एससीईआरटी उत्तराखण्ड में गणनात्मक कौशल और एकाग्रता का उत्सव
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड द्वारा दिनांक 10 फरवरी 2026 को एससीईआरटी सभागार में राज्य स्तरीय अबेकस प्रतियोगिता का सफल एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता प्रदेश के विद्यार्थियों में गणितीय दक्षता, तार्किक चिंतन एवं मानसिक गणना कौशल को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारम्भ
कार्यक्रम का शुभारम्भ बंदना गर्ब्याल , निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड, पदमेन्द्र सकलानी, अपर निदेशक, एससीईआरटी तथा डॉ. के. एन. बिजल्वाण, सहायक निदेशक, एससीईआरटी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
अपने स्वागत एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में बंदना गर्ब्याल ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि एबेकस जैसी गतिविधियाँ बच्चों में तार्किक सोच, एकाग्रता, स्मरण शक्ति तथा गणनात्मक कौशल को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने और अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड के प्रत्येक जनपद से दो-दो चयनित प्रतिभागियों सहित कुल 25 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु 16 मार्गदर्शक शिक्षक, 6 डायट संकाय सदस्य तथा 5 अभिभावक भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन, उत्साह एवं उत्कृष्ट गणनात्मक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
तीन चरणों में सम्पन्न हुई प्रतियोगिता
राज्य स्तरीय अबेकस प्रतियोगिता को तीन चरणों में सम्पन्न कराया गया—
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प्रथम चरण में सभी 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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द्वितीय चरण के लिए 13 प्रतिभागियों का चयन किया गया।
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द्वितीय चरण में 08 प्रतिभागियों के समान अंक होने के कारण तृतीय चरण आयोजित किया गया।
तृतीय चरण में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 05 प्रतिभागियों का चयन किया गया, जिनमें 02 प्रतिभागी – जनपद बागेश्वर, 01 – पौड़ी गढ़वाल, 01 – चमोली, 01 – उधमसिंह नगर से रहे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पदमेन्द्र सकलानी, अपर निदेशक, एससीईआरटी तथा डॉ. के. एन. बिजल्वाण, सहायक निदेशक, एससीईआरटी द्वारा सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।