Tuesday, July 28, 2026

समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल: साइन एवीआई–मायरा केयर और एससीईआरटी उत्तराखण्ड के बीच सहयोग

 


समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) को नई दिशा देने की दिशा में साइन एवीआई (Shine AV) एवं मायरा केयर की संस्थापक अनीता शर्मा ने  निदेशक अकादमिक वंदना गर्ब्याल से शिष्टाचार भेंट कर हाल ही में आयोजित "National Seminar on Inclusive Education" की विस्तृत रिपोर्ट एवं आकर्षक फोटो कोलाज प्रस्तुत किया। यह राष्ट्रीय संगोष्ठी एससीईआरटी उत्तराखण्ड और Shine AV के संयुक्त सहयोग से आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश भर से 200 से अधिक शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।

इस अवसर पर अनीता शर्मा ने बताया कि संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को समावेशी शिक्षा, विशेष रूप से ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में वर्णित विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें व्यवहारिक दृष्टिकोण से प्रशिक्षित करना था। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता का सबसे बड़ा कारण शिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और बच्चों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता रही।

अनीता शर्मा ने यह भी साझा किया कि संगोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी  ने Shine AV द्वारा विकसित नवाचारों, उनके कक्षाओं में संचालित विशेष पाठ्यक्रमों तथा ऑटिज्म से जुड़े बच्चों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही उन्होंने इस प्रकार के प्रभावी मॉडल को भविष्य में प्रदेश स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

अनीता शर्मा लगभग तीन दशक तक अमेरिका के न्यू जर्सी में ऑटिज्म के क्षेत्र में कार्य करने के बाद अब अपनी मातृभूमि उत्तराखण्ड लौटकर समाज सेवा का संकल्प लेकर आई हैं। उनका उद्देश्य केवल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सम्मानजनक जीवन जीने के योग्य बनाना है। वर्तमान में उनके मायरा केयर एवं Shine AV सेंटर में लगभग 50 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं, जहाँ उन्हें केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि Self-Regulation, Independent Living Skills, Communication Skills तथा जीवनोपयोगी व्यवहारिक दक्षताओं का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

उनकी प्रेरणा का सबसे भावनात्मक पक्ष यह है कि उनके स्वयं के दोनों बच्चे ऑटिज्म से प्रभावित होने के बावजूद आज आत्मनिर्भर हैं, अपना व्यवसाय और कार्य सफलतापूर्वक कर रहे हैं। अपने व्यक्तिगत अनुभवों को उन्होंने हजारों परिवारों की आशा में बदल दिया है। यही अनुभव और संवेदनशीलता आज उन्हें भारत में समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरक व्यक्तित्व बनाती है।

बैठक के दौरान निदेशक अकादमिक वंदना गर्ब्याल ने अनीता शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि आने वाले समय में एससीईआरटी उत्तराखण्ड और Shine AV के बीच सहयोग को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल, समावेशी शिक्षा आधारित पाठ्यक्रम, तथा उत्तराखण्ड की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन शैक्षणिक सामग्री विकसित करने पर संयुक्त रूप से कार्य करने की सहमति व्यक्त की।

इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के अमरीश बिष्ट भी उपस्थित रहे। उन्होंने अनीता शर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए विश्वास दिलाया कि फाउंडेशन भविष्य में उनके प्रयासों से जुड़ेगा तथा विभिन्न संस्थाओं के समक्ष इस प्रकार की पहलों को सहयोग एवं अनुदान (Grant Support) उपलब्ध कराने की अनुशंसा करेगा, ताकि यह मॉडल केवल उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत में समावेशी शिक्षा के लिए एक प्रभावी उदाहरण बन सके।