Wednesday, July 29, 2026

उत्तराखंड SCERT में शिक्षक नेतृत्व शपथ समारोह , NEP वर्षगांठ और यूनेस्को वैश्विक उपलब्धियों का ऐतिहासिक संगम

 

राज्य शिक्षक संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

NEP-2020 की छठी वर्षगांठ, शिक्षक हितों पर मंथन और AI for Education Global Finalist SCERT का हुआ भव्य सम्मान

"शिक्षक केवल शिक्षा का आधार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं।"

देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के भव्य ऑडिटोरियम में आज शिक्षा, नेतृत्व और नवाचार का एक ऐतिहासिक संगम देखने को मिला। अवसर था उत्तराखंड राज्य शिक्षक संघ की नवनिर्वाचित प्रांतीय कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का, जिसमें प्रदेशभर से आए शिक्षकों, शिक्षा अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष सहित सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हुए शिक्षक समाज को नई ऊर्जा एवं नई दिशा प्रदान करने का आह्वान किया।

शिक्षक हितों की बुलंद आवाज

शपथ ग्रहण के पश्चात नवनिर्वाचित अध्यक्ष  रविन्द्र सिंह राणा एवं महामंत्री डॉ. अंकित जोशी ने शिक्षक समुदाय की ओर से अनेक महत्वपूर्ण विषय शिक्षा मंत्री के समक्ष रखे।

मुख्य मांगों में शामिल रहे—

  • समयबद्ध पदोन्नति
  • पारदर्शी स्थानांतरण नीति
  • चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान
  • सेवा संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान
  • शिक्षकों के कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन

अपने संबोधन में अध्यक्ष ने कहा कि—

"यदि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है तो शिक्षकों का मनोबल भी उतना ही मजबूत होना चाहिए। नवाचार के साथ-साथ समय पर पदोन्नति भी आवश्यक है।"

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अनेक शिक्षक 30 से 35 वर्षों से अधिक समय से एक ही पद पर कार्यरत हैं, जो चिंता का विषय है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का आश्वासन

शिक्षा मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक समाज की समस्याओं से सरकार पूर्णतः परिचित है।

उन्होंने बताया कि—

  • कई विषय न्यायालयों एवं वैधानिक प्रक्रियाओं के कारण वर्षों तक लंबित रहे।
  • अब परिस्थितियाँ अनुकूल हो रही हैं।
  • सरकार शिक्षकों के हित में ठोस निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।

सबसे महत्वपूर्ण घोषणा- तीन हजार से अधिक शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ की जाएगी।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार संतुष्ट एवं प्रेरित शिक्षक हैं और सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।

NEP-2020 की छठी वर्षगांठ पर विशेष प्रस्तुति

गुरु पूर्णिमा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की छठी वर्षगांठ के अवसर पर शिक्षा मंत्री ने सभी गुरुजनों को नमन करते हुए राज्य में NEP के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की।

अकादमिक निदेशक बंदना गर्ब्याल के निर्देशन में एन ई पी के समन्वयक 

  • मनोज बहुगुणा
  • रवि दर्शन तोपवाल

द्वारा उत्तराखंड में NEP के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों, नौ प्रमुख परिवर्तनों तथा राज्य में पूर्ण किए गए विभिन्न कार्यों पर प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण दिया गया।

लगभग 200 से अधिक शिक्षक, शिक्षिकाएँ, प्रशिक्षक एवं SCERT प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिभागियों ने इस प्रस्तुति की सराहना की।

विश्व मंच पर SCERT उत्तराखंड की शानदार उपलब्धि


कार्यक्रम का सबसे गौरवपूर्ण क्षण तब आया जब हाल ही में UNESCO एवं AI for Education Global Competition (Geneva) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए SCERT उत्तराखंड को सम्मानित किया गया।

विश्वभर से प्राप्त लगभग 38,000 परियोजनाओं के बीच SCERT उत्तराखंड की परियोजना

"Building Future-Ready Teachers through AI and ICT Enabled MOOCs"

Top-6 Global Finalists में चयनित हुई।

यह उपलब्धि केवल SCERT की नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड एवं भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए गर्व का विषय है।

अकादमिक निदेशक एवं कोर्स समन्वयक का सम्मान

इस अवसर पर अकादमिक निदेशक वंदना गर्ब्याल एवं  कोर्स समन्वयक रमेश बडोनी को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।  पूरा सभागार तालियों की गूंज से गूँज उठा तथा सभी ने SCERT उत्तराखंड एवं विद्यालयी शिक्षा परिवार को इस वैश्विक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान

अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा में ऐतिहासिक परिवर्तन ला रही है।

उन्होंने निर्देश दिए कि—

  •  शिक्षा विज़न डॉक्यूमेंट
  • विद्यालय क्लस्टर
  • सोशल मीडिया
  •  पोस्टर एवं होर्डिंग

के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों एवं सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाया जाए।

उन्होंने कहा—

"सरकारी विद्यालयों में अब लगभग सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक अभिभावक सरकारी विद्यालयों पर विश्वास करें और अपने बच्चों को वहीं शिक्षा दिलाएँ।"

उन्होंने यह भी बताया कि  उत्तराखंड अब देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बन चुका है।

बंदना गर्ब्याल का संदेश

अकादमिक निदेशक बंदना गर्ब्याल ने सभी शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों से आग्रह किया कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक एवं मानवीय मूल्यों को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाते हुए विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें।

उन्होंने कहा— 

"आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की दुनिया के लिए तैयार किया जाना चाहिए।"

कार्यक्रम के अंत में

माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद प्रसाद सेमल्टी ने शिक्षा मंत्री, शिक्षक संघ, विभागीय अधिकारियों एवं उपस्थित सभी शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर

  • अपर निदेशक (प्राथमिक) के. एस. रावत , अपर निदेशक SCERT पदमेंद्र सकलानी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी , SCERT के संकाय सदस्य , प्रदेशभर से आए शिक्षक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

यह कार्यक्रम केवल शपथ ग्रहण समारोह नहीं था, बल्कि—

  • शिक्षक सम्मान
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
  • डिजिटल नवाचार
  • वैश्विक पहचान और उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव भी था।