निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों में पठन संस्कृति, भाषा कौशल और पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित रीडिंग कैंपेन - मेरे शब्द मेरी कहानी2026 के व्यापक जन-जागरूकता अभियान हेतु मोबाइल वैन को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड से रवाना किया गया।
मोबाइल वैन को निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड वंदना गर्ब्याल तथा अपर निदेशक, SCERT उत्तराखण्ड पद्मेंद्र सकलानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक कृष्णानंद बिजल्वान, रूम टू रीड की राज्य प्रमुख पुष्पलता रावत सहित SCERT के समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे। सभी संकाय सदस्यों की सहभागिता ने अभियान के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता और सामूहिक प्रयास को रेखांकित किया।
प्राथमिक विद्यालयों और समुदायों तक पहुँचेगा पठन का संदेश
यह मोबाइल वैन देहरादून जनपद के प्राथमिक विद्यालयों एवं सामुदायिक केन्द्रों तक पहुँचकर बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय के बीच पठन की आदत विकसित करने के लिए जन-जागरूकता का प्रचार-प्रसार करेगी। अभियान का प्रयास है कि पढ़ना केवल विद्यालय की एक शैक्षिक गतिविधि न रहकर बच्चों की दैनिक दिनचर्या, रुचि और आनंदपूर्ण सीखने की संस्कृति का हिस्सा बने।
15 अगस्त से 8 सितम्बर तक रीडिंग कैंपेन
रीडिंग कैंपेन प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त से 8 सितम्बर तक SCERT उत्तराखण्ड एवं सहयोगी संस्था रूम टू रीड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है। वर्ष 2026 में इस अभियान को “#मेरेशब्दमेरीकहानी” के नाम से आयोजित किया जा रहा है।
रूम टू रीड से प्रशांत बर्थवाल ने कहा कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए SCERT उत्तराखण्ड द्वारा समस्त प्राथमिक विद्यालयों हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप विद्यालयों में बच्चों को पढ़ने, लिखने, अपनी बात अभिव्यक्त करने तथा शब्दों के माध्यम से अपनी स्वयं की कहानी रचने के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नियमित पठन की आदत विकसित करना और बुनियादी भाषा एवं साक्षरता कौशल को सुदृढ़ करना है। इसके लिए विद्यालयों में दैनिक रूप से विभिन्न पठन एवं लेखन गतिविधियों का आयोजन प्रस्तावित है।
बच्चों को कहानी पढ़ने-सुनने, अपनी पसंद की पुस्तक चुनने, नए शब्द सीखने, अपने अनुभव लिखने, कहानी बनाने, समूह में पढ़ने तथा अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे बच्चों में न केवल पठन प्रवाह और समझ विकसित होगी, बल्कि उनकी कल्पनाशक्ति, अभिव्यक्ति, शब्दावली और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।
अभियान का समापन 8 सितम्बर – अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में विशेष “Read-A-Thon” गतिविधि के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों की व्यापक सहभागिता के माध्यम से पढ़ने को एक उत्सव के रूप में मनाने का प्रयास किया जाएगा।
#मेरेशब्दमेरीकहानी2026 का संदेश स्पष्ट है—हर बच्चे को पढ़ने, समझने, सोचने और अपने शब्दों में अपनी कहानी कहने का अवसर मिले। निपुण भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में यह अभियान विद्यालय, परिवार और समुदाय को एक साथ जोड़ते हुए “हर बच्चा पढ़े, समझे और अपनी कहानी स्वयं गढ़े” की भावना को आगे बढ़ाता है।
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