SCERT उत्तराखंड की आईटी लैब में Script Writing, Content Mapping, Learning Outcomes, AI Tools और Video Content Development पर गहन अभ्यास
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखंड की आईटी लैब में PM eVIDYA के पाँच चैनलों हेतु गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शैक्षिक सामग्री विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित छह दिवसीय ई-कॉन्टेंट निर्माण कार्यशाला का आज समापन हुआ। कार्यशाला में लगभग 40 प्रतिभागियों ने स्क्रिप्ट राइटिंग, कंटेंट मैपिंग, Learning Outcomes (LOs) आधारित सामग्री निर्माण, वीडियो प्रोडक्शन तथा AI एवं अन्य डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर गहन प्रशिक्षण और अभ्यास किया।
कार्यशाला के संदर्भदाता एवं राष्ट्रीय ICT पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सुप्रिया बहुखंडी और मनोदर नैनवाल ने प्रतिभागियों को ई-कॉन्टेंट निर्माण की पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाया। प्रशिक्षण का विशेष फोकस केवल वीडियो तैयार करने पर नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने पर रहा कि प्रत्येक डिजिटल सामग्री का स्पष्ट Learning Outcome हो और उसका शैक्षिक उद्देश्य विद्यार्थियों की वास्तविक सीख से जुड़ा हो।
प्रतिभागियों ने Content Mapping → Learning Outcomes → Script Writing → Review → Video Recording → Final Digital Content की प्रक्रिया पर लगातार अभ्यास किया। विभिन्न प्रस्तुतियों और गतिविधियों के माध्यम से AI आधारित तकनीकों तथा अन्य डिजिटल माध्यमों के उपयोग को भी ई-कॉन्टेंट निर्माण से जोड़ा गया।
कार्यशाला में बार-बार इस बात पर जोर दिया गया कि डिजिटल कंटेंट की गुणवत्ता केवल उसकी तकनीकी चमक या वीडियो की सुंदरता से निर्धारित नहीं होती। अच्छा ई-कॉन्टेंट वह है जो Appealing, Engaging, Pedagogically Sound और Learning Measurable हो।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहले से बड़ी मात्रा में सामग्री उपलब्ध होने के बावजूद उसकी वास्तविक उपयोगिता तभी है, जब विद्यार्थी उससे कुछ सीख सके, शिक्षक उसे कक्षा में उपयोग कर सके और वह निर्धारित Learning Outcomes को प्राप्त करने में सहायता करे। इसलिए प्रतिभागियों को संख्या बढ़ाने के बजाय गुणवत्ता, प्रासंगिकता और उपयोगिता पर केंद्रित सामग्री विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
Rubrics के माध्यम से होगी Script और Content की समीक्षा
संदर्भदाताओं द्वारा प्रतिभागियों के लिए विशेष Rubrics भी तैयार किए गए। इन Rubrics के आधार पर प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी स्क्रिप्ट और वीडियो की अवधारणा को संबंधित Learning Outcomes के साथ Map करते हुए Reviewer के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई—
Learning Outcome → Content Mapping → Script Development → Rubric-based Review → Reviewer Approval → Video Recording
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिकॉर्डिंग से पहले ही विषयवस्तु, भाषा, प्रस्तुतीकरण, शैक्षिक उद्देश्य और अपेक्षित अधिगम परिणामों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने प्रतिभागियों को इस प्रक्रिया को केवल कार्यशाला की गतिविधि के रूप में न देखकर विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अधिगम सामग्री विकसित करने के अवसर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
Professional Content Mapping और Quality पर विशेष जोर
आईटी विभाग के प्रवक्ता रमेश बडोनी ने भी प्रतिभागियों को स्क्रिप्ट राइटिंग, कंटेंट मैपिंग और डिजिटल कंटेंट की शैक्षिक उपयोगिता पर अपने सुझाव दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल बड़ी संख्या में सामग्री अपलोड करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक कंटेंट की अपनी शैक्षिक अहमियत, स्पष्ट उद्देश्य और measurable learning होनी चाहिए।
उन्होंने प्रतिभागियों से स्क्रिप्ट और कंटेंट मैपिंग को अधिक Professional, Structured और Learner-Centric बनाने का आग्रह किया, ताकि तैयार सामग्री PM eVIDYA एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वास्तव में उपयोगी सिद्ध हो।
“ई-कॉन्टेंट ऐसा हो जो विद्यार्थी को आकर्षित करे, उसे जोड़े रखे और अंततः उसकी सीख में मापनीय परिवर्तन दिखाई दे।”
कार्यशाला के सफल संचालन में PM eVIDYA कोऑर्डिनेटर पुष्पा असवाल ने प्रतिभागियों को कंटेंट निर्माण की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान किया। वहीं सौरभ जोशी ने तकनीकी सहयोग देते हुए प्रतिभागियों को डिजिटल टूल्स, कंटेंट निर्माण एवं तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने और लागू करने में सहायता की।
छह दिनों के दौरान प्रतिभागियों को केवल प्रस्तुतियां नहीं दी गईं, बल्कि उन्हें अपनी स्क्रिप्ट लिखने, Learning Outcomes निर्धारित करने, कंटेंट मैप करने, समीक्षा कराने और उसमें सुधार करने के लिए लगातार rigorous hands-on practice कराई गई।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने Reflection और Feedback साझा किए। अजयपाल नेगी सहित अनेक शिक्षकों ने बताया कि छह दिनों में उन्होंने ई-कॉन्टेंट निर्माण की प्रक्रिया को नए दृष्टिकोण से समझा है। प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि वे आगे भी लगातार सीखते हुए PM eVIDYA के विभिन्न चैनलों के लिए बेहतर, आकर्षक और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी डिजिटल सामग्री तैयार करने में सहयोग देते रहेंगे।