SKOCH Gold Award 2026, AI for Education Awards में विश्व के शीर्ष छह में स्थान और हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध प्रस्तुति हेतु चयन—उत्तराखण्ड की डिजिटल शिक्षा यात्रा के तीन महत्वपूर्ण पड़ाव।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखण्ड ने शिक्षक क्षमता संवर्धन, डिजिटल शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नवाचारों के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। परिषद द्वारा संचालित “Building Future-Ready Teachers through AI and ICT Enabled MOOCs” पहल ने न केवल प्रदेश के हजारों शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय सम्मान और वैश्विक पहचान भी दिलाई है।
वर्ष 2026 इस पहल के लिए विशेष रूप से उपलब्धियों भरा रहा। एक ओर SCERT उत्तराखण्ड को प्रतिष्ठित SKOCH Gold Award 2026 प्राप्त हुआ, वहीं दूसरी ओर स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित AI for Education Awards 2026 में इस परियोजना को शिक्षक प्रशिक्षण श्रेणी में विश्व के शीर्ष छह फाइनलिस्ट में स्थान मिला। इसी क्रम में परिषद की शिक्षक प्रशिक्षण पहल पर आधारित शोधपत्र को हांगकांग स्थित The Education University of Hong Kong में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन LIET 2026 में प्रस्तुति के लिए स्वीकार किया गया है।
1. SKOCH Gold Award 2026: राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता का सम्मान
26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित 109वें SKOCH Summit में SCERT उत्तराखण्ड की परियोजना “Revolutionizing Teacher Training at Scale: The Success Story of ICT MOOCs via e-Srijan” को शिक्षा क्षेत्र में प्रतिष्ठित SKOCH Gold Award 2026 से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान राज्य में व्यापक स्तर पर संचालित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रभावशीलता, नवाचार, डिजिटल पहुँच और सफल क्रियान्वयन को रेखांकित करता है।
इस अवसर पर SCERT उत्तराखण्ड की निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, श्रीमती बंदना गर्ब्याल ने पुरस्कार प्राप्त किया। परिषद के आईटी विभाग से पाठ्यक्रम समन्वयक श्री रमेश प्रसाद बडोनी भी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर उपस्थित रहे।
यह उपलब्धि इस तथ्य को स्थापित करती है कि पर्वतीय और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य में भी डिजिटल तकनीक के माध्यम से व्यापक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संचालित किया जा सकता है।
2. AI for Education Awards 2026: विश्व के शीर्ष छह में उत्तराखण्ड
जुलाई 2026 में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में आयोजित AI for Good Global Summit के अंतर्गत AI for Education Awards 2026 में SCERT उत्तराखण्ड की परियोजना “Building Future-Ready Teachers through AI and ICT Enabled MOOCs” को Teacher Training Award श्रेणी में विश्व के शीर्ष छह फाइनलिस्ट में चुना गया।
इस वैश्विक प्रतियोगिता में 47 देशों से लगभग 38,000 परियोजनाओं की भागीदारी दर्ज की गई थी। ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखण्ड की शिक्षक प्रशिक्षण पहल को पहचान मिलना प्रदेश और देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस चयन ने उत्तराखण्ड के AI एवं ICT आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने प्रस्तुत किया। विशेष रूप से डिजिटल साक्षरता, AI के जिम्मेदार उपयोग, शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और तकनीक आधारित शिक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।
परियोजना के ग्लोबल फाइनलिस्ट के रूप में चयन से अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ अनुभव साझा करने, नवाचारों का आदान-प्रदान करने तथा AI आधारित शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य के सहयोग की संभावनाएँ भी विकसित हुई हैं।
3. हांगकांग के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन LIET 2026 में शोध प्रस्तुति हेतु चयन
राष्ट्रीय एवं वैश्विक उपलब्धियों की इस श्रृंखला में SCERT उत्तराखण्ड को एक और महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ है। परिषद की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल पर आधारित शोधपत्र:
“Teacher Readiness for AI and ICT Integration: Insights from a Short-Term Online Training Program”
को Learning Innovations and Emerging Technologies Conference 2026 (LIET 2026): PD4AI | AI4PD में प्रस्तुति हेतु स्वीकार किया गया है।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 27 से 29 नवंबर 2026 तक हांगकांग स्थित The Education University of Hong Kong में आयोजित होगा। इसका आयोजन विश्वविद्यालय, UNESCO मुख्यालय, UNESCO IITE, SEAMEO Secretariat तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
SCERT उत्तराखण्ड के आईटी विभाग के संकाय सदस्य एवं MOOCs परियोजना के समन्वयक रमेश प्रसाद बडोनी द्वारा प्रस्तुत शोध प्रस्ताव को सम्मेलन के लिए स्वीकार किया गया है।
इस शोध का मुख्य उद्देश्य अल्पकालिक ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों की AI एवं ICT संबंधी तैयारी, डिजिटल दक्षताओं और कक्षा-कक्ष शिक्षण में तकनीक के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन प्रस्तुत करना है।
यह अवसर उत्तराखण्ड के शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और शिक्षक-शिक्षकों के सामने प्रस्तुत करने तथा भविष्य में अकादमिक सहयोग विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।
4. MOOCs 1.0 एवं 2.0: उपलब्धियों का आधार
इन तीनों उपलब्धियों के केंद्र में SCERT उत्तराखण्ड द्वारा विकसित और विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) के e-Srijan प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम हैं।
MOOC 1.0 – Fundamentals of ICT Tools के अंतर्गत प्रदेश के शिक्षकों को डिजिटल साक्षरता, ई-कंटेंट निर्माण, ICT उपकरणों और कक्षा-कक्ष शिक्षण में तकनीक के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में 54,000 के लगभग शिक्षकों ने पंजीकरण किया और नवीनतम प्रगति के अनुसार 49,000 से अधिक शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया।
इसके अगले चरण MOOC 2.0 – AI-Enabled Teaching-Learning and School Administration के माध्यम से शिक्षकों को AI आधारित पाठयोजना निर्माण, मूल्यांकन, डिजिटल उत्पादकता, शिक्षण सामग्री निर्माण, साइबर सुरक्षा और विद्यालय प्रशासन में तकनीक के उपयोग से परिचित कराया गया। इस चरण में 47,000 से अधिक शिक्षकों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया।
दोनों कार्यक्रमों ने प्रदेश में निरंतर व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development) के लिए एक व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण मॉडल स्थापित किया। विशेष रूप से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों तक ऑनलाइन प्रशिक्षण पहुँचाने में यह पहल महत्वपूर्ण रही।
5. सामूहिक नेतृत्व, समन्वय और तकनीकी सहयोग
इन उपलब्धियों के पीछे विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन, SCERT, DIETs, विद्या समीक्षा केंद्र तथा विषय विशेषज्ञों और तकनीकी टीम का सामूहिक योगदान रहा है।
परियोजना का संचालन SCERT उत्तराखण्ड की निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, श्रीमती बंदना गर्ब्याल के शैक्षिक नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। आईटी विभाग के श्री रमेश प्रसाद बडोनी ने पाठ्यक्रम की अवधारणा, शैक्षिक डिजाइन, AI एकीकरण, पाठ्यक्रम विकास, समन्वय और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों, विषय विशेषज्ञों, पाठ्यक्रम समीक्षकों, ई-कंटेंट निर्माताओं, तकनीकी सहयोगियों और विद्यालयी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता ने इस पहल को व्यापक सफलता प्रदान की।
विद्या समीक्षा केंद्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म, पंजीकरण व्यवस्था, प्रशिक्षण प्रगति की निगरानी तथा तकनीकी सहायता ने बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण संचालन को संभव बनाया।
6. उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा विभाग के लिए महत्व
ये तीनों उपलब्धियाँ केवल पुरस्कार या सम्मेलन में चयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश में शिक्षक शिक्षा के बदलते स्वरूप और भविष्य की दिशा को भी दर्शाती हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर SKOCH Gold Award ने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को पहचान दी। AI for Education Awards में ग्लोबल फाइनलिस्ट के रूप में चयन ने उत्तराखण्ड के मॉडल को विश्व स्तर पर स्थापित करने का अवसर दिया, जबकि हांगकांग सम्मेलन में शोध प्रस्तुति हेतु स्वीकृति ने इस पहल को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक विमर्श से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया।
इन उपलब्धियों से राज्य में भविष्य के MOOCs, AI आधारित शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल मूल्यांकन, समावेशी शिक्षा, ई-कंटेंट निर्माण और अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रेरणा मिलती है।
SCERT उत्तराखण्ड की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि स्पष्ट शैक्षिक दृष्टिकोण, तकनीक का सार्थक उपयोग, प्रभावी नेतृत्व और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से राज्य स्तर की पहल को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।
SKOCH Gold Award 2026, AI for Education Awards 2026 में विश्व के शीर्ष छह में स्थान तथा LIET 2026 हांगकांग में शोध प्रस्तुति हेतु चयन—ये तीनों उपलब्धियाँ उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा विभाग की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं।
यह उपलब्धि प्रदेश के उन हजारों शिक्षकों, शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों और तकनीकी सहयोगियों को समर्पित है, जिन्होंने निरंतर सीखने और नवाचार की भावना के साथ इस पहल को सफल बनाया।
आने वाले समय में SCERT उत्तराखण्ड का लक्ष्य इन अनुभवों को आधार बनाकर अधिक समावेशी, तकनीक-सक्षम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करना है, ताकि उत्तराखण्ड के प्रत्येक शिक्षक को आधुनिक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाया जा सके।
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