Friday, August 14, 2026

PMeVidya : छह दिवसीय ई-कंटेंट निर्माण कार्यशाला



12 अगस्त 2026 | बुधवार

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में छह दिवसीय ई-कंटेंट निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ बुधवार, 12 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे हुआ। कार्यशाला के प्रथम दिन प्रतिभागियों को ई-कंटेंट निर्माण की कार्ययोजना, विषय चयन, कंटेंट विश्लेषण तथा डिजिटल माध्यमों से कार्य साझा करने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम समन्वयक पुष्पा असवाल द्वारा सभी प्रतिभागियों के स्वागत के साथ किया गया। इसके पश्चात सुशील गैरोला, डॉ मनोज शुक्ला एवं एस पी वर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों और ई-कंटेंट निर्माण की उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम समन्वयक पुष्पा असवाल ने सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण का स्वागत किया। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कार्यशाला से अपेक्षित परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि छह दिनों के प्रशिक्षण एवं अभ्यास के बाद तैयार होने वाला ई-कंटेंट विद्यार्थियों के लिए उपयोगी, गुणवत्तापूर्ण और सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने वाला होना चाहिए।

कार्यशाला के प्रथम दिन निदेशक पदमेन्द्र सकलानी की उपस्थिति ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने विशेष रूप से Artificial Intelligence (AI) आधारित शैक्षिक सामग्री और बच्चों के भावनात्मक जुड़ाव के महत्वपूर्ण पक्ष पर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि बच्चे पहले से ही कार्टून और दृश्य आधारित सामग्री की दुनिया से सहज रूप से जुड़ते रहे हैं। वर्तमान AI युग में आकर्षक डिजिटल सामग्री बच्चों का ध्यान तेजी से अपनी ओर खींचती है। इसलिए AI की सहायता से ई-कंटेंट तैयार करते समय केवल तकनीकी उत्कृष्टता पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामग्री में ऐसा भावनात्मक, रचनात्मक और शैक्षिक जुड़ाव भी होना चाहिए जो बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित करे।

इस दौरान सौरभ जोशी ने विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्न रखे, जिससे सत्र अत्यंत संवादात्मक और रोचक बन गया। प्रतिभागियों ने भी चर्चा में सक्रिय सहभागिता की।


ICT Awardee Mentors ने शुरू कराया व्यावहारिक कार्य

चाय अवकाश के बाद कार्यशाला का व्यावहारिक सत्र प्रारंभ हुआ। इस सत्र में ICT Awardee मेंटर सुप्रिया बहुखंडी एवं मनोहर नैनवाल ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

मेंटर्स द्वारा प्रतिभागियों के साथ एक Excel Sheet साझा की गई। सभी प्रतिभागियों को अपने Google Drive में कार्यशाला के लिए अलग फोल्डर बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि छह दिनों के दौरान तैयार होने वाली सामग्री को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित एवं साझा किया जा सके।

मनोहर नैनवाल ने प्रतिभागियों को साझा Excel Sheet में अपना नाम तथा ई-कंटेंट निर्माण के लिए चुने गए विषय की जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए।

Content Analysis Sheet के माध्यम से विषयों का चयन

ई-कंटेंट निर्माण शुरू करने से पहले प्रत्येक प्रतिभागी को Content Analysis Sheet उपलब्ध कराई गई। प्रतिभागियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने विषय से ऐसा टॉपिक चुनें जिस पर वे कार्यशाला के दौरान गुणवत्तापूर्ण डिजिटल ई-कंटेंट विकसित करेंगे।

दोपहर के भोजन से पहले प्रतिभागियों द्वारा विषयों एवं टॉपिक्स का चयन किया गया। भोजनावकाश के बाद मेंटर्स द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी Content Analysis Sheet को विस्तार से भरने का कार्य किया।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य ई-कंटेंट तैयार करने से पहले विषयवस्तु को सुव्यवस्थित ढंग से समझना और उसके अनुरूप डिजिटल सामग्री विकसित करने की योजना तैयार करना था।

दिन के अंतिम सत्र में सभी प्रतिभागियों ने अपनी पूर्ण की गई Content Analysis Sheet का लिंक साझा किया। इस प्रकार पहले ही दिन प्रतिभागियों ने विषय चयन से लेकर कंटेंट विश्लेषण, Google Drive पर डिजिटल फोल्डर तैयार करने और साझा कार्यप्रणाली को समझने तक महत्वपूर्ण गतिविधियां पूरी कीं।

छह दिवसीय कार्यशाला के आगामी दिनों में प्रतिभागी अपने चयनित विषयों पर रचनात्मक, विद्यार्थी-केंद्रित एवं तकनीक समर्थित ई-कंटेंट विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।