सड़क दुर्घटनाएँ आज देश के सामने एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर रही हैं। इन दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा विद्यार्थियों के भीतर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तराखंड ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों के लिए सड़क सुरक्षा नियमों पर आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति प्रशिक्षित किया जा सके।
यह कार्यक्रम सर्वोच्च न्यायालय की मॉनिटरिंग समिति के निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान-2017 की भावना को आगे बढ़ाता है। इसका उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और समाज में भी जागरूकता फैलाएँ।
मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से होगा प्रशिक्षण
एससीईआरटी द्वारा पहले चरण में सड़क सुरक्षा विषयक प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है। इसके बाद राज्य स्तर पर 40 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स राज्य के सभी 13 जिलों में जाकर लगभग 60-60 प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, सुरक्षित यातायात व्यवहार, पैदल चलने के नियम, साइकिल एवं दोपहिया वाहन सुरक्षा तथा दुर्घटना रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करेंगे। इसके साथ ही विद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लबों का गठन भी किया जाएगा, जो वर्षभर विभिन्न गतिविधियों और जागरूकता अभियानों का संचालन करेंगे।
पाठ्यक्रम में स्थान
सड़क सुरक्षा को विद्यालयी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा नियमों पर आधारित विषयवस्तु को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए छह ऑडियो-वीडियो सामग्री तथा अन्य प्रशिक्षण संसाधन भी विकसित किए जा चुके हैं। सड़क सुरक्षा सप्ताह और जागरूकता रैलियों जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भी इस अभियान को विद्यालय स्तर तक पहुँचाया जा रहा है।
विभिन्न विभागों का सहयोग
इस महत्वपूर्ण पहल में परिवहन विभाग और एससीईआरटी के विशेषज्ञों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। मॉड्यूल निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्य में सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के राज्य समन्वयक विनय थपलियाल सहित विभिन्न विषय विशेषज्ञों और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) के संकाय सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
एससीईआरटी की निदेशक वंदना गर्ब्याल के नेतृत्व में यह प्रयास शिक्षा और सुरक्षा को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है।
माड्यूल निर्माण में, परिवहन विभाग से डा पपने , एससीईआरटी से , अखिलेश डोभाल,डा दिनेश रतूडी ,डा मनोज शुक्ला,रविदर्शन तोपाल,मनोज बहुगुणा,डा संजय भटट ,डा राकेश गैरोला,एंव डायटस से प्रेरणा बहुगुणा,डा दिनेश रावत,डा शांति रतूडी,डा सुषमा महर,ऋतु कुकरेती,मनोज महर,आदि प्रतिभाग कर रहे हैं और समापन 10जून को होगा ।