देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग की सचिव ज्योति यादव, IAS ने आज समग्र शिक्षा सभागार में SCERT उत्तराखण्ड के विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों, वार्षिक कार्य योजना एवं बजट (AWP&B) तथा विभिन्न विभागों में संचालित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में निदेशक अकादमिक वंदना गर्ब्याल सहित SCERT के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारम्भ में निदेशक अकादमिक वंदना गर्ब्याल ने शिक्षा सचिव का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में SCERT उत्तराखण्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल नवाचार तथा स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित शैक्षिक सुधारों को प्राथमिकता देते हुए अनेक महत्वपूर्ण पहलें की हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा सचिव के मार्गदर्शन में इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके उपरांत शिक्षा सचिव ज्योति यादव ने SCERT की समग्र गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देने के लिए सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजलवाण से कहा। डॉ. बिजलवाण ने SCERT की वर्तमान प्रशासनिक संरचना, रिक्त पदों की स्थिति, विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षक शिक्षा, शोध, नवाचार, गुणवत्ता संवर्धन तथा राज्य में शिक्षा सुधारों के लिए चल रही पहलों पर प्रकाश डाला।
बैठक के दौरान SCERT के छहों विभागों द्वारा क्रमवार अपनी उपलब्धियाँ एवं आगामी कार्ययोजनाएँ प्रस्तुत की गईं। पाठ्यक्रम विभाग ने NCERT पाठ्यपुस्तकों में 30 प्रतिशत स्थानीय संदर्भ (Local Context) को समाहित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों को अपने स्थानीय परिवेश, संस्कृति और ज्ञान परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
आईटी विभाग की ओर से आईटी प्रवक्ता रमेश प्रसाद बडोनी ने राज्य में विकसित एवं संचालित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों (MOOCs) तथा डिजिटल शिक्षण पहलों की उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हजारों शिक्षकों तक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सामग्री पहुँचाई जा रही है तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से शिक्षक क्षमता निर्माण को नई दिशा मिली है।
इसी क्रम में कौशलम कार्यक्रम पर सुनील भट्ट ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों, उपलब्धियों तथा भविष्य की कार्ययोजना से शिक्षा सचिव को अवगत कराया। इसके अतिरिक्त शिक्षक शिक्षा, अनुसंधान, मूल्यांकन, छात्रवृत्ति, कार्यक्रम अनुश्रवण तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े विभिन्न विभागों ने भी अपने-अपने कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की।
समीक्षा बैठक में डॉ. हरीश बडोनी, राकेश रावत, डॉ. दीपक प्रताप, प्रिया गोसाईं, डॉ. राकेश गैरोला, रवि दर्शन तोपाल, मनोज बहुगुणा सहित SCERT के अनेक अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर विद्यालय शिक्षा सचिव ज्योति यादव, ने सभी विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, समयबद्धता, नवाचार और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए SCERT की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में ऐसे प्रयास दिखाई देने चाहिए जो राज्य के प्रत्येक विद्यार्थी और शिक्षक तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ पहुँचाएँ।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों का आह्वान किया कि वे नवाचार, डिजिटल तकनीक, शोध एवं स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित शैक्षिक सुधारों को और अधिक गति दें, ताकि उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सके।