पौड़ी गढ़वाल के पाबौ विकासखंड स्थित छोटे से राजकीय प्राथमिक विद्यालय के पांच नन्हे विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर साइबर सुरक्षा गीत और नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को गौरवान्वित किया।
देहरादून/पौड़ी गढ़वाल | 08 अक्टूबर 2026 | विशेष शैक्षिक उपलब्धि
पहाड़ के नन्हे सितारों की राष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धि
उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में नवाचार, रचनात्मक शिक्षण और डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का एक प्रेरणादायक उदाहरण जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड पाबौ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौड़खाल से सामने आया है।
विद्यालय के पांच प्रतिभाशाली विद्यार्थियों दक्षित, अनमोल, आराध्या, यशवंत एवं शीतल ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिता 2026 (National Cyber Security Awareness Competition 2026) की दो अलग-अलग विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय, जनपद एवं उत्तराखंड राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि प्राथमिक कक्षाओं में अध्ययनरत इन बच्चों ने साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण और तकनीकी विषय को गीत-संगीत तथा नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सरल, रोचक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दोहरी सफलता
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (Information Security Education and Awareness – ISEA) पहल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं नागरिकों में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर स्वच्छता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान आयोजित इस राष्ट्रीय पहल में देशभर के विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित करने का अवसर प्रदान किया गया।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौड़खाल के विद्यार्थियों ने दो प्रमुख श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया।
प्रथम उपलब्धि: साइबर स्वच्छता गीत (Cyber Hygiene Song) में प्रथम स्थान
विद्यालय के बच्चों ने साइबर सुरक्षा पर आधारित एक आकर्षक, लयबद्ध और संदेशपूर्ण गीत प्रस्तुत किया।
गीत के माध्यम से बच्चों ने मजबूत पासवर्ड बनाने, अनजान लिंक से सावधान रहने, व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने तथा इंटरनेट का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश दिए।
संगीत और रचनात्मक अभिव्यक्ति का यह प्रयोग दर्शाता है कि कठिन तकनीकी विषयों को भी छोटे बच्चों तक आनंददायक शिक्षण विधियों के माध्यम से प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
द्वितीय उपलब्धि: नुक्कड़ नाटक (Street Play) में प्रथम स्थान
दूसरी श्रेणी में विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल गोपनीयता तथा इंटरनेट पर सुरक्षित व्यवहार से संबंधित विषयों पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
नाटक में बच्चों ने संवाद, अभिनय और वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से यह संदेश दिया कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
इस प्रस्तुति ने यह सिद्ध किया कि प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी भी उपयुक्त मार्गदर्शन मिलने पर साइबर सुरक्षा जैसे समकालीन विषयों को समझकर समाज तक उपयोगी संदेश पहुंचा सकते हैं।
शिक्षक डॉ. अतुल बमराड़ा का नवाचारी मार्गदर्शन
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के पीछे विद्यालय के सहायक अध्यापक डॉ. अतुल बमराड़ा का विशेष शैक्षिक योगदान रहा।
उन्होंने साइबर सुरक्षा जैसे जटिल विषय को प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों की समझ के अनुरूप सरल बनाया और गीत तथा नुक्कड़ नाटक जैसी कला-समेकित शिक्षण विधियों के माध्यम से बच्चों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार किया।
उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने केवल प्रतियोगिता के लिए प्रस्तुतियां तैयार नहीं कीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन जिम्मेदारी और साइबर जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण जीवनोपयोगी कौशल भी सीखे।
यह सफलता दर्शाती है कि एक समर्पित और नवाचारी शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विद्यालय नेतृत्व एवं शिक्षा अधिकारियों ने दी बधाई
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती नंदा रावत ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामूहिक प्रयास की सराहना की।
निदेशक, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखंड, श्रीमती बंदना गर्ब्याल ने इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और मार्गदर्शक शिक्षक को बधाई देते हुए इसे सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शिक्षा की दिशा में प्रेरणादायक सफलता बताया।
इसी क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी, पाबौ, श्री अमित चौहान ने भी विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए इस उपलब्धि को विकासखंड के लिए गौरव का विषय बताया।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौड़खाल की यह सफलता राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उस भावना को साकार करती है, जिसमें अनुभवात्मक अधिगम, कला-समेकित शिक्षण, रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन तथा जीवनोपयोगी कौशलों के विकास पर विशेष बल दिया गया है।
आज डिजिटल तकनीक बच्चों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। ऐसे में प्राथमिक स्तर से ही साइबर सुरक्षा, डिजिटल नागरिकता और जिम्मेदार इंटरनेट व्यवहार के प्रति जागरूकता विकसित करना आवश्यक है।
गीत, नाटक, कहानी, गतिविधि और सामूहिक प्रस्तुति जैसी शिक्षण विधियां बच्चों को जटिल अवधारणाओं को सहज रूप से समझने तथा लंबे समय तक याद रखने में सहायता करती हैं।
यह उपलब्धि उत्तराखंड के अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत है कि वे पाठ्यक्रम आधारित शिक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों को रचनात्मक, व्यावहारिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के अवसर प्रदान करें।
SCERT उत्तराखंड से नन्हे विजेताओं को हार्दिक बधाई
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तराखंड की ओर से राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौड़खाल के पांचों प्रतिभाशाली विद्यार्थियों—दक्षित, अनमोल, आराध्या, यशवंत एवं शीतल—को इस दोहरी राष्ट्रीय सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।
साथ ही मार्गदर्शक शिक्षक डॉ. अतुल बमराड़ा, प्रधानाध्यापिका नंदा रावत तथा विद्यालय से जुड़े सभी शिक्षकों एवं शिक्षा अधिकारियों के प्रयास सराहनीय हैं।
यह उपलब्धि केवल दो राष्ट्रीय पुरस्कारों की सफलता नहीं, बल्कि इस विश्वास की जीत है कि उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
छोटे विद्यालय, बड़े सपने और राष्ट्रीय पहचान—यही है बदलते उत्तराखंड की शिक्षा की प्रेरणादायक तस्वीर।
आधिकारिक परिणामों से उपलब्धि की पुष्टि
प्रतियोगिता के आधिकारिक परिणाम पोर्टल पर उत्तराखंड की दोनों विजेता टीमों का विवरण उपलब्ध है। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दोनों प्रथम पुरस्कार राज्यस्तरीय विजेता श्रेणी में दर्ज हैं, न कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय विजेता श्रेणी में।
प्रतियोगिता | विजेता टीम | पुरस्कार | यूनिक आईडी |
|---|---|---|---|
साइबर सुरक्षा गीत | Anmol & Team | उत्तराखंड में प्रथम | HS08240 |
नुक्कड़ नाटक | Dakshit & Team | उत्तराखंड में प्रथम | NN08241 |
इसलिए प्रकाशन में उपलब्धि को “राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिता 2026 में उत्तराखंड की दो विधाओं में राज्यस्तरीय प्रथम पुरस्कार” लिखना अधिक तथ्यपरक होगा।
