आज उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा विभाग के लिए एक भावनात्मक और यादगार क्षण रहा, जब निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड अजय कुमार नौडियाल तथा अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा बृजमोहन सिंह रावत सेवा निवृत्त हुए।
इस अवसर पर तीनों निदेशालयों, State Council of Educational Research and Training Uttarakhand (SCERT) एवं SIEMAT Uttarakhand के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरा सभागार भावनाओं, सम्मान और कृतज्ञता से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
अजय कुमार नौडियाल ने अपने कार्यकाल में शिक्षा विभाग के विभिन्न निदेशालयों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कुशल कार्यप्रणाली, प्रशासनिक दक्षता और समन्वयकारी दृष्टिकोण ने विभाग को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने सदैव पारदर्शिता, अनुशासन और परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया।
वहीं बृजमोहन सिंह रावत ने बोर्ड परीक्षाओं के सफल संचालन के साथ-साथ अनेक जनपदों में अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान किया। उनकी कार्यशैली में दृढ़ता, संवेदनशीलता और टीम भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिला। उनके मार्गदर्शन में कई प्रशासनिक एवं शैक्षिक व्यवस्थाएँ सुदृढ़ हुईं।
निदेशक माध्यमिक डॉ मुकुल सती एवं निदेशक अकादमिक बन्दना गर्ब्याल ने दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की। अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी उनके साथ बिताए कार्यकाल को स्मरण करते हुए अनुभव साझा किए। कई क्षण ऐसे आए जब वर्षों की साझी यात्राओं और संघर्षों की यादों ने वातावरण को भावुक कर दिया।
अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी ने कहा कि यह विदाई केवल दो अधिकारियों की सेवा समाप्ति नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायी अध्याय का सम्मानपूर्ण समापन है। उनके द्वारा स्थापित कार्य संस्कृति, प्रशासनिक अनुशासन और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता आने वाले वर्षों में विभाग के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।
शिक्षा विभाग परिवार की ओर से दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को स्वस्थ, सुखद और सार्थक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएँ। उनका अनुभव और मार्गदर्शन समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।