकर्षित करती हैं। अनेक अवसरों पर उन्होंने अपनी चित्रकृतियों को पुरस्कार एवं सम्मान-स्वरूप भी भेंट किया, जिससे कला के प्रति उनका समर्पण और अधिक स्पष्ट होता है।

समारोह में उनकी पत्नी, पुत्र, पुत्रवधू एवं पोते की उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को पारिवारिक आत्मीयता से भर दिया।


नीलम पंवार : कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और पाठ्यक्रम विकास की सशक्त पहचान

पाठ्यक्रम विभाग की वरिष्ठ प्रवक्ता नीलम पंवार ने अपने सेवाकाल में सदैव निष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ विभागीय कार्यों का निर्वहन किया। पाठ्यक्रम विकास, शैक्षिक दस्तावेजों के निर्माण तथा विभागीय गतिविधियों में उनकी भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही।

उनके सहयोगियों ने उन्हें एक शांत, समर्पित और कर्मप्रधान अधिकारी के रूप में याद किया। उनके कार्यों ने SCERT की शैक्षिक गतिविधियों को मजबूत आधार प्रदान किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए उत्कृष्ट उदाहरण स्थापित किया।

समारोह में उनकी माता जी, पति तथा बेटी भी उपस्थित रहे। परिवार के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उनके संघर्ष, समर्पण और पारिवारिक संतुलन की सराहना की।

निदेशक अकादमिक बन्दना गर्ब्याल ने अत्यंत भावुक शब्दों में दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि SCERT आज दो ऐसे अनुभवी एवं समर्पित संकाय सदस्यों को विदा कर रहा है जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

डॉ. संजीव चेतन के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी कला, सृजनशीलता और संस्थान के प्रति समर्पण ने SCERT को एक सांस्कृतिक पहचान प्रदान की है। उन्होंने वर्षों तक अपनी चित्रकला और रचनात्मक दृष्टि से परिषद के वातावरण को समृद्ध बनाया।

नीलम पंवार के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वे अत्यंत कर्तव्यनिष्ठ संकाय  रही हैं। विभागीय दायित्वों के निर्वहन में कई बार समयबद्ध कार्यों को लेकर उन्हें निर्देश भी देने पड़े, किन्तु उनका उद्देश्य सदैव विभागीय कार्यों को समय पर पूर्ण कराना रहा। उन्होंने कहा कि नीलम पंवार ने हर जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाया और अपने कार्यों से सदैव विश्वास अर्जित किया।

समारोह के दौरान उन्होंने दोनों अधिकारियों के परिवार के अग्रज  को सम्मानपूर्वक प्रणाम किया, शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता का सम्मान करता है, वह जीवन में सदैव समृद्ध और सुखी रहता है।

अपर निदेशक  पद्मेंद्र सकलानी ने दोनों संकाय सदस्यों के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि SCERT परिवार आज अपने दो अनुभवी स्तंभों को विदा कर रहा है।

उन्होंने  नीलम पंवार की माता जी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया तथा उनके दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि माता-पिता के संस्कार ही व्यक्ति को उत्कृष्ट बनाते हैं और आज दोनों अधिकारियों की कार्यशैली में उन्हीं संस्कारों की झलक दिखाई देती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी जब कभी SCERT को उनके अनुभव और मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी, दोनों अधिकारी सदैव संस्थान के साथ खड़े रहेंगे।

डॉ. संजीव चेतन का संदेश

अपने उद्बोधन में डॉ. संजीव चेतन ने अनेक संस्मरण साझा करते हुए कहा कि कला केवल चित्र बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि मनुष्यता को समझने और लोगों को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक SCERT में कार्य करते हुए उन्हें कभी यह अनुभव नहीं हुआ कि वे किसी कार्यालय में नौकरी कर रहे हैं। उन्हें सदैव ऐसा लगा जैसे वे अपने ही परिवार के बीच कार्य कर रहे हों।


उन्होंने कहा कि हर नई जिम्मेदारी ने उन्हें नए अनुभव दिए और हर सहयोगी ने उनके जीवन को समृद्ध बनाया। उन्होंने सभी अधिकारियों, सहयोगियों और कर्मचारियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया तथा कहा कि जीवन का यह अध्याय समाप्त अवश्य हुआ है, लेकिन SCERT से उनका आत्मीय रिश्ता सदैव बना रहेगा।

नीलम पंवार का संदेश

नीलम पंवार ने अपने सेवाकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का प्रयास किया।

उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि यदि कभी अनजाने में किसी कार्य में कोई कमी रह गई हो या किसी सहयोगी को उनसे किसी प्रकार की असुविधा हुई हो, तो वे उसके लिए क्षमा चाहती हैं। उन्होंने पूरे SCERT परिवार द्वारा मिले सहयोग, स्नेह और विश्वास के लिए सभी का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।


डॉ. संजीव चेतन के अत्री पुत्र ने अपने पिता की अनुशासित कार्यशैली और शिक्षा के प्रति समर्पण को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि घर में अक्सर नई शिक्षा नीति जैसे विषयों पर उनके साथ लंबी चर्चा और बहस होती रही है। उन्हीं संवादों से उन्हें जीवन की अनेक महत्वपूर्ण सीख मिली हैं।

नीलम पंवार की बेटी ने कहा कि यदि आज वह अपने पसंदीदा क्षेत्र फैशन डिज़ाइनिंग में सफल है, तो उसका सबसे बड़ा श्रेय उनकी माता को जाता है, जिन्होंने सदैव उन्हें अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने की स्वतंत्रता और प्रोत्साहन दिया।

नीलम पंवार के पति ने सरल शब्दों में कहा कि अब दोनों जीवन के नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं और अपने अनुभवों तथा मधुर स्मृतियों के साथ समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने का प्रयास जारी रखेंगे।

सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वा ने कहा कि डॉ. संजीव चेतन और श्रीमती नीलम पंवार विभाग के ऐसे स्तंभ हैं जिनके योगदान को सदैव सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन  सुनील भट्ट ने अपने विशिष्ट शायरी अंदाज़ में किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में इन दोनों अधिकारियों द्वारा किए गए कार्य आने वाले वर्षों तक प्रेरणा देते रहेंगे और उनकी सेवाएँ सदैव स्मरणीय रहेंगी।

समारोह के अंत में पूरे SCERT परिवार ने दोनों सम्मानित अधिकारियों को पुष्पगुच्छ, स्मृति-चिन्ह एवं शुभकामनाएँ भेंट कर उनके स्वस्थ, सुखद और सक्रिय जीवन की कामना की। सेवानिवृत्ति केवल सेवा का समापन नहीं होती, बल्कि अनुभव, ज्ञान और संस्कारों की नई यात्रा का आरंभ होती है। डॉ. संजीव चेतन और श्रीमती नीलम पंवार ने अपने कार्यों, व्यवहार और समर्पण से जो विरासत SCERT को दी है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।